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World Updates: दक्षिण कोरिया में एयरोस्पेस संयंत्र में भीषण धमाका, चार लोगों की मौत; बचाव कार्य जारी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला।
Published by: राकेश कुमार
Updated Mon, 01 Jun 2026 12:22 PM IST
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दक्षिण कोरिया के मध्य शहर डेजॉन में रक्षा कंपनी हनवा एयरोस्पेस के कारखाने में सोमवार को हुए विस्फोट में चार लोग मारे गए और दो अन्य घायल हो गए। अधिकारियों को सुबह 10:59 बजे विस्फोट की सूचना मिली और वे हताहतों की सही संख्या की पुष्टि करने में जुटे हैं। योनहाप समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, घटनास्थल पर भेजी गई दमकल कर्मी आग बुझाने में जुटे हुए थे। पुलिस और दमकल अधिकारियों का मानना है कि विस्फोट कारखाने की पहली मंजिल पर हुआ था और आग बुझने के बाद वे घटना के सटीक कारण की जांच करने की योजना बना रहे हैं।
शिन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार, पुलिस ने पुष्टि की है कि देश की अग्रणी एयरोस्पेस और रक्षा कंपनी हनवा एयरोस्पेस के संयंत्र में हुई दुर्घटना में चार लोगों की मौत और दो लोग घायल हुए हैं। दमकल अधिकारियों ने स्थानीय समयानुसार सुबह लगभग 11:17 बजे आग बुझाने के लिए स्तर-1 की प्रतिक्रिया जारी की और आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया। अधिकारियों ने बताया है कि दक्षिण कोरिया के प्रधानमंत्री किम मिन-सेओक ने हनवा एयरोस्पेस कारखाने में हुए विस्फोट के बाद बचाव कार्यों के लिए उपकरणों और कर्मियों को पूरी तरह से जुटाने का आदेश दिया है।
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शिन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार, पुलिस ने पुष्टि की है कि देश की अग्रणी एयरोस्पेस और रक्षा कंपनी हनवा एयरोस्पेस के संयंत्र में हुई दुर्घटना में चार लोगों की मौत और दो लोग घायल हुए हैं। दमकल अधिकारियों ने स्थानीय समयानुसार सुबह लगभग 11:17 बजे आग बुझाने के लिए स्तर-1 की प्रतिक्रिया जारी की और आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया। अधिकारियों ने बताया है कि दक्षिण कोरिया के प्रधानमंत्री किम मिन-सेओक ने हनवा एयरोस्पेस कारखाने में हुए विस्फोट के बाद बचाव कार्यों के लिए उपकरणों और कर्मियों को पूरी तरह से जुटाने का आदेश दिया है।
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इटली में इबोला का खौफ: काग्लियारी के अस्पताल में संदिग्ध मरीज भर्ती, जांच रिपोर्ट का इंतजार
इटली के काग्लियारी शहर में इबोला वायरस का एक संदिग्ध मामला सामने आने से हड़कंप मच गया है। कांगो से लौटे एक मरीज में इबोला के लक्षण दिखने के बाद उसे सारदीनिया की राजधानी के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मरीज को इस समय अस्पताल के इन्फेक्शियस डिजीज विभाग में पूरी तरह आइसोलेशन (अलग) में रखा गया है। संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए अस्पताल में सभी सुरक्षा नियम लागू कर दिए गए हैं।
मरीज के टेस्ट सैंपल हवाई एम्बुलेंस के जरिए रोम की प्रसिद्ध स्पालनजानी लैब में जांच के लिए भेजे गए हैं। इटली की सरकार इस स्थिति पर करीब से नजर बनाए हुए है। कांगो में फैले बुंडिबुग्यो इबोला वायरस को देखते हुए इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने यूरोपीय संघ से अपनी सीमाओं पर निगरानी बढ़ाने की अपील की है। साथ ही, इटली अपने विशेषज्ञों की एक टीम भी कांगो भेज रहा है।
