मौलाना साजिद रशीदी ने एक इंटरव्यू में हिंदू संगठनों को लेकर किए अपने टिप्पणियों को लेकर विवादित बयान दिया, जिसमें उन्होंने विशेष रूप से बजरंग दल को “आतंकवादी संगठन की तरह” बताया और कहा कि देश में मुसलमानों को धर्मांतरण या हिंदू संस्कृति में शामिल करने की कोशिश हो रही है, जो उन्हें गम्भीर चिंता का विषय लगता है. रशीदी का यह बयान धार्मिक और राजनीतिक हलकों में तीखी बहस का विषय बन गया है क्योंकि बजरंग दल जैसे हिन्दू संगठनों को भारत में कई लोगों द्वारा सांप्रदायिक स्वयंसेवी और राष्ट्रवादी समूह के रूप में देखा जाता है, जबकि रशीदी ने इसे आतंकवादी संगठन के समान व्यवहार या मानसिकता वाला समूह बताया, जिससे समझौता और अन्य समुदायों के प्रति असहिष्णुता बढ़ सकती है, साथ ही उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओं की स्थिति का उल्लेख करते हुए यह भी कहा कि वहां सामाजिक तनाव की स्थिति है और भारत में भी अलग–अलग समूहों के बीच तनाव पैदा करने की कोशिशें हो रही हैं.
रशीदी के बयान के बाद कई समुदायों और धार्मिक नेताओं द्वारा आलोचना की गई है और विवाद फैल गया है, क्योंकि इस तरह की टिप्पणी से सामाजिक समरसता और सहिष्णुता पर सवाल उठते हैं. कुछ लोगों ने कहा है कि किसी भी धार्मिक या सामाजिक संगठन को बिना पुष्टि के आतंकवादी कहना अनुचित है और इससे सामाजिक विभाजन और असहिष्णुता को हवा मिलेगी. आलोचकों का कहना है कि स्वतंत्र भारत में सभी संस्थाओं और संगठनों को संविधान और कानून के दायरे में ही परखा जाना चाहिए, न कि सिरे से चरम या जघन्य शब्दों से वर्णित किया जाना चाहिए, क्योंकि इस तरह के शब्द न सिर्फ हिंसा के आरोपों को जन्म दे सकते हैं, बल्कि विभिन्न समुदायों के बीच अविश्वास भी पैदा कर सकते हैं. विवाद के बाद रशीदी के बयान को लेकर राजनीतिक और सामाजिक मंचों पर बहस जारी रही है, जिसमें कई लोगों ने बयान के निहितार्थ और उसकी व्याख्या दोनों पर सवाल उठाए हैं, यह भी कि किस हद तक धार्मिक टिप्पणियाँ सांप्रदायिक सौहार्द को प्रभावित करती हैं और किस प्रकार से सार्वजनिक लोग तथ्यों के साथ अपनी प्रतिक्रियाएँ रख सकते हैं.
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।