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Oil Tanker: यूक्रेन युद्ध के बीच रूस को झटका; फ्रांसीसी कमांडो ने पकड़ा प्रतिबंधित तेल टैंकर, जानें सबकुछ
पेरिस, पीटीआई
Published by: रिया दुबे
Updated Mon, 01 Jun 2026 02:47 PM IST
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सार
फ्रांसीसी नौसेना ने ब्रिटेन के सहयोग से रूस से आ रहे प्रतिबंधित तेल टैंकर टगोर को अटलांटिक महासागर में रोककर उसकी जांच की। राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और समुद्री कानूनों का उल्लंघन करने वाले जहाजों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
क्या बोले मैक्रों?
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
यूक्रेन युद्ध के बीच रूस के तेल निर्यात पर शिकंजा कसने की कोशिशों में फ्रांस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। फ्रांसीसी नौसेना ने ब्रिटेन के सहयोग से रूस से आ रहे प्रतिबंधित तेल टैंकर 'टगोर' (Tagor) को अटलांटिक महासागर में रोक लिया। यह कदम उन देशों की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है जो यूक्रेन का समर्थन कर रहे हैं और रूस की युद्ध मशीन को मिलने वाली आर्थिक मदद को कमजोर करना चाहते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, तेल से होने वाली कमाई रूस की अर्थव्यवस्था का अहम आधार है। इसी आय के जरिए राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन यूक्रेन में जारी युद्ध पर भारी खर्च कर रहे हैं, जबकि घरेलू अर्थव्यवस्था पर दबाव को सीमित रखने की कोशिश भी कर रहे हैं।
फ्रांसीसी नौसेना इससे पहले भी रूस से जुड़े होने के संदेह वाले कई टैंकरों को रोक चुकी है। मार्च में भूमध्य सागर में 'डेयना' नामक टैंकर की जांच की गई थी। वहीं जनवरी में पकड़े गए ‘ग्रिंच’ टैंकर को फरवरी में कई मिलियन यूरो का जुर्माना भरने के बाद रिहा किया गया था।
क्या बोले मैक्रों?
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रविवार को नौसेना के जवानों ने जहाज पर चढ़कर जांच की। मैक्रों ने एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें हेलीकॉप्टर से एक कमांडो को जहाज पर उतरते हुए देखा जा सकता है।
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La Marine nationale a arraisonné hier matin un nouveau pétrolier sous sanctions internationales en provenance de Russie : le Tagor. Notre détermination est constante et totale.
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Cette intervention a été effectuée en Atlantique, en haute mer,… pic.twitter.com/zxEslYjbUE— Emmanuel Macron (@EmmanuelMacron) June 1, 2026
मैक्रों का सख्त संदेश
मैक्रों ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को दरकिनार करना, समुद्री कानूनों का उल्लंघन करना और यूक्रेन के खिलाफ रूस के युद्ध को वित्तीय मदद देना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे जहाज न केवल नियमों की अनदेखी करते हैं, बल्कि पर्यावरण और समुद्री सुरक्षा के लिए भी खतरा बनते हैं।विशेषज्ञों के अनुसार, तेल से होने वाली कमाई रूस की अर्थव्यवस्था का अहम आधार है। इसी आय के जरिए राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन यूक्रेन में जारी युद्ध पर भारी खर्च कर रहे हैं, जबकि घरेलू अर्थव्यवस्था पर दबाव को सीमित रखने की कोशिश भी कर रहे हैं।
पश्चिम देशों का रूस पर गंभीर आरोप
पश्चिमी देशों का आरोप है कि रूस प्रतिबंधों से बचने के लिए सैकड़ों जहाजों के एक तथाकथित 'शैडो फ्लीट' का इस्तेमाल कर रहा है। ये जहाज अक्सर अपनी पहचान छिपाकर या नियमों को दरकिनार कर तेल का परिवहन करते हैं। फ्रांस समेत कई यूरोपीय देशों ने ऐसे जहाजों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संकल्प लिया है।फ्रांसीसी नौसेना इससे पहले भी रूस से जुड़े होने के संदेह वाले कई टैंकरों को रोक चुकी है। मार्च में भूमध्य सागर में 'डेयना' नामक टैंकर की जांच की गई थी। वहीं जनवरी में पकड़े गए ‘ग्रिंच’ टैंकर को फरवरी में कई मिलियन यूरो का जुर्माना भरने के बाद रिहा किया गया था।