इटली के काग्लियारी शहर में इबोला वायरस का एक संदिग्ध मामला सामने आने से हड़कंप मच गया है। कांगो से लौटे एक मरीज में इबोला के लक्षण दिखने के बाद उसे सारदीनिया की राजधानी के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मरीज को इस समय अस्पताल के इन्फेक्शियस डिजीज विभाग में पूरी तरह आइसोलेशन (अलग) में रखा गया है। संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए अस्पताल में सभी सुरक्षा नियम लागू कर दिए गए हैं।
मरीज के टेस्ट सैंपल हवाई एम्बुलेंस के जरिए रोम की प्रसिद्ध स्पालनजानी लैब में जांच के लिए भेजे गए हैं। इटली की सरकार इस स्थिति पर करीब से नजर बनाए हुए है। कांगो में फैले बुंडिबुग्यो इबोला वायरस को देखते हुए इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने यूरोपीय संघ से अपनी सीमाओं पर निगरानी बढ़ाने की अपील की है। साथ ही, इटली अपने विशेषज्ञों की एक टीम भी कांगो भेज रहा है।
जेलेंस्की की अमेरिका को चेतावनी: मिसाइलों की कमी से दुनिया में आ सकता है बड़ा संकट
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने कहा है कि अमेरिका में एंटी-बैलिस्टिक मिसाइलों का उत्पादन बहुत कम है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस कमी के कारण दुनिया के कई हिस्सों में सुरक्षा संकट खड़ा हो सकता है। जेलेंस्की के मुताबिक, रूस लगातार अपनी बैलिस्टिक मिसाइलों का उत्पादन बढ़ा रहा है, जबकि अमेरिका में हर महीने केवल 60-65 एंटी-बैलिस्टिक मिसाइलें ही बन रही हैं, जो मौजूदा चुनौतियों के सामने कुछ भी नहीं हैं।
जेलेंस्की ने इस संबंध में व्हाइट हाउस और अमेरिकी कांग्रेस को पत्र लिखा है। उन्होंने मांग की है कि अमेरिका यूक्रेन को 'पैट्रियट' मिसाइलें बनाने का लाइसेंस दे ताकि वे खुद इसका उत्पादन बढ़ा सकें। जेलेंस्की ने यह भी बताया कि रूस ने दिसंबर 2025 से युद्ध के मैदान में अपनी बढ़त खोनी शुरू कर दी है। उन्होंने सर्दियों से पहले बातचीत के जरिए कूटनीतिक रास्ता निकालने की जरूरत पर भी जोर दिया।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने कहा है कि अमेरिका में एंटी-बैलिस्टिक मिसाइलों का उत्पादन बहुत कम है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस कमी के कारण दुनिया के कई हिस्सों में सुरक्षा संकट खड़ा हो सकता है। जेलेंस्की के मुताबिक, रूस लगातार अपनी बैलिस्टिक मिसाइलों का उत्पादन बढ़ा रहा है, जबकि अमेरिका में हर महीने केवल 60-65 एंटी-बैलिस्टिक मिसाइलें ही बन रही हैं, जो मौजूदा चुनौतियों के सामने कुछ भी नहीं हैं।
जेलेंस्की ने इस संबंध में व्हाइट हाउस और अमेरिकी कांग्रेस को पत्र लिखा है। उन्होंने मांग की है कि अमेरिका यूक्रेन को 'पैट्रियट' मिसाइलें बनाने का लाइसेंस दे ताकि वे खुद इसका उत्पादन बढ़ा सकें। जेलेंस्की ने यह भी बताया कि रूस ने दिसंबर 2025 से युद्ध के मैदान में अपनी बढ़त खोनी शुरू कर दी है। उन्होंने सर्दियों से पहले बातचीत के जरिए कूटनीतिक रास्ता निकालने की जरूरत पर भी जोर दिया।
भारत आएंगी ब्रिटिश विदेश मंत्री वैश्विक चुनौतियों पर होगी चर्चा
ब्रिटेन की विदेश सचिव यवेट कूपर सोमवार से चीन और भारत की यात्रा शुरू करेंगी। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य वैश्विक चुनौतियों से निपटना और आपसी सहयोग मजबूत करना है। ब्रिटिश विदेश मंत्रालय के अनुसार, इन दो प्रमुख शक्तियों के साथ वार्ता में हॉर्मुज, यूक्रेन रूस युद्ध, अफ्रीका में इबोला के प्रकोप जैसे मुद्दे शामिल रहेंगे। कूपर बृहस्पतिवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ वार्ता करेंगी।
