फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Boris Johnson's future as UK PM hangs in balance over partygate scandal Wakefield Byelection may be his litmus test news in hindi

Partygate Scandal: अधर में बोरिस जॉनसन का भविष्य, उपचुनाव में दल को मिली हार तो छिन सकता है प्रधानमंत्री पद

Sun, 05 Jun 2022 07:30 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र Updated Sun, 05 Jun 2022 07:30 PM IST
सार

बताया गया है कि ब्रिटेन की सत्ताधारी कंजर्वेटिव पार्टी के 40 से ज्यादा सांसदों ने ही अपने पीएम से इस्तीफे की मांग कर दी है। इन सांसदों ने आरोप लगाया है कि जॉनसन ने अपने नेतृत्व में प्रधानमंत्री आवास (डाउनिंग स्ट्रीट) में यह पार्टियां होने दीं और मुश्किल वक्त के बावजूद वे खुद भी इनमें शामिल रहे। 

विज्ञापन
Boris Johnson's future as UK PM hangs in balance over partygate scandal Wakefield Byelection may be his litmus test news in hindi
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन - फोटो : twitter.com/BorisJohnson

विस्तार

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के भविष्य को लेकर कई तरह की अटकलें लगना शुरू हो चुकी हैं। खासकर उनके पीएम पद पर रहने को लेकर। जॉनसन पर यह तलवार कोरोनाकाल के दौरान सत्तासीन पार्टी के कुछ सांसदों द्वारा पार्टी करने के मामले में लटक रही है। दरअसल, उन पर आरोप हैं कि जहां कोरोना की वजह से पूरा ब्रिटेन लॉकडाउन और सख्त प्रतिबंधों का सामना कर रहा था, वहीं सांसद अपने घरों में जुटकर पार्टी कर रहे थे। इस पूरे वाकये को ब्रिटेन में पार्टीगेट स्कैंडल करार दिया गया और मामले में पीएम जॉनसन, उनकी पत्नी समेत कई लोगों को दोषी पाया गया। 
विज्ञापन


बताया गया है कि ब्रिटेन की सत्ताधारी कंजर्वेटिव पार्टी के 40 से ज्यादा सांसदों ने ही अपने पीएम से इस्तीफे की मांग कर दी है। इन सांसदों ने आरोप लगाया है कि जॉनसन ने अपने नेतृत्व में प्रधानमंत्री आवास (डाउनिंग स्ट्रीट) में यह पार्टियां होने दीं और मुश्किल वक्त के बावजूद वे खुद भी इनमें शामिल रहे। 
विज्ञापन


वेकफील्ड में 23 जून को होने वाले उपचुनाव से पहले मतदाताओं के एक सर्वे में सामने आया कि कंजर्वेटिव पार्टी को इस स्कैंडल की वजह से 20 फीसदी के अंतर से भी हार झेलनी पड़ सकती है। संडे टाइम्स और जेएल पार्टनर्स की ओर से किए गए इस सर्वे में कहा गया है कि आगामी उपचुनाव में लेबर पार्टी 48 फीसदी और कंजर्वेटिव पार्टी 28 फीसदी मत पा सकती है। यानी उसे ढाई साल पहले के जीत वाले वोटिंग प्रतिशत से 19 फीसदी कम वोट मिल सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


यानी ऐसा कोई भी नतीजा सीधे तौर पर पार्टी में ही जॉनसन के इस्तीफे की मांग को बल देगा। इसकी वजह यह है कि वेकफील्ड का संसदीय क्षेत्र कुछ समय पहले तक लेबर पार्टी का बड़ा समर्थक था। लेकिन 2019 के पिछले चुनाव में इस क्षेत्र में कंजर्वेटिव पार्टी को जीत मिली थी। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed