कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा, "इस मुद्दे पर हम लोग पार्टियों के आधार पर चर्चा नहीं कर रहे हैं बल्कि इस बात पर ध्यान दे रहे हैं कि हम कैसे इस पूरी व्यवस्था में सुधार कर सकते हैं. धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए वरना उन्हें बर्खास्त करना चाहिए।"
Digvijaya Singh ने कहा कि इस मुद्दे पर चर्चा किसी राजनीतिक दल या पार्टीगत हितों के आधार पर नहीं की जा रही है, बल्कि सभी का उद्देश्य व्यवस्था में सुधार लाना और समस्याओं का स्थायी समाधान खोजना है। उनके अनुसार यह विषय राजनीति से ऊपर उठकर सार्वजनिक हित और प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़ा हुआ है।
उन्होंने कहा कि विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि इस मामले में इस बात पर विचार कर रहे हैं कि मौजूदा व्यवस्था में क्या कमियां हैं और उन्हें किस प्रकार दूर किया जा सकता है, ताकि भविष्य में ऐसी परिस्थितियां उत्पन्न न हों। दिग्विजय सिंह ने जोर देते हुए कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में जवाबदेही अत्यंत महत्वपूर्ण होती है और यदि किसी विभाग या मंत्रालय के कामकाज को लेकर गंभीर प्रश्न उठते हैं, तो संबंधित मंत्री को उसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए। इसी संदर्भ में उन्होंने Dharmendra Pradhan के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि उन्हें नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि धर्मेंद्र प्रधान स्वयं इस्तीफा नहीं देते हैं, तो सरकार को उन्हें पद से बर्खास्त करने पर विचार करना चाहिए। कांग्रेस नेता का मानना है कि किसी भी मंत्री की जवाबदेही केवल प्रशासनिक निर्णयों तक सीमित नहीं होती, बल्कि विभाग में उत्पन्न होने वाली समस्याओं और विवादों के लिए भी वह उत्तरदायी होता है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने के लिए यह आवश्यक है कि जिम्मेदारी तय की जाए और आवश्यक होने पर कठोर निर्णय लिए जाएं। दिग्विजय सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी मांग किसी व्यक्तिगत विरोध या राजनीतिक द्वेष से प्रेरित नहीं है, बल्कि व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दृष्टि से की जा रही है।
उनके अनुसार यदि सरकार पारदर्शिता और उत्तरदायित्व के सिद्धांतों का पालन करना चाहती है, तो उसे इस मामले में उचित कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि देश की जनता यह अपेक्षा करती है कि शासन और प्रशासन से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों में जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग अपने कर्तव्यों के प्रति जवाबदेह रहें और यदि किसी स्तर पर गंभीर चूक सामने आती है, तो उसकी जिम्मेदारी स्वीकार की जाए। इस प्रकार दिग्विजय सिंह ने व्यवस्था में सुधार, जवाबदेही और पारदर्शिता की आवश्यकता पर बल देते हुए धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे अथवा उनकी बर्खास्तगी की मांग दोहराई।
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