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सियासत: यूनुस के बयान से बांग्लादेश बेनकाब, दिखा भारत विरोधी चेहरा; चीन से करीबी की ताक में पूर्वोत्तर पर नजर!
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Mon, 31 Mar 2025 06:30 PM IST
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सार
- बांग्लादेश में आम चुनाव की आहट, दिखा अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस का बड़बोलापन।
- उनके बयान से बेनकाब हुआ बांग्लादेश का असली चेहरा।
- यूनुस ने पूर्वोत्तर भारत के सात राज्यों के साथ-साथ नेपाल और भूटान से सटी सीमाओं का भी जिक्र किया।
- बांग्लादेश को बताया महासागर का एकमात्र संरक्षक।
- चीन को बांग्लादेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया।
नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
बांग्लादेश की राजनीतिक उथल-पुथल के बीच यहां की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने ऐसी टिप्पणी की है, जिससे बांग्लादेश का असली चेहरा बेनकाब हो गया है। चीन की चार दिवसीय यात्रा पर गए यूनुस ने एक कार्यक्रम में पूर्वोत्तर भारतीय राज्यों का जिक्र करते हुए कहा, भारत के सात राज्य अभी भी भूमि से घिरे हुए हैं। उन्होंने इस इलाके में चीन को अपनी आर्थिक स्थिति का विस्तार करने के लिए आमंत्रित किया है। यूनुस ने फेसबुक पर एक वीडियो भी शेयर किया।
पूर्वोत्तर भारत का जिक्र कर यूनुस ने चीन को आमंत्रित किया
फेसबुक वीडियो में यूनुस ने कहा, भारत के सात राज्य, जिन्हें सेवन सिस्टर्स कहा जाता है, भूमि से घिरे (Landlocked) हुए हैं। उनके पास समुद्र तक पहुंचने का कोई रास्ता नहीं है। हम इस क्षेत्र में समुद्र के एकमात्र संरक्षक हैं। इस कारण संभावनाओं के असीमित दरवाजे खुलते हैं। यूनुस ने शुक्रवार को बीजिंग के एक होटल में टिकाऊ बुनियादी ढांचे और ऊर्जा से मुद्दों पर आयोजित उच्च स्तरीय राउंडटेबल मंथन के दौरान यह टिप्पणी की। बकौल यूनुस देश रणनीतिक रूप से भूमि से घिरा हुआ है। नेपाल, भूटान और भारत के सात राज्यों की सीमाएं बांग्लादेश से लगने के कारण यह पूर्वोत्तर भारत के सात राज्यों का प्रवेश द्वार भी है। मुख्य सलाहकार प्रोफेसर यूनुस ने बांग्लादेशी युवाओं की क्षमता को भी रेखांकित किया। उन्होंने फेसबुक पर एक अन्य विस्तृत पोस्ट में ये भी लिखा कि चीन अपनी फैक्टरी बांग्लादेश में स्थानांतरित करे। इस क्षेत्र में चीनी अर्थव्यवस्था का विस्तार हो सकता है।
बांग्लादेश में निवेश की अपील
चीनी निवेशकों को बांग्लादेश में अपने कारखाने स्थानांतरित करने के लिए आमंत्रित करते हुए बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार प्रोफेसर यूनुस ने बड़े पैमाने पर निवेश करने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में उत्पादों के निर्यात के लिए बांग्लादेश एक विनिर्माण केंद्र बन सकता है। 100 से अधिक प्रमुख उद्यमियों और सीईओ के साथ बैठक में उन्होंने बांग्लादेश की नीतियों का भी जिक्र किया। बांग्लादेश में कारखाने लगाने का आह्वान करते हुए यूनुस ने कहा, इस देश में कोई व्यापार प्रतिबंध नहीं है। प्रत्यक्ष विदेशी निवेश करने वाले निवेशकों को बेहतरीन प्रतिस्पर्धी माहौल और लाभ के अवसर मिलते हैं।
चीन के लिए अपार संभावनाओं का उल्लेख
