Biden Health: बाइडन के पूर्व डॉक्टर का जवाब देने से इनकार, डॉ. केविन ने 5वें संविधान संशोधन का इस्तेमाल किया
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन की सेहत पर जांच के मामले में व्हाइट हाउस के पूर्व डॉक्टर डॉ. केविन ओ'कॉनर ने गवाही देने से इनकार कर दिया। उन्होंने अमेरिकी संविधान के पांचवें संशोधन का हवाला देते हुए जवाब नहीं दिया। डॉक्टर के वकील के मुताबिक, मरीज की गोपनीयता और चल रही जांच में कानूनी जोखिम के चलते यह फैसला लिया गया।
विस्तार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन के कार्यकाल के दौरान उनकी मानसिक और शारीरिक सेहत को लेकर जांच कर रही है। इस मामले में एक नया मोड़ तब आया जब व्हाइट हाउस के पूर्व डॉक्टर डॉ. केविन ओ कॉनर ने बुधवार को बाइडन की सेहत से संबधित जांच के मामले में गवाही देने से इनकार कर दिया। उन्होंने अमेरिकी संविधान के पांचवें संशोधन के तहत अपने अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए सवालों के जवाब नहीं दिए।
बता दें कि रिपब्लिकन सांसद की तरफ से जो बाइडन की मानसिक और शारीरिक सेहत की जांच कर रहे हैं। साथ ही ये दावा भी कर रहे हैं कि बाइडन के कार्यकाल के दौरान कुछ नीतियां व्हाइट हाउस के ऑटोपेन (दस्तखत की मशीन) के जरिए पास हुईं, जो तब वैध नहीं मानी जाएंगी, अगर यह साबित हो गया कि बाइडन उस समय मानसिक रूप से अक्षम थे। हालांकि बाइडन ने इन आरोपों को बेतुका और झूठा बताया है।
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डॉ. कॉनर ने क्यों नहीं दिया गवाही?
मामले में अब एक सवाल लगातार खड़े हो रहे है कि डॉ. ओ’कॉनर ने बाइडन की सेहत को लेकर चल रहे जांच में गवाही क्यों नहीं? इस बात की जानकारी डॉ. के वकील डेविड शर्टलर ने दिया। उन्होंने कहा कि डॉक्टर के पास कोई विकल्प नहीं था, क्योंकि उन्हें एक डॉक्टर के रूप में मरीज की गोपनीयता बनाए रखनी थी और साथ ही न्याय विभाग की ओर से चल रही जांच में कानूनी जोखिम से भी बचना था।
जेम्स कोमर ने डॉक्टर के इनकार को बताया षडयंत्र
हाउस ओवरसाइट कमेटी के अध्यक्ष और रिपब्लिकन सांसद जेम्स कोमर ने डॉक्टर के इनकार को षड्यंत्र को छुपाने की कोशिश बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी जनता पारदर्शिता चाहती है, लेकिन डॉ. ओ’कॉनर सच्चाई छुपा रहे हैं। हालांकि ये पहली बार नहीं है कि किसी ने जांच के दौरान अमेरिकी संविधान के पांचवे संशोधन का सहारा लिया हो। इससे पहले भी कई गवाहों ने कांग्रेस की जांच में पांचवें संशोधन का सहारा लिया है, जैसे कि डोनाल्ड ट्रंप के सहयोगियों ने 6 जनवरी, 2021 को कैपिटल हमले की जांच में जवाब देने से इनकार किया था।
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बाइडन के कई पूर्व सहयोगी निशाने पर
बाइडन के सेहत को लेकर हो रहे जांच के दायरे में बाइडन के कई पूर्व वरिष्ठ सहयोगी भी हैं, जिनमें पूर्व चीफ ऑफ स्टाफ रॉन क्लेन और जेफ जिएंट्स, वरिष्ठ सलाहकार माइक डोनिलन और अनिता डन, पूर्व डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ ब्रूस रीड और एनी टोमासिनी, पूर्व राष्ट्रपति सलाहकार स्टीव रिचेटी के साथ-साथ पूर्व प्रथम महिला जिल बाइडन के चीफ ऑफ स्टाफ एंथनी बर्नाल का नाम शामिल है। हालांकि डेमोक्रेट सांसद रॉबर्ट गार्सिया ने रिपब्लिकन जांच को समय की बर्बादी बताया। साथ ही कहा कि रिपब्लिकन को महंगाई और ट्रंप प्रशासन की गड़बड़ियों पर ध्यान देना चाहिए।

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