ब्रिटेन की विदेश सचिव यवेट कूपर सोमवार से चीन और भारत की यात्रा शुरू करेंगी। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य वैश्विक चुनौतियों से निपटना और आपसी सहयोग मजबूत करना है। ब्रिटिश विदेश मंत्रालय के अनुसार, इन दो प्रमुख शक्तियों के साथ वार्ता में हॉर्मुज, यूक्रेन रूस युद्ध, अफ्रीका में इबोला के प्रकोप जैसे मुद्दे शामिल रहेंगे। कूपर बृहस्पतिवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ वार्ता करेंगी।
तुर्किये में सड़क हादसा, पर्यटक बस जलकर खाक, 8 की मौत
पश्चिमी तुर्किये के डेनिजली प्रांत में रविवार तड़के एक पर्यटक बस रेलिंग से टकराकर आग की लपटों में घिर गई। इस भीषण हादसे में नौ महीने के मासूम समेत आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि 33 अन्य घायल हुए हैं। यह बस इजमिर शहर से अंताल्या जा रही थी। हादसे के तुरंत बाद घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। तुर्किये के अधिकारियों ने इस दर्दनाक घटना की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल अधिक विवरण की प्रतीक्षा है।
पश्चिमी तुर्किये के डेनिजली प्रांत में रविवार तड़के एक पर्यटक बस रेलिंग से टकराकर आग की लपटों में घिर गई। इस भीषण हादसे में नौ महीने के मासूम समेत आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि 33 अन्य घायल हुए हैं। यह बस इजमिर शहर से अंताल्या जा रही थी। हादसे के तुरंत बाद घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। तुर्किये के अधिकारियों ने इस दर्दनाक घटना की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल अधिक विवरण की प्रतीक्षा है।
सुरक्षा आशंका के बीच स्पेन जा रही यूनाइटेड एयरलाइंस की उड़ान लौटी
अमेरिका के नेवार्क लिबर्टी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से स्पेन के पाल्मा डी मयोर्का जा रही यूनाइटेड एयरलाइंस की एक उड़ान शनिवार को सुरक्षा संबंधी आशंका के कारण बीच रास्ते से वापस लौट आई। बोइंग 767 विमान शाम करीब छह बजे रवाना हुआ था, लेकिन रात 9:37 बजे नेवार्क लौट आया। विमान में 190 यात्री और चालक दल के 12 सदस्य सवार थे। एयर ट्रैफिक कंट्रोल की ध्वनि संदेश के अनुसार, किसी व्यक्ति ने अपने ब्लूटूथ डिवाइस का नाम चार अक्षरों वाले एक संदिग्ध शब्द पर रखा था।
अमेरिका के नेवार्क लिबर्टी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से स्पेन के पाल्मा डी मयोर्का जा रही यूनाइटेड एयरलाइंस की एक उड़ान शनिवार को सुरक्षा संबंधी आशंका के कारण बीच रास्ते से वापस लौट आई। बोइंग 767 विमान शाम करीब छह बजे रवाना हुआ था, लेकिन रात 9:37 बजे नेवार्क लौट आया। विमान में 190 यात्री और चालक दल के 12 सदस्य सवार थे। एयर ट्रैफिक कंट्रोल की ध्वनि संदेश के अनुसार, किसी व्यक्ति ने अपने ब्लूटूथ डिवाइस का नाम चार अक्षरों वाले एक संदिग्ध शब्द पर रखा था।
इस्राइल का लेबनान के किले पर 26 साल बाद फिर कब्जा, दुर्गम इलाके में लड़ाई के बाद पाई सफलता
इस्राइली सैनिकों ने दक्षिणी लेबनान में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण एक पहाड़ी पर स्थित किले पर फिर से कब्जा कर लिया है। यह 26 वर्षों से अधिक समय में लेबनान में इस्राइली सेना का सबसे भीतरी क्षेत्र में किया गया कब्जा है। इस्राइल का वर्ष 2000 में लेबनान से वापसी से पहले 18 वर्ष तक इस किले पर कब्जा था।
रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज ने इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए सेना की तारीफ की है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब इस्राइल व लेबनान वाशिंगटन में सीधी वार्ता कर रहे हैं। इस्राइली सेना ने नबातियेह शहर के पास स्थित ब्यूफोर्ट किले पर आसपास के गांवों में कई दिन तक चली भीषण लड़ाई और हवाई हमलों के बाद कब्जा किया। इस्राइली सैनिकों ने इन गांवों के दुर्गम इलाके में हिजबुल्ला सदस्यों से लड़ाई लड़ी। किले पर कब्जा करना इस्राइल के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। खासकर तब जबकि मार्च की शुरुआत में इस्राइल-हिजबुल्ला के बीच ताजा युद्ध शुरू हुआ है।
इस बीच इस्राइली सेना ने कहा कि उसने कुछ दिन पहले ब्यूफोर्ट रिज और उसके दक्षिण में स्थित सुलुकी घाटी में एक अभियान शुरू किया था। इसका उद्देश्य हिजबुल्ला के बुनियादी ढांचे को खत्म करना और इस्राइली नागरिकों के लिए सीधे खतरों को समाप्त करना था। सेना जरूरत पड़ने पर इस अभियान का विस्तार करने के लिए तैयार है।
इस्राइली सैनिकों ने दक्षिणी लेबनान में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण एक पहाड़ी पर स्थित किले पर फिर से कब्जा कर लिया है। यह 26 वर्षों से अधिक समय में लेबनान में इस्राइली सेना का सबसे भीतरी क्षेत्र में किया गया कब्जा है। इस्राइल का वर्ष 2000 में लेबनान से वापसी से पहले 18 वर्ष तक इस किले पर कब्जा था।
रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज ने इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए सेना की तारीफ की है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब इस्राइल व लेबनान वाशिंगटन में सीधी वार्ता कर रहे हैं। इस्राइली सेना ने नबातियेह शहर के पास स्थित ब्यूफोर्ट किले पर आसपास के गांवों में कई दिन तक चली भीषण लड़ाई और हवाई हमलों के बाद कब्जा किया। इस्राइली सैनिकों ने इन गांवों के दुर्गम इलाके में हिजबुल्ला सदस्यों से लड़ाई लड़ी। किले पर कब्जा करना इस्राइल के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। खासकर तब जबकि मार्च की शुरुआत में इस्राइल-हिजबुल्ला के बीच ताजा युद्ध शुरू हुआ है।
इस बीच इस्राइली सेना ने कहा कि उसने कुछ दिन पहले ब्यूफोर्ट रिज और उसके दक्षिण में स्थित सुलुकी घाटी में एक अभियान शुरू किया था। इसका उद्देश्य हिजबुल्ला के बुनियादी ढांचे को खत्म करना और इस्राइली नागरिकों के लिए सीधे खतरों को समाप्त करना था। सेना जरूरत पड़ने पर इस अभियान का विस्तार करने के लिए तैयार है।
शुल्क वापसी की अनुमति वाले आदेश को चुनौती देंगे ट्रंप
अमेरिकी शीर्ष अदालत के आदेश के बाद शुल्क वापसी की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन इस पर रोक लग सकती है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन संघीय न्यायाधीश के आदेश के खिलाफ अपील करने के बारे में सोच रहा है। शीर्ष अदालत के फैसले के बाद बड़े व छोटे कारोबारियों को टैरिफ रिफंड मिलना शुरू हो चुका है। सुप्रीम कोर्ट ने फैसले में कहा था कि ट्रंप के पास अधिक आयात कर लगाने का सांविधानिक अधिकार नहीं है।
अमेरिकी शीर्ष अदालत के आदेश के बाद शुल्क वापसी की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन इस पर रोक लग सकती है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन संघीय न्यायाधीश के आदेश के खिलाफ अपील करने के बारे में सोच रहा है। शीर्ष अदालत के फैसले के बाद बड़े व छोटे कारोबारियों को टैरिफ रिफंड मिलना शुरू हो चुका है। सुप्रीम कोर्ट ने फैसले में कहा था कि ट्रंप के पास अधिक आयात कर लगाने का सांविधानिक अधिकार नहीं है।
चीन में अवैध खदान धंसी, पांच की मौत
चीन में अवैध खोदाई के दौरान खदान धंस गई। इसमें पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि एक घायल हो गया। चीन की आधिकारिक समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, घटना यून्नान प्रांत के हुइजे काउंटी में 4.30 बजे भोर में हुई। हालांकि, समाचार एजेंसी ने यह साफ नहीं किया कि खदान किस प्रकार की थी। बचाव दल ने बाइवु गांव स्थित खदान में फंसे छह लोगों को बाहर निकाला। हादसे की वजहों की जांच की जा रही है।
चीन में अवैध खोदाई के दौरान खदान धंस गई। इसमें पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि एक घायल हो गया। चीन की आधिकारिक समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, घटना यून्नान प्रांत के हुइजे काउंटी में 4.30 बजे भोर में हुई। हालांकि, समाचार एजेंसी ने यह साफ नहीं किया कि खदान किस प्रकार की थी। बचाव दल ने बाइवु गांव स्थित खदान में फंसे छह लोगों को बाहर निकाला। हादसे की वजहों की जांच की जा रही है।
म्यांमार : गोदाम में धमाका 55 की मौत
म्यांमार के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में चीन सीमा के पास एक इमारत में रखे विस्फोटकों में हुए भीषण धमाके में 55 से अधिक लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 70 लोग घायल हो गए। यह हादसा रविवार दोपहर नामखाम टाउनशिप के काउंगटुप गांव में हुआ। बचावकर्मियों के अनुसार, शाम तक छह बच्चों समेत 46 शव बरामद किए जा चुके थे। घायलों को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
म्यांमार के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में चीन सीमा के पास एक इमारत में रखे विस्फोटकों में हुए भीषण धमाके में 55 से अधिक लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 70 लोग घायल हो गए। यह हादसा रविवार दोपहर नामखाम टाउनशिप के काउंगटुप गांव में हुआ। बचावकर्मियों के अनुसार, शाम तक छह बच्चों समेत 46 शव बरामद किए जा चुके थे। घायलों को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
रावलपिंडी के सरकारी अस्पतालों में दवाओं का भारी अकाल
पाकिस्तान के पंजाब स्वास्थ्य विभाग के पास फंड पूरी तरह खत्म हो चुका है। रावलपिंडी के तीन बड़े सरकारी अस्पतालों को बजट का आधा हिस्सा भी नहीं मिला। वित्तीय तंगी के कारण वेंडर्स ने अस्पतालों को नई दवाएं देने से साफ मना कर दिया है। वर्तमान स्टॉक केवल 30 जून तक ही चल पाएगा। इसके बाद गरीब मरीजों को अस्पतालों से मुफ्त दवाएं मिलना पूरी तरह बंद हो जाएगा।
पाकिस्तान के पंजाब स्वास्थ्य विभाग के पास फंड पूरी तरह खत्म हो चुका है। रावलपिंडी के तीन बड़े सरकारी अस्पतालों को बजट का आधा हिस्सा भी नहीं मिला। वित्तीय तंगी के कारण वेंडर्स ने अस्पतालों को नई दवाएं देने से साफ मना कर दिया है। वर्तमान स्टॉक केवल 30 जून तक ही चल पाएगा। इसके बाद गरीब मरीजों को अस्पतालों से मुफ्त दवाएं मिलना पूरी तरह बंद हो जाएगा।
बुनियादी ढांचा फेल, बिजली गुल होने से कराची में बूंद-बूंद को तरसे लोग
पाकिस्तान की आर्थिक राजधानी कराची इस समय पानी की भीषण किल्लत से जूझ रही है। के-इलेक्ट्रिक के मुख्य केबल में खराबी आने से नॉर्थ ईस्ट कराची पंपिंग स्टेशन की बिजली कट गई। इस तकनीकी विफलता के कारण शहर में रोजाना 5.4 करोड़ गैलन पानी की सप्लाई ठप हो गई है। भयंकर महंगाई के बीच अब जनता महंगे पानी के टैंकर खरीदने के लिए मजबूर है। सरकारी विभागों के आपसी तालमेल की कमी ने इस संकट को और ज्यादा गंभीर बना दिया है।
