West Asia Crisis: ट्रंप के दूतों ने मध्यस्थों से की बातचीत, गाजा में शांति पहल के बीच इस्राइल ने किए हवाई हमले
West Asia Crisis: पश्चिम एशिया में हालात तनावपूर्ण हैं। पांच महीने से जारी ईरान और अमेरिका की जंग से पूर्व, करीब 34 महीने पहले इस्राइल और हमास के बीच संघर्ष शुरू हुआ था। दोनों संघर्षों में सक्रिय रहा अमेरिका अब इस क्षेत्र में शांति बहाली के प्रयास कर रहा है। इसी कड़ी में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूतों ने काहिरा में मध्यस्थों के साथ बातचीत की है। अब इस्राइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू से मुलाकात की योजना है।
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पश्चिम एशिया में शांति कब और कैसे बहाल होगी, ये यक्ष प्रश्न बनता जा रहा है। अमेरिका शांति बहाली के प्रयासों के तहत मध्यस्थता कर रहे पक्षों के साथ बातचीत कर रहा है। इसी बीच इस्राइल की सेना ने गाजा पट्टी के खान यूनिस और नुसेरात में हमले किए हैं। अनिश्चितता के माहौल के बावजूद मिस्र की राजधानी काहिरा पहुंचे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूतों ने मिस्र, कतर और तुर्किये के मध्यस्थों से मुलाकात की। योजना के मुताबिक अमेरिकी शिष्टमंडल इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से भी मुलाकात और बातचीत करेगा।
गाजा में युद्धविराम और शांति की कोशिशों के बीच रविवार को काहिरा में अहम बातचीत हुई। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक एक राजनयिक सूत्र ने बताया, ट्रंप के दामाद और दूत जेरेड कुशनर के अलावा गाजा के लिए ट्रंप के बोर्ड ऑफ पीस के दूत निकोलाय म्लादेनोव ने इस बातचीत में हिस्सा लिया। बैठकों के कुछ हिस्सों में हमास के अधिकारी भी मौजूद रहे।
कुशनर की मध्यस्थों से मुलाकात
- ट्रंप के दूत जेरेड कुशनर ने काहिरा में मिस्र, कतर और तुर्किये के मध्यस्थों के साथ बातचीत की और इससे पहले मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी से भी मुलाकात की।
क्या वार्त में हमास की भी भागीदारी?
- बातचीत के दौरान हमास के अधिकारी भी कुछ बैठकों में शामिल हुए। हमास नेता खलील अल-हय्या ने मिस्र की खुफिया एजेंसी के प्रमुख हसन रशाद से मुलाकात कर कथित युद्धविराम उल्लंघनों पर अपनी बात रखी।
नेतन्याहू से कब होगी मुलाकात?
- एक वरिष्ठ इस्राइली अधिकारी के अनुसार, कुशनर और म्लादेनोव सोमवार को इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात करेंगे। नेतन्याहू ने 9 अगस्त को ट्रंप की नई शांति रूपरेखा को 'अस्वीकार्य' बताया था।
गाजा में फिर तेज हुए हमले
- इस्राइली सेना ने कहा कि वायुसेना के विमानों की मदद से किए गए हवाई हमलों में खान यूनिस और नुसेरात में इस्लामिक जिहाद और हमास के दो सदस्यों को निशाना बनाया। गाजा के चिकित्सकों के अनुसार, एक तंबू शिविर पर हुए हमले में कम से कम पांच लोग घायल हुए, जिनमें से खान यूनिस में घायल एक व्यक्ति की बाद में मौत हो गई।
क्या है ट्रंप की शांति योजना?
अमेरिका की तरफ से बनाई गई योजना में तत्काल सैन्य अभियान रोकने, हमास के हथियार छोड़ने, इस्राइली सैनिकों की गाजा से वापसी और क्षेत्र के पुनर्निर्माण के लिए नई फलस्तीन में नई नागरिक प्रशासन व्यवस्था की बात कही गई है।
क्या हमास पर हमले को लेकर US और इस्राइल की राय अलग?
इस बीच, इस्राइल और अमेरिका के बीच हमास के सदस्यों को निशाना बनाकर की जाने वाली हत्याओं को रोकने के मुद्दे पर मतभेद सामने आए हैं। इस्राइली पक्ष का कहना है कि हमास गाजा में अपनी सैन्य क्षमता दोबारा मजबूत कर रहा है, जबकि वाशिंगटन करीब तीन साल से जारी संघर्ष को देखते हुए सैन्य अभियान रोकने की दिशा में आगे बढ़ना चाहता है।
शांति बहाली पर ट्रंप का दावा और हमास की मांग क्या?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले महीने दावा किया था कि गाजा में युद्ध खत्म करने की उनकी योजना पर प्रगति हुई है। ट्रंप के मुताबिक इस्राइल और हमास दोनों इसे स्वीकार कर चुके हैं। हालांकि, हमास ने ये भी स्पष्ट कर दिया है कि समझौते का क्रियान्वयन इस्राइल की तरफ से प्रतिबद्धताओं, खासकर सैनिकों की वापसी और हमले रोकने, को पूरा करने पर निर्भर करेगा।
कब से जारी है इस्राइल-हमास संघर्ष, कितनी जनहानि?
गौरतलब है कि गाजा में अक्तूबर 2023 से ही रक्तपात जारी है। 7 अक्तूबर के दिन हमास ने इस्राइल पर हमला किया। इसके बाद शुरू हुआ विनाशकारी युद्ध करीब तीन वर्षों 34 महीने से जारी है। हमास के हमले में इस्राइली गोलीबारी में 1,250 से अधिक फलस्तीनियों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। इसी अवधि में गाजा में चार इस्राइली सैनिक भी बलिदान हुए। कई मानवाधिकार संगठनों और अलग-अलग मीडिया रिपोर्ट्स में गाजा में कुल मौतों की संख्या हजारों में बताई गई है। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक इस्राइली सेना के हमलों में बीते करीब 34 महीने में 73,300 से अधिक लोगों की मौत हुई है, जबकि 1.74 लाख से अधिक लोग घायल हुए हैं।