यूनुस ने बाजार में चीन के लिए अपार संभावनाओं का उल्लेख किया और कहा कि चीजों के निर्माण, उत्पादन और मार्केटिंग के लिए चीन वापस आना चाहिए और यहीं से दुनिया को निर्यात करना चाहिए। भारत विरोधी चेहरा दिखाते हुए चीन के करीब जाने का प्रयास कर रहे यूनुस देश में असंतोष का भी सामना कर रहे हैं। अंतरिम सरकार में शामिल उनके कई सलाहकारों पर सार्वजनिक सेवा के लिए निर्धारित वाहनों का निजी इस्तेमाल करने के आरोप लगे हैं।
ये भी पढ़ें- Bangladesh-China Ties: चीन में अच्छा दोस्त देखना हमारे लिए अहम, मोहम्मद यूनुस बोले- रिश्ते और बेहतर होने की आस
चीन और बांग्लादेश के बीच सहयोग का नया चरण शुरू होने की उम्मीद
इससे पहले, यूनुस ने बांग्लादेश और चीन के संबंधों को मजबूत करने की अहमियत को भी रेखांकित किया। उन्होंने दोनों देशों के रिश्ते के महत्व पर प्रकाश डाला और चीन को बांग्लादेश का 'अच्छा दोस्त' बताया। अपनी चीन यात्रा के समापन के समय यूनुस ने दोनों देशों के बीच सहयोग का एक नया चरण शुरू होने की उम्मीद भी जताई।
ये भी पढ़ें- Bangladesh: मोहम्मद यूनुस का भ्रष्टाचार विरोधी संकल्प टूटा, मुहिम पर उठने लगे सवाल; सत्ता के दुरुपयोग का आरोप
8-9 महीने में ही सत्ता के दुरुपयोग का आरोप, चीन से बढ़ रही करीबी
बता दें कि अगस्त, 2024 में तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना के बांग्लादेश छोड़कर भागने के बाद मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में देश में अंतरिम सरकार का गठन हुआ। हालांकि, केवल 8-9 महीने में ही यूनुस अपनी नीतियों के कारण कटघरे में हैं। उन पर सत्ता के दुरुपयोग का आरोप भी लग रहा है। चीन के साथ रिश्ते पर यूनुस ने एक अन्य बयान में कहा था कि हमारा रिश्ता वर्षों से बहुत मजबूत रहा है। हमारा व्यापारिक सहयोग अच्छा है और हम चीन के साथ साझेदारी से लाभान्वित हो रहे हैं।
टिपरा मोथा सुप्रीमो ने यूनुस की निंदा की
पूर्वोत्तर भारत के सात राज्यों का जिक्र कर भारत विरोधी टिप्पणी करने वाले बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस की निंदा करते हुए टिपरा मोथा पार्टी (टीएमपी) के प्रमुख प्रद्योत किशोर माणिक्य देबबर्मा ने उनकी निंदा की। उन्होंने कहा, 1947 में वर्तमान बांग्लादेश में चटगांव बंदरगाह छोड़ना भारत की "सबसे बड़ी गलती" थी। उन्होंने "स्वदेशी लोगों" के समर्थन से समुद्र तक जाने के लिए एक रास्ता बनाने की वकालत भी की। त्रिपुरा में सत्तारूढ़ भाजपा की सहयोगी पार्टी- टीएमपी के प्रमुख देबबर्मा ने एक्स पर मोहम्मद यूनुस का 14 सेकंड का एक वीडियो क्लिप भी साझा किया।
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पूर्वोत्तर भारत का जिक्र कर यूनुस ने चीन को आमंत्रित किया
फेसबुक वीडियो में यूनुस ने कहा, भारत के सात राज्य, जिन्हें सेवन सिस्टर्स कहा जाता है, भूमि से घिरे (Landlocked) हुए हैं। उनके पास समुद्र तक पहुंचने का कोई रास्ता नहीं है। हम इस क्षेत्र में समुद्र के एकमात्र संरक्षक हैं। इस कारण संभावनाओं के असीमित दरवाजे खुलते हैं। यूनुस ने शुक्रवार को बीजिंग के एक होटल में टिकाऊ बुनियादी ढांचे और ऊर्जा से मुद्दों पर आयोजित उच्च स्तरीय राउंडटेबल मंथन के दौरान यह टिप्पणी की। बकौल यूनुस देश रणनीतिक रूप से भूमि से घिरा हुआ है। नेपाल, भूटान और भारत के सात राज्यों की सीमाएं बांग्लादेश से लगने के कारण यह पूर्वोत्तर भारत के सात राज्यों का प्रवेश द्वार भी है। मुख्य सलाहकार प्रोफेसर यूनुस ने बांग्लादेशी युवाओं की क्षमता को भी रेखांकित किया। उन्होंने फेसबुक पर एक अन्य विस्तृत पोस्ट में ये भी लिखा कि चीन अपनी फैक्टरी बांग्लादेश में स्थानांतरित करे। इस क्षेत्र में चीनी अर्थव्यवस्था का विस्तार हो सकता है।