पाकिस्तान की आर्थिक राजधानी कराची इस समय पानी की भीषण किल्लत से जूझ रही है। के-इलेक्ट्रिक के मुख्य केबल में खराबी आने से नॉर्थ ईस्ट कराची पंपिंग स्टेशन की बिजली कट गई। इस तकनीकी विफलता के कारण शहर में रोजाना 5.4 करोड़ गैलन पानी की सप्लाई ठप हो गई है। भयंकर महंगाई के बीच अब जनता महंगे पानी के टैंकर खरीदने के लिए मजबूर है। सरकारी विभागों के आपसी तालमेल की कमी ने इस संकट को और ज्यादा गंभीर बना दिया है।
सीज़फायर के बीच इस्राइल का बड़ा दावा, लेबनान के 'ब्यूफोर्ट कैसल' पर किया कब्जा
इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने लेबनान में सीज़फायर के बावजूद जंग तेज करने का ऐलान किया है। इस्राइली सेना (IDF) ने दक्षिणी लेबनान के ऐतिहासिक और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण 'ब्यूफोर्ट कैसल' पर कब्जा कर लिया है। नेतन्याहू ने अपनी सेना को लिटानी नदी पार कर हिज़बुल्ला के ठिकानों पर नियंत्रण मजबूत करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही इस्राइल ने गाजा पट्टी के भी 70 फीसदी इलाके को अपने कब्जे में लेने का नया लक्ष्य तय कर दिया है।
इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने लेबनान में सीज़फायर के बावजूद जंग तेज करने का ऐलान किया है। इस्राइली सेना (IDF) ने दक्षिणी लेबनान के ऐतिहासिक और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण 'ब्यूफोर्ट कैसल' पर कब्जा कर लिया है। नेतन्याहू ने अपनी सेना को लिटानी नदी पार कर हिज़बुल्ला के ठिकानों पर नियंत्रण मजबूत करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही इस्राइल ने गाजा पट्टी के भी 70 फीसदी इलाके को अपने कब्जे में लेने का नया लक्ष्य तय कर दिया है।
इस्राइल के बढ़ते कदम से दुनिया चिंतित; कतर, जर्मनी और ब्रिटेन ने जताई कड़ी आपत्ति
लेबनान में इस्राइल के जमीनी हमले बढ़ने से वैश्विक स्तर पर तनाव और ज्यादा गहरा गया है। कतर ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और लेबनान की संप्रभुता का खुला उल्लंघन बताते हुए खतरनाक मोड़ कहा है। जर्मनी ने चेतावनी दी है कि इस सैन्य कार्रवाई से लेबनान में बड़े पैमाने पर मानवीय संकट और विस्थापन शुरू होगा। वहीं, ब्रिटेन ने इस्राइल से इस हमले को तुरंत रोकने की मांग की है और हिज़बुल्ला को भी हथियार छोड़ने की सलाह दी है।
लेबनान में इस्राइल के जमीनी हमले बढ़ने से वैश्विक स्तर पर तनाव और ज्यादा गहरा गया है। कतर ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और लेबनान की संप्रभुता का खुला उल्लंघन बताते हुए खतरनाक मोड़ कहा है। जर्मनी ने चेतावनी दी है कि इस सैन्य कार्रवाई से लेबनान में बड़े पैमाने पर मानवीय संकट और विस्थापन शुरू होगा। वहीं, ब्रिटेन ने इस्राइल से इस हमले को तुरंत रोकने की मांग की है और हिज़बुल्ला को भी हथियार छोड़ने की सलाह दी है।
'बिना तुकबंदी की कविता लिखना आसान, लेकिन यह इतना आसान नहीं', बोले जेफ बेजोस
जब जेफ बेजोस ने पिछले सप्ताह द वॉशिंगटन पोस्ट में बड़े पैमाने पर छंटनी का बचाव किया, तो उन्होंने कविता का सहारा लिया। जब उनसे पूछा गया कि वे सीधे तौर पर अखबार पर सब्सिडी क्यों नहीं देते, तो उन्होंने तर्क दिया, "भुगतान प्रासंगिकता का एक संकेत है: अगर लोग हमारे उत्पाद के लिए भुगतान नहीं करेंगे, तो हम कुछ नहीं कर रहे हैं, यह एक अच्छा उत्पाद नहीं है। यह बिना तुकबंदी वाली कविता की तरह होगा। यह बहुत आसान है।"
इस तुलना का तुरंत ही मजाक उड़ाया गया। वॉशिंगटन पोस्ट के एक पूर्व साहित्यिक आलोचक ने कल्पना की कि पोएट्री पत्रिका अपर्याप्त तुकबंदी के कारण टी.एस. एलियट की रचना 'द वेस्ट लैंड' को अस्वीकार कर रही है। अन्य लोगों ने उस अवसर के अनुरूप प्रतिक्रिया दी: "गुलाब लाल होते हैं, वायलेट नीले होते हैं, बेजोस बेकार है और उसके विचार भी बेकार हैं।"
