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West Asia Crisis: 'लेबनान पर हमले रोके इस्राइल', ब्रिटेन ने हिजबुल्ला से भी की हथियार छोड़ने की मांग
एएनआई, लंदन
Published by: Devesh Tripathi
Updated Mon, 01 Jun 2026 07:32 AM IST
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सार
पश्चिम एशिया संकट को खत्म करने के कूटनीतिक प्रयासों के बीच जमीनी स्तर पर संघर्ष और तेज हो गया है। इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हाल ही में इस्राइली बलों के दक्षिणी लेबनान में ब्यूफोर्ट कैसल पर कब्जा करने को बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि सेना को लेबनान में अपने अभियान का और विस्तार करने का निर्देश दिया गया है।
ब्रिटेन की विदेश मंत्री यवेट कूपर
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स/ANI
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विस्तार
ब्रिटेन की गृह सचिव यवेट कूपर ने लेबनान में इस्राइल की सैन्य कार्रवाई को तत्काल रोकने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने हिज्बुल्ला से पूर्ण रूप से हथियार छोड़ने और इस्राइल के खिलाफ हमले बंद करने का भी आग्रह किया है।
यवेट कूपर ने एक्स पर जारी एक संदेश में पश्चिम एशिया क्षेत्र में बढ़ती हिंसा पर चिंता जताते हुए कहा, "इस्राइल की लेबनान में सैन्य बढ़ोतरी से नागरिकों की मौत हुई है, लोग विस्थापित हुए हैं, बुनियादी ढांचा तबाह हुआ है और कूटनीति के लिए जगह कम हुई है। इसे समाप्त होना चाहिए।"
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युद्धविराम का होना चाहिए सम्मान : यवेट कूपर
उन्होंने कहा कि सभी पक्षों को युद्धविराम का सम्मान करना चाहिए और ईमानदारी से बातचीत की प्रक्रिया में शामिल होना चाहिए। इस बीच अरब लीग के महासचिव अहमद अबुल गैत ने भी लेबनान में इस्राइल की कार्रवाई की आलोचना करते हुए इसे क्रूर आक्रामकता बताया और संघर्ष तत्काल रोकने की मांग की।
अहमद अबुल गैत ने कहा कि इस्राइली बल लेबनानी क्षेत्र में आगे बढ़े हैं। दक्षिणी गांवों और ऐतिहासिक स्थलों को नुकसान पहुंचाया गया है। इसके साथ ही नागरिकों को निशाना बनाए जाने से बड़े पैमाने पर विस्थापन हुआ है। उनके अनुसार यह लेबनान की संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। अबुल गैत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से हस्तक्षेप कर इस्राइल की सैन्य कार्रवाई रुकवाने और सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1701 को पूरी तरह लागू कराने की मांग की।
लेबनान में इस्राइल के जमीनी अभियान से बढ़ी चिंता
जर्मनी ने भी दक्षिणी लेबनान में इस्राइल के जमीनी अभियान के विस्तार पर चिंता जताई है। जर्मन विदेश मंत्री जोहान वाडेफुल ने कहा कि "दक्षिणी लेबनान में इस्राइली सेना की आगे बढ़त गंभीर चिंता का विषय है।" उन्होंने कहा कि किसी भी अतिरिक्त सैन्य बढ़ोतरी से पहले से तनावपूर्ण हालात और बिगड़ेंगे। इससे नए सिरे से विस्थापन की स्थिति पैदा होगी।
ब्रिटेन के मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका मामलों के मंत्री हैमिश फाल्कनर ने भी कहा कि लेबनान में लगातार बढ़ता संघर्ष कूटनीतिक प्रयासों को कमजोर कर रहा है और नागरिकों पर अस्वीकार्य प्रभाव डाल रहा है। उन्होंने कहा, "हिजबुल्ला को इस्राइल पर हमले बंद करने चाहिए और निरस्त्रीकरण की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। सभी पक्षों को युद्धविराम का पालन करना चाहिए और अमेरिका की अगुवाई वाली वार्ता जारी रखनी चाहिए।"