बांग्लादेश में निवेश की अपील
चीनी निवेशकों को बांग्लादेश में अपने कारखाने स्थानांतरित करने के लिए आमंत्रित करते हुए बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार प्रोफेसर यूनुस ने बड़े पैमाने पर निवेश करने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में उत्पादों के निर्यात के लिए बांग्लादेश एक विनिर्माण केंद्र बन सकता है। 100 से अधिक प्रमुख उद्यमियों और सीईओ के साथ बैठक में उन्होंने बांग्लादेश की नीतियों का भी जिक्र किया। बांग्लादेश में कारखाने लगाने का आह्वान करते हुए यूनुस ने कहा, इस देश में कोई व्यापार प्रतिबंध नहीं है। प्रत्यक्ष विदेशी निवेश करने वाले निवेशकों को बेहतरीन प्रतिस्पर्धी माहौल और लाभ के अवसर मिलते हैं।
चीन के लिए अपार संभावनाओं का उल्लेख
यूनुस ने बाजार में चीन के लिए अपार संभावनाओं का उल्लेख किया और कहा कि चीजों के निर्माण, उत्पादन और मार्केटिंग के लिए चीन वापस आना चाहिए और यहीं से दुनिया को निर्यात करना चाहिए। भारत विरोधी चेहरा दिखाते हुए चीन के करीब जाने का प्रयास कर रहे यूनुस देश में असंतोष का भी सामना कर रहे हैं। अंतरिम सरकार में शामिल उनके कई सलाहकारों पर सार्वजनिक सेवा के लिए निर्धारित वाहनों का निजी इस्तेमाल करने के आरोप लगे हैं।
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चीन और बांग्लादेश के बीच सहयोग का नया चरण शुरू होने की उम्मीद
इससे पहले, यूनुस ने बांग्लादेश और चीन के संबंधों को मजबूत करने की अहमियत को भी रेखांकित किया। उन्होंने दोनों देशों के रिश्ते के महत्व पर प्रकाश डाला और चीन को बांग्लादेश का 'अच्छा दोस्त' बताया। अपनी चीन यात्रा के समापन के समय यूनुस ने दोनों देशों के बीच सहयोग का एक नया चरण शुरू होने की उम्मीद भी जताई।
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8-9 महीने में ही सत्ता के दुरुपयोग का आरोप, चीन से बढ़ रही करीबी
बता दें कि अगस्त, 2024 में तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना के बांग्लादेश छोड़कर भागने के बाद मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में देश में अंतरिम सरकार का गठन हुआ। हालांकि, केवल 8-9 महीने में ही यूनुस अपनी नीतियों के कारण कटघरे में हैं। उन पर सत्ता के दुरुपयोग का आरोप भी लग रहा है। चीन के साथ रिश्ते पर यूनुस ने एक अन्य बयान में कहा था कि हमारा रिश्ता वर्षों से बहुत मजबूत रहा है। हमारा व्यापारिक सहयोग अच्छा है और हम चीन के साथ साझेदारी से लाभान्वित हो रहे हैं।
टिपरा मोथा सुप्रीमो ने यूनुस की निंदा की
पूर्वोत्तर भारत के सात राज्यों का जिक्र कर भारत विरोधी टिप्पणी करने वाले बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस की निंदा करते हुए टिपरा मोथा पार्टी (टीएमपी) के प्रमुख प्रद्योत किशोर माणिक्य देबबर्मा ने उनकी निंदा की। उन्होंने कहा, 1947 में वर्तमान बांग्लादेश में चटगांव बंदरगाह छोड़ना भारत की "सबसे बड़ी गलती" थी। उन्होंने "स्वदेशी लोगों" के समर्थन से समुद्र तक जाने के लिए एक रास्ता बनाने की वकालत भी की। त्रिपुरा में सत्तारूढ़ भाजपा की सहयोगी पार्टी- टीएमपी के प्रमुख देबबर्मा ने एक्स पर मोहम्मद यूनुस का 14 सेकंड का एक वीडियो क्लिप भी साझा किया।
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