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रूस ले जाएगा ईरान का यूरेनियम?: होर्मुज तनाव के बीच पुतिन का बड़ा दांव, शांतिवार्ता के लिए पेश की ये योजना
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को
Published by: अमन तिवारी
Updated Mon, 13 Apr 2026 05:23 PM IST
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सार
ईरान-अमेरिका वार्ता विफल होने के बाद रूस ने शांति के लिए नया प्रस्ताव दिया है। रूस ईरान का संवर्धित यूरेनियम अपने पास रखने को तैयार है ताकि युद्ध खत्म हो सके। साथ ही, रूस ने ट्रंप की होर्मुज जलमार्ग की घेराबंदी की धमकी को वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा खतरा भी बताया है।
डोनाल्ड ट्रंप, दिमित्री पेस्कोव
- फोटो : एएनआई/आरटी (फाइल)
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विस्तार
ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता विफल होने के बाद पश्चिम एशिया में तनाव काफी बढ़ गया है। इस बीच रूस ने भविष्य में होने वाली शांति वार्ता के लिए एक नया प्रस्ताव पेश किया है। क्रेमलिन ने सोमवार को जानकारी दी कि रूस अमेरिका के साथ किसी भी संभावित शांति समझौते के तहत ईरान का संवर्धित यूरेनियम (enriched uranium) अपने पास रखने के लिए तैयार है।
बता दें कि ईरान और अमेरिका के बीच पिछले हफ्ते हुई बातचीत नाकाम रही। इससे युद्ध को तुरंत खत्म करने की उम्मीदें टूट गई हैं। फरवरी के आखिर में शुरू हुए इस युद्ध में अब तक हजारों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इस संघर्ष की वजह से पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था भी संकट में है।
ये भी पढ़ें: ट्रंप को लगा एक और झटका: जापान ने होर्मुज में माइनस्वीपर तैनाती का फैसला टाला, मंत्री बोले- अंतिम निर्णय नहीं लिया
रूस के पास दुनिया में परमाणु हथियारों का सबसे बड़ा भंडार है। उसने शांति समझौते के लिए कई बार ईरान का यूरेनियम अपने यहां रखने की पेशकश की है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने पत्रकारों को बताया कि राष्ट्रपति पुतिन ने यह प्रस्ताव अमेरिका और क्षेत्र के अन्य देशों के सामने रखा था। उन्होंने साफ किया कि यह प्रस्ताव आज भी लागू है, लेकिन अब तक किसी ने इस पर कोई कदम नहीं उठाया है।
इसी बातचीत के दौरान क्रेमलिन ने डोनाल्ड ट्रंप की उस धमकी की कड़ी आलोचना की है, जिसमें उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की घेराबंदी करने की बात कही थी। यह जलमार्ग व्यापार के लिए बहुत जरूरी है। फरवरी के आखिर में अमेरिका और इस्राइल ने जब से ईरान पर हमले शुरू किए हैं, तब से यह रास्ता पूरी तरह ठप पड़ा है। पेस्कोव ने चेतावनी दी कि इस तरह की घेराबंदी से अंतरराष्ट्रीय बाजार पर बहुत बुरा असर पड़ेगा।
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बता दें कि ईरान और अमेरिका के बीच पिछले हफ्ते हुई बातचीत नाकाम रही। इससे युद्ध को तुरंत खत्म करने की उम्मीदें टूट गई हैं। फरवरी के आखिर में शुरू हुए इस युद्ध में अब तक हजारों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इस संघर्ष की वजह से पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था भी संकट में है।
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रूस के पास दुनिया में परमाणु हथियारों का सबसे बड़ा भंडार है। उसने शांति समझौते के लिए कई बार ईरान का यूरेनियम अपने यहां रखने की पेशकश की है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने पत्रकारों को बताया कि राष्ट्रपति पुतिन ने यह प्रस्ताव अमेरिका और क्षेत्र के अन्य देशों के सामने रखा था। उन्होंने साफ किया कि यह प्रस्ताव आज भी लागू है, लेकिन अब तक किसी ने इस पर कोई कदम नहीं उठाया है।
इसी बातचीत के दौरान क्रेमलिन ने डोनाल्ड ट्रंप की उस धमकी की कड़ी आलोचना की है, जिसमें उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की घेराबंदी करने की बात कही थी। यह जलमार्ग व्यापार के लिए बहुत जरूरी है। फरवरी के आखिर में अमेरिका और इस्राइल ने जब से ईरान पर हमले शुरू किए हैं, तब से यह रास्ता पूरी तरह ठप पड़ा है। पेस्कोव ने चेतावनी दी कि इस तरह की घेराबंदी से अंतरराष्ट्रीय बाजार पर बहुत बुरा असर पड़ेगा।
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