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कतर ने की लेबनान के उपप्रधानमंत्री से बातचीत
कतर ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप कर इस्राइल पर दबाव बनाने और अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन सुनिश्चित करने की मांग की है। इसी बीच कतर के विदेश मंत्रालय में राज्य मंत्री मोहम्मद बिन अब्दुलअजीज बिन सालेह अल-खुलैफी और लेबनान के उपप्रधानमंत्री तारिक मित्री के बीच टेलीफोन पर बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग और लेबनान की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की।
यवेट कूपर ने एक्स पर जारी एक संदेश में पश्चिम एशिया क्षेत्र में बढ़ती हिंसा पर चिंता जताते हुए कहा, "इस्राइल की लेबनान में सैन्य बढ़ोतरी से नागरिकों की मौत हुई है, लोग विस्थापित हुए हैं, बुनियादी ढांचा तबाह हुआ है और कूटनीति के लिए जगह कम हुई है। इसे समाप्त होना चाहिए।"
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उन्होंने कहा कि सभी पक्षों को युद्धविराम का सम्मान करना चाहिए और ईमानदारी से बातचीत की प्रक्रिया में शामिल होना चाहिए। इस बीच अरब लीग के महासचिव अहमद अबुल गैत ने भी लेबनान में इस्राइल की कार्रवाई की आलोचना करते हुए इसे क्रूर आक्रामकता बताया और संघर्ष तत्काल रोकने की मांग की।
अहमद अबुल गैत ने कहा कि इस्राइली बल लेबनानी क्षेत्र में आगे बढ़े हैं। दक्षिणी गांवों और ऐतिहासिक स्थलों को नुकसान पहुंचाया गया है। इसके साथ ही नागरिकों को निशाना बनाए जाने से बड़े पैमाने पर विस्थापन हुआ है। उनके अनुसार यह लेबनान की संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। अबुल गैत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से हस्तक्षेप कर इस्राइल की सैन्य कार्रवाई रुकवाने और सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1701 को पूरी तरह लागू कराने की मांग की।
लेबनान में इस्राइल के जमीनी अभियान से बढ़ी चिंता
जर्मनी ने भी दक्षिणी लेबनान में इस्राइल के जमीनी अभियान के विस्तार पर चिंता जताई है। जर्मन विदेश मंत्री जोहान वाडेफुल ने कहा कि "दक्षिणी लेबनान में इस्राइली सेना की आगे बढ़त गंभीर चिंता का विषय है।" उन्होंने कहा कि किसी भी अतिरिक्त सैन्य बढ़ोतरी से पहले से तनावपूर्ण हालात और बिगड़ेंगे। इससे नए सिरे से विस्थापन की स्थिति पैदा होगी।
ब्रिटेन के मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका मामलों के मंत्री हैमिश फाल्कनर ने भी कहा कि लेबनान में लगातार बढ़ता संघर्ष कूटनीतिक प्रयासों को कमजोर कर रहा है और नागरिकों पर अस्वीकार्य प्रभाव डाल रहा है। उन्होंने कहा, "हिजबुल्ला को इस्राइल पर हमले बंद करने चाहिए और निरस्त्रीकरण की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। सभी पक्षों को युद्धविराम का पालन करना चाहिए और अमेरिका की अगुवाई वाली वार्ता जारी रखनी चाहिए।"
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कतर ने की लेबनान के उपप्रधानमंत्री से बातचीत
कतर ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप कर इस्राइल पर दबाव बनाने और अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन सुनिश्चित करने की मांग की है। इसी बीच कतर के विदेश मंत्रालय में राज्य मंत्री मोहम्मद बिन अब्दुलअजीज बिन सालेह अल-खुलैफी और लेबनान के उपप्रधानमंत्री तारिक मित्री के बीच टेलीफोन पर बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग और लेबनान की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की।