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Republic Day Parade 2026: Women power including Simran Bala created history on Republic Day.
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Republic Day Parade 2026: गणतंत्र दिवस पर सिमरन बाला समेत नारी शक्ति ने रच दिया इतिहास।
अमर उजाला डिजिटल डॉट कॉम Published by: आदर्श Updated Mon, 26 Jan 2026 06:57 PM IST
गणतंत्र दिवस 2026: परेड में नारी शक्ति का दबदबा, महिलाओं ने दिखाया शौर्य और नेतृत्वनई दिल्ली, 26 जनवरी 2026: आज 77वें गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर आयोजित भव्य परेड ने महिलाओं की सशक्तिकरण की एक नई मिसाल पेश की। इस वर्ष की परेड में नारी शक्ति का प्रमुख प्रदर्शन रहा, जहां महिलाओं ने सैन्य बलों में नेतृत्वकारी भूमिकाएं निभाईं और देश की सैन्य ताकत के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत को भी उजागर किया। परेड में महिलाओं की अधिकतम भागीदारी ने साबित किया कि भारत महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
परेड की शुरुआत से ही महिलाओं का दबदबा दिखाई दिया। सीआरपीएफ और एसएसबी की ऑल-वुमन कंटिंजेंट ने असिस्टेंट कमांडेंट सीमा नाग के नेतृत्व में मार्च पास्ट किया, जो महिलाओं के शौर्य और अनुशासन का प्रतीक बना।
यह कंटिंजेंट पारंपरिक रूप से पुरुष-प्रधान सैन्य परेड में महिलाओं की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है। इसके अलावा, सीआरपीएफ अधिकारी सिमरन बाला ने पहली बार एक ऑल-मेल कंटिंजेंट का नेतृत्व किया, जो महिलाओं के नेतृत्व क्षमता को रेखांकित करता है।
इस वर्ष की परेड में कुल 16 मार्चिंग कंटिंजेंट्स में से अधिकांश में महिलाओं की प्रमुख भागीदारी रही।
भारतीय नौसेना ने प्राचीन समुद्री गौरव, आधुनिक नौसेना और महिलाओं के सशक्तिकरण पर फोकस करते हुए अपनी झांकी प्रस्तुत की।
मध्य प्रदेश की झांकी में अहिल्याबाई होल्कर की विरासत को दिखाया गया, जहां महिलाओं की ऐतिहासिक भूमिका को सम्मान दिया गया।
महाराष्ट्र की झांकी में महिलाओं ने पारंपरिक 'लेजिम' नृत्य प्रस्तुत किया, जो गणेशोत्सव की सांस्कृतिक झलक दिखाता है।
एक ऐतिहासिक पहल के रूप में, महिला पायलट सिमरनबाला ने 251 आर्मी एविएशन स्क्वाड्रन का नेतृत्व किया, जो पहली बार हुआ।
सशस्त्र बलों में महिलाओं की इस प्रमुख भूमिका ने दर्शाया कि पिछले दशकों में गणतंत्र दिवस परेड में महिलाओं की भागीदारी कैसे विकसित हुई है – शुरुआती मील के पत्थरों से लेकर ऑल-वुमन कंटिंजेंट्स तक।
परेड के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी महिलाओं की भूमिका की सराहना की, और कहा कि यह नारी शक्ति का प्रतीक है जो भारत को मजबूत बना रही है।
संविधान निर्माण में योगदान देने वाली 15 महिलाओं को भी याद किया गया, जो गणतंत्र की नींव में महिलाओं के योगदान को उजागर करता है।
यह परेड न केवल सैन्य शक्ति का प्रदर्शन थी, बल्कि महिलाओं के सशक्तिकरण का एक जीवंत उदाहरण भी, जो युवा पीढ़ी को प्रेरित करेगी। गणतंत्र दिवस 2026 की यह परेड इतिहास में 'नारी शक्ति' के रूप में दर्ज हो गई है।
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