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Trinamool Congress (TMC) Split: Rebel TMC Faction Elects Ritabrata as Leader of the Opposition
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Trinamool Congress TMC Split: TMC के बागी गुट ने ऋतब्रत को चुना नेता विपक्ष
अमर उजाला डिजिटल डॉट कॉम Published by: Adarsh Jha Updated Wed, 03 Jun 2026 09:21 PM IST
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पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर चल रहा आंतरिक संघर्ष अब खुलकर सामने आ गया है। पार्टी से निष्कासित और निलंबित नेताओं के दावों ने संकेत दिए हैं कि टीएमसी के अंदर दो स्पष्ट धड़े बन चुके हैं। बागी नेता ऋतब्रत बनर्जी ने दावा किया है कि उनके गुट को 58 विधायकों का समर्थन प्राप्त है और विधानसभा अध्यक्ष ने उनके विधायक दल की दावेदारी स्वीकार कर ली है।
ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि उनके गुट ने उन्हें नेता विपक्ष चुना है। उन्होंने यह भी दावा किया कि नेता विपक्ष का कार्यालय उनके लिए खोल दिया गया है और दो अन्य विधायक भी जल्द उनके गुट में शामिल हो सकते हैं। बागी खेमे ने अखरुज्जमान को चीफ व्हिप नियुक्त किया है, जबकि जावेद अहमद खान, संदीपन साहा, सबीना यास्मीन और शिउली साहा को उपनेता बनाया गया है। इन सभी नियुक्तियों की जानकारी विधानसभा अध्यक्ष को सौंपे जाने का दावा भी किया गया है।
ऋतब्रत ने कहा कि उन्होंने पार्टी के भीतर भ्रष्टाचार और संगठनात्मक मुद्दों को उठाने की कोशिश की थी, लेकिन उनकी बातों को नजरअंदाज किया गया। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि उनके गुट का अभिषेक बनर्जी से कोई राजनीतिक तालमेल नहीं है। साथ ही उन्होंने ममता बनर्जी से विधायक दल का मुख्य सलाहकार बनने की अपील करने की बात कही।
दूसरी ओर, निष्कासित नेता संदीपन साहा ने भी दावा किया कि नेता विपक्ष का कमरा आधिकारिक रूप से आवंटित कर दिया गया है। उन्होंने अभिषेक बनर्जी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी की मौजूदा स्थिति के लिए नेतृत्व को जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
हालांकि टीएमसी नेतृत्व ने इन दावों को खारिज कर दिया है। पार्टी नेता कुणाल घोष ने कहा कि निष्कासित विधायक नेता विपक्ष नहीं बन सकते। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग पत्र दिए गए हैं और कई विधायकों के हस्ताक्षर दोनों पत्रों में मौजूद हैं। ऐसे में मामले की कानूनी और संसदीय जांच होगी।
बंगाल की राजनीति में यह विवाद आने वाले दिनों में और गहरा सकता है। यदि बागी गुट अपने समर्थन के दावे को साबित करने में सफल रहता है, तो विधानसभा के भीतर राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं।
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