लेकिन इस उपहास में असली दिलचस्प बात छूट गई। बेजोस वास्तव में तुकबंदी की बात नहीं कर रहे थे। वे प्रतिबंध की बात कर रहे थे: यह विचार कि कुछ बाहरी दबाव के बिना - कविता में तुकबंदी, पत्रकारिता में लाभप्रदता - काम बहुत आसान, बहुत ढीला और बहुत आत्मसंतुष्ट हो जाता है।
जब जेफ बेजोस ने पिछले सप्ताह द वॉशिंगटन पोस्ट में बड़े पैमाने पर छंटनी का बचाव किया, तो उन्होंने कविता का सहारा लिया। जब उनसे पूछा गया कि वे सीधे तौर पर अखबार पर सब्सिडी क्यों नहीं देते, तो उन्होंने तर्क दिया, "भुगतान प्रासंगिकता का एक संकेत है: अगर लोग हमारे उत्पाद के लिए भुगतान नहीं करेंगे, तो हम कुछ नहीं कर रहे हैं, यह एक अच्छा उत्पाद नहीं है। यह बिना तुकबंदी वाली कविता की तरह होगा। यह बहुत आसान है।"
इस तुलना का तुरंत ही मजाक उड़ाया गया। वॉशिंगटन पोस्ट के एक पूर्व साहित्यिक आलोचक ने कल्पना की कि पोएट्री पत्रिका अपर्याप्त तुकबंदी के कारण टी.एस. एलियट की रचना 'द वेस्ट लैंड' को अस्वीकार कर रही है। अन्य लोगों ने उस अवसर के अनुरूप प्रतिक्रिया दी: "गुलाब लाल होते हैं, वायलेट नीले होते हैं, बेजोस बेकार है और उसके विचार भी बेकार हैं।"
लेकिन इस उपहास में असली दिलचस्प बात छूट गई। बेजोस वास्तव में तुकबंदी की बात नहीं कर रहे थे। वे प्रतिबंध की बात कर रहे थे: यह विचार कि कुछ बाहरी दबाव के बिना - कविता में तुकबंदी, पत्रकारिता में लाभप्रदता - काम बहुत आसान, बहुत ढीला और बहुत आत्मसंतुष्ट हो जाता है।
मंगोलिया पहुंचे भगवान बुद्ध के शिष्यों के पावन अवशेष: दर्शन के लिए उमड़े हजारों श्रद्धालु
भगवान बुद्ध के दो प्रमुख शिष्यों अरहत सारिपुत्र और अरहत महामोग्लान के पावन अवशेषों को 10 दिनों की प्रदर्शनी के लिए मंगोलिया ले जाया गया है। बुद्ध पूर्णिमा (वेसाक दिवस) के मौके पर इन पवित्र अवशेषों को मंगोलिया की राजधानी उलानबटार के गंदनतेगचिनलिंग मठ में पूरे विधि-विधान से स्थापित किया गया। वहां मौजूद हजारों श्रद्धालुओं और संघ के सदस्यों ने बेहद सम्मान के साथ इन अवशेषों का स्वागत किया।
यह प्रदर्शनी 31 मई से 10 जून तक चलेगी। इस ऐतिहासिक मौके पर असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य और मंगोलिया में भारत के राजदूत अतुल मल्हारी गोत्सुर्वे सहित कई बौद्ध नेता मौजूद रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अक्टूबर 2025 में मंगोलिया के राष्ट्रपति उखनागीन खुरेलसुख की भारत यात्रा के दौरान इस प्रदर्शनी की घोषणा की थी। यह पहल भारत और मंगोलिया के बीच गहरे आध्यात्मिक रिश्तों को दर्शाती है।
भगवान बुद्ध के दो प्रमुख शिष्यों अरहत सारिपुत्र और अरहत महामोग्लान के पावन अवशेषों को 10 दिनों की प्रदर्शनी के लिए मंगोलिया ले जाया गया है। बुद्ध पूर्णिमा (वेसाक दिवस) के मौके पर इन पवित्र अवशेषों को मंगोलिया की राजधानी उलानबटार के गंदनतेगचिनलिंग मठ में पूरे विधि-विधान से स्थापित किया गया। वहां मौजूद हजारों श्रद्धालुओं और संघ के सदस्यों ने बेहद सम्मान के साथ इन अवशेषों का स्वागत किया।
यह प्रदर्शनी 31 मई से 10 जून तक चलेगी। इस ऐतिहासिक मौके पर असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य और मंगोलिया में भारत के राजदूत अतुल मल्हारी गोत्सुर्वे सहित कई बौद्ध नेता मौजूद रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अक्टूबर 2025 में मंगोलिया के राष्ट्रपति उखनागीन खुरेलसुख की भारत यात्रा के दौरान इस प्रदर्शनी की घोषणा की थी। यह पहल भारत और मंगोलिया के बीच गहरे आध्यात्मिक रिश्तों को दर्शाती है।