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ईरान की खुली चेतावनी: हमारे बंदरगाह खतरे में पड़े तो पूरी खाड़ी असुरक्षित; अमेरिकी नाकाबंदी पर भड़का तेहरान

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान Published by: Pavan Updated Mon, 13 Apr 2026 03:03 PM IST
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सार

अमेरिका की तरफ से होर्मुज नाकाबंदी पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। ईरान ने कहा है कि दुश्मन देशों से जुड़े जहाजों को इस रास्ते से गुजरने की इजाजत नहीं दी जाएगी, जबकि अन्य जहाजों को ईरानी नियमों के तहत ही आने-जाने दिया जाएगा। इसके साथ ही ईरान ने यह भी दावा किया कि अगर हमारे बंदरगाह खतरे में पड़े तो पूरी खाड़ी असुरक्षित होगी।

No Gulf port will be safe if its maritime security is threatened- Iran slams US plans of blockade of its ports
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार

पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इस बीच ईरान ने अमेरिका की उस योजना पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें ईरानी बंदरगाहों की समुद्री नाकाबंदी की बात कही गई है। ईरान ने साफ चेतावनी दी है कि अगर उसकी समुद्री सुरक्षा से छेड़छाड़ हुई, तो पूरे फारस की खाड़ी में कोई भी बंदरगाह सुरक्षित नहीं रहेगा।
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पूरे क्षेत्र पर पड़ेगा असर- ईरान
ईरान के सरकारी मीडिया इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग के मुताबिक, देश के सैन्य मुख्यालय खातम अल-अनबिया ने बयान जारी कर कहा कि फारस की खाड़ी और ओमान सागर में समुद्री सुरक्षा सभी देशों की साझा जिम्मेदारी है। अगर किसी एक देश की सुरक्षा खतरे में डाली जाती है, तो इसका असर पूरे क्षेत्र पर पड़ेगा।

हमारे क्षेत्रीय जल में हमारा पूरा अधिकार- ईरान
इस बयान में कहा गया कि ईरान की सशस्त्र सेनाएं अपने समुद्री अधिकारों और संप्रभुता की रक्षा को अपना कानूनी और स्वाभाविक कर्तव्य मानती हैं। ईरान ने यह भी दोहराया कि उसके क्षेत्रीय जल में उसका पूरा अधिकार है और वह किसी भी कीमत पर इसकी रक्षा करेगा। ईरान ने खास तौर पर चेतावनी दी कि अगर उसके बंदरगाहों को निशाना बनाया गया, तो फारस की खाड़ी और ओमान सागर में मौजूद कोई भी बंदरगाह सुरक्षित नहीं रहेगा। यानी यह टकराव पूरे क्षेत्र में बड़े संकट का रूप ले सकता है।

'अमेरिका का कदम अंतरराष्ट्रीय कानून और समुद्री डकैती'
ईरान ने अमेरिका के इस कदम को अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ बताया और इसे समुद्री डकैती तक करार दिया। ईरान का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय जल में जहाजों की आवाजाही रोकना पूरी तरह गैरकानूनी है। वहीं दूसरी ओर, यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने घोषणा की है कि 13 अप्रैल से ईरान के बंदरगाहों में आने-जाने वाले सभी जहाजों पर निगरानी और रोक लगाई जाएगी। यह फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर लिया गया है।

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होर्मुज को लेकर अमेरिका का निर्देश
हालांकि अमेरिका ने यह भी साफ किया है कि जो जहाज ईरान के अलावा अन्य देशों के बंदरगाहों के लिए जा रहे हैं, उनके लिए होर्मुज जलडमरूमध्य खुला रहेगा। साथ ही, जहाजों को सलाह दी गई है कि वे अमेरिकी नौसेना के संपर्क में रहें और आधिकारिक निर्देशों का पालन करें।

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