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Noida Salary Hike Protest: Police swung into action after violent protests in Noida, search for miscreants beg
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Noida Salary Hike Protest: नोएडा में हिंसक प्रदर्शन के बाद एक्शन में आई पुलिस, उपद्रवियों की खोज शुरू!
वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम Published by: Bhaskar Tiwari Updated Tue, 14 Apr 2026 02:30 AM IST
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गौतम बुद्ध नगर पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने कहा, "आज नोएडा में लगभग 83 स्थलों पर करीब 42000 श्रमिक अपनी मांगो को लेकर सड़कों पर उतरे थे। 2 जगहों पर हिंसक प्रदर्शन होने के कारण, न्यूनतम बल का प्रयोग करके कार्रवाई की गई। जिसमें मुकदमे लिखे जा रहे हैं। बाकी 78 जगहों पर वार्ता करके संयम का परिचय देते हुए श्रमिक को तितर बितर कराया गया.कुछ इलाकों में खासकर जो अन्य जनपदों की सीमा से लगे हैं, वहां गैर जनपदों से एक जत्था आया और वहां घूमकर माहौल को उत्तेजक और हिंसक बनाने की कोशिश की। इस जत्थे में से कुछ लोग हमारी गिरफ्त में आए हैं बाकियों की CCTV के माध्यम से पहचान करके उनपर कार्रवाई की जा रही है
Laxmi Singh द्वारा दिए गए बयान के अनुसार, Noida में हाल ही में बड़े स्तर पर श्रमिकों का प्रदर्शन देखने को मिला, जिसमें लगभग 83 विभिन्न स्थानों पर करीब 42,000 श्रमिक अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे। यह प्रदर्शन मुख्यतः मजदूरों से जुड़े मुद्दों—जैसे वेतन, काम की स्थिति, नौकरी की सुरक्षा और अन्य श्रम अधिकारों—को लेकर आयोजित किया गया था। इतने बड़े पैमाने पर हुए इस विरोध प्रदर्शन ने प्रशासन के लिए कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती खड़ी कर दी। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने बताया कि अधिकांश स्थानों पर स्थिति को शांतिपूर्ण तरीके से संभाल लिया गया, जहाँ पुलिस और प्रशासन ने श्रमिकों के साथ बातचीत कर उन्हें समझाया और संयम बनाए रखने की अपील की।
हालांकि, सभी जगह स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण नहीं रही। उन्होंने जानकारी दी कि दो स्थानों पर प्रदर्शन हिंसक हो गया, जहाँ कुछ प्रदर्शनकारियों ने आक्रामक रुख अपनाया, जिससे कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका पैदा हो गई। ऐसी स्थिति में पुलिस को न्यूनतम बल का प्रयोग करना पड़ा ताकि हालात को नियंत्रण में लाया जा सके और किसी बड़ी घटना को रोका जा सके। पुलिस की इस कार्रवाई का उद्देश्य केवल स्थिति को सामान्य करना और जन-सुरक्षा सुनिश्चित करना था। इन घटनाओं के संबंध में मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं और संबंधित व्यक्तियों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
वहीं, बाकी लगभग 78 स्थानों पर पुलिस ने धैर्य और संवाद का रास्ता अपनाया। अधिकारियों और पुलिस कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर श्रमिकों से बातचीत की, उनकी समस्याओं को सुना और उन्हें शांतिपूर्वक प्रदर्शन समाप्त करने के लिए राजी किया। इस दौरान श्रमिकों ने भी संयम का परिचय दिया और धीरे-धीरे वहां से हट गए, जिससे किसी भी प्रकार की बड़ी अव्यवस्था या नुकसान की स्थिति नहीं बनी।
इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस प्रशासन ने संतुलित दृष्टिकोण अपनाने का प्रयास किया, जिसमें एक ओर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए, वहीं दूसरी ओर संवाद और समझदारी के जरिए हालात को संभालने की कोशिश की गई। लक्ष्मी सिंह के अनुसार, प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो और शहर में शांति बनी रहे, साथ ही श्रमिकों की आवाज भी सुनी जाए।
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