{"_id":"6a8c61fb1fd6a2ad86031db9","slug":"video-rain-increases-water-inflow-into-dams-bhavni-and-jamdar-gates-opened-2026-08-24","type":"video","status":"publish","title_hn":"बारिश से बांधों में पानी की आवक बढ़ी, भावनी और जमड़ार के गेट खुले","category":{"title":"Local","title_hn":"लोकल","slug":"local"}}
बारिश से बांधों में पानी की आवक बढ़ी, भावनी और जमड़ार के गेट खुले
नीरज नरवरिया
Updated Mon, 24 Aug 2026 08:53 PM IST
Link Copied
ललितपुर। जिले में पिछले दो-तीन दिनों से हो रही झमाझम बारिश से भावनी और जमड़ार बांधों में पानी की आवक बढ़ गई है। जलस्तर निर्धारित सीमा से अधिक पहुंचने पर सिंचाई विभाग ने दोनों बांधों के गेट खोलकर अतिरिक्त पानी की निकासी शुरू कर दी है। गेट खोले जाने से पहले विभाग ने बांधों के निचले इलाकों में अलर्ट जारी कर लोगों से नदी किनारे न जाने की अपील की है।
इस साल जून और जुलाई में मानसून की बारिश मानक से कम होने के कारण लोग सूखे की आशंका से चिंतित थे। अगस्त में मानसून सक्रिय होने के बाद जिले के विभिन्न क्षेत्रों में झमाझम बारिश का दौर शुरू हुआ। बारिश से नदी-नालों में पानी बढ़ने लगा और यह पानी बांधों तक पहुंचने से जलस्तर में भी लगातार इजाफा हुआ।
पिछले दो-तीन दिनों से जिले के विभिन्न हिस्सों में हुई तेज बारिश से नदी-नाले उफान पर आ गए। तहसील तालबेहट के बार क्षेत्र में स्थित भावनी बांध और महरौनी तहसील क्षेत्र में स्थित जमड़ार बांध के कैचमेंट एरिया में भी अच्छी बारिश हुई। इससे दोनों बांधों में पानी की आवक बढ़ गई और जलस्तर निर्धारित सीमा से अधिक पहुंचने लगा।
जलस्तर नियंत्रित करने के लिए रविवार को जमड़ार बांध का एक गेट खोलकर पानी की निकासी की गई थी। बांध में पानी की आवक लगातार अधिक बनी रहने के कारण सोमवार दोपहर दो गेट खोलकर 2013 क्यूसेक पानी छोड़ा जाने लगा। वहीं भावनी बांध में भी पानी की आवक बढ़ने और जलस्तर बढ़ने पर सोमवार शाम पांच बजे गेट खोल दिए गए। यहां से 2051 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है।
बांधों के गेट खोले जाने से पहले सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया। लोगों से नदी और नालों के किनारे न जाने की अपील की गई है। सिंचाई विभाग के अधिकारी दोनों बांधों के जलस्तर और पानी की आवक पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
निर्धारित जलस्तर होने पर बंद होंगे गेट
सिंचाई निर्माण खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता अजय कुमार ने बताया कि जमड़ार और भावनी बांध के कैचमेंट एरिया में बारिश होने से दोनों बांधों में पानी की आवक बढ़ी है। जलस्तर निर्धारित सीमा से अधिक पहुंचने पर उसे नियंत्रित करने के लिए गेट खोलकर अतिरिक्त पानी की निकासी की जा रही है। जलस्तर निर्धारित होने पर गेट बंद कर दिए जाएंगे।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।