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भारत-नेपाल संबंध: काठमांडू पहुंचे थल सेना प्रमुख धीरज सेठ; सोमवार को मिलेगा नेपाली सेना के जनरल का मानद पद
Sun, 16 Aug 2026 07:35 PM IST
राकेश कुमार
आईएएनएस, काठमांडू।
आईएएनएस, काठमांडू।
Published by: राकेश कुमार
Updated Sun, 16 Aug 2026 07:35 PM IST
सार
भारत और नेपाल के बीच सैन्य रिश्तों की पुरानी परंपरा एक बार फिर चर्चा में है। जनरल धीरज सेठ को नेपाल में मानद जनरल का पद दिया जाएगा। वहीं, नेपाली युवाओं की भारतीय सेना में भर्ती का रुका मुद्दा भी इस यात्रा के बीच अहम बना हुआ है।
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थल सेना प्रमुख धीरज सेठ
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
भारतीय थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ रविवार शाम नेपाल की राजधानी काठमांडू पहुंच गए। वह नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल से सोमवार को एक विशेष समारोह में नेपाली सेना के जनरल का मानद पद प्राप्त करेंगे। भारत और नेपाल के बीच 1950 से एक खास परंपरा चली आ रही है। इसके तहत दोनों देशों के सेना प्रमुखों को एक-दूसरे की सेना में मानद जनरल का पद दिया जाता है।
जनरल सेठ को क्यों दिया जा रहा है यह सम्मान?
जनरल धीरज सेठ 30 जून को भारतीय थल सेना के 31वें प्रमुख बने थे। नेपाल यात्रा उन्हें उनके नेपाली समकक्ष जनरल अशोक राज सिग्देल के निमंत्रण पर कर रहे हैं। इससे पहले दिसंबर 2024 में भारतीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जनरल अशोक राज सिग्देल को भारतीय सेना के मानद जनरल का पद दिया था।
भारतीय सेना ने भी सोशल मीडिया मंच एक्स पर जनरल सेठ की नेपाल यात्रा की पुष्टि की। सेना ने कहा कि यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच आपसी समझ बढ़ाना, साझा हितों से जुड़े मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करना और द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को मजबूत करना है।
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नेपाल में किन अधिकारियों से मुलाकात होगी?
नेपाल सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल राजाराम बस्नेत के अनुसार, जनरल सेठ अपने नेपाली समकक्ष जनरल अशोक राज सिग्देल से मुलाकात करेंगे। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि वह नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से भी मुलाकात करेंगे या नहीं। शाह ही नेपाल के रक्षा मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं।
प्रधानमंत्री शाह विदेशी राजनयिकों और अधिकारियों से मुलाकात में कड़े राजनयिक प्रोटोकॉल का पालन करते हैं। उन्होंने पिछले सप्ताह भारत और चीन के राजदूतों से मुलाकात की थी। इसके अलावा अब तक उन्होंने अन्य विदेशी राजनयिकों से मुलाकात से दूरी बनाए रखी है। बस्नेत ने कहा कि उन्हें जनरल सेठ के अन्य प्रस्तावित कार्यक्रमों की जानकारी नहीं है।
यह भी पढ़ें: Elon Musk: किसने दिया पोस्ट हटाने का आदेश, जान सकेंगे एक्स यूजर्स? मस्क बोले- पारदर्शिता बढ़ाने की ओर कदम
क्या भारतीय सेना में नेपाली युवाओं की भर्ती पर होगी बात?
जनरल सेठ की यात्रा के बीच नेपाली युवाओं की भारतीय सेना में भर्ती का मुद्दा भी चर्चा में है। हालांकि, नेपाली सेना के प्रवक्ता ने कहा कि उन्हें ऐसी किसी चर्चा की जानकारी नहीं है।
भारतीय सेना में नेपाली युवाओं की भर्ती 2019 से रुकी हुई है। शुरुआत में कोविड-19 महामारी के कारण भर्ती प्रक्रिया प्रभावित हुई थी। इसके बाद 2022 में भारत की अग्निपथ योजना लागू होने के बाद नेपाल ने भर्ती रोक दी।
अग्निपथ योजना के तहत चार साल बाद अधिकतम 25 प्रतिशत भर्ती जवानों को स्थायी सेवा में रखा जाता है। बाकी 75 प्रतिशत जवानों को एकमुश्त राशि देकर सेवा से मुक्त किया जाता है। उन्हें पेंशन या लंबे समय के अन्य करियर लाभ नहीं मिलते। नेपाल सरकार का कहना है कि यह व्यवस्था 1947 के भारत-नेपाल-ब्रिटेन त्रिपक्षीय समझौते के प्रावधानों के अनुरूप नहीं है। इसी वजह से नेपाली युवाओं की भारतीय सेना में भर्ती फिर शुरू नहीं हुई है।
क्या नेपाली युवा फिर भारतीय सेना में जाना चाहते हैं?
नेपाल में रोजगार के सीमित अवसरों के बीच कई युवा अब भी भारतीय सेना में शामिल होना चाहते हैं। पिछले सप्ताह पश्चिमी नेपाल के प्रमुख पर्यटन शहर पोखरा में नेपाली युवाओं के एक समूह ने रैली निकाली। उन्होंने सरकार से अपना रुख बदलने और भारत की नई भर्ती व्यवस्था के तहत नेपाली युवाओं को भारतीय सेना में शामिल होने की अनुमति देने की मांग की।
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जनरल सेठ को क्यों दिया जा रहा है यह सम्मान?
जनरल धीरज सेठ 30 जून को भारतीय थल सेना के 31वें प्रमुख बने थे। नेपाल यात्रा उन्हें उनके नेपाली समकक्ष जनरल अशोक राज सिग्देल के निमंत्रण पर कर रहे हैं। इससे पहले दिसंबर 2024 में भारतीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जनरल अशोक राज सिग्देल को भारतीय सेना के मानद जनरल का पद दिया था।
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भारतीय सेना ने भी सोशल मीडिया मंच एक्स पर जनरल सेठ की नेपाल यात्रा की पुष्टि की। सेना ने कहा कि यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच आपसी समझ बढ़ाना, साझा हितों से जुड़े मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करना और द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को मजबूत करना है।
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नेपाल में किन अधिकारियों से मुलाकात होगी?
नेपाल सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल राजाराम बस्नेत के अनुसार, जनरल सेठ अपने नेपाली समकक्ष जनरल अशोक राज सिग्देल से मुलाकात करेंगे। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि वह नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से भी मुलाकात करेंगे या नहीं। शाह ही नेपाल के रक्षा मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं।
प्रधानमंत्री शाह विदेशी राजनयिकों और अधिकारियों से मुलाकात में कड़े राजनयिक प्रोटोकॉल का पालन करते हैं। उन्होंने पिछले सप्ताह भारत और चीन के राजदूतों से मुलाकात की थी। इसके अलावा अब तक उन्होंने अन्य विदेशी राजनयिकों से मुलाकात से दूरी बनाए रखी है। बस्नेत ने कहा कि उन्हें जनरल सेठ के अन्य प्रस्तावित कार्यक्रमों की जानकारी नहीं है।
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क्या भारतीय सेना में नेपाली युवाओं की भर्ती पर होगी बात?
जनरल सेठ की यात्रा के बीच नेपाली युवाओं की भारतीय सेना में भर्ती का मुद्दा भी चर्चा में है। हालांकि, नेपाली सेना के प्रवक्ता ने कहा कि उन्हें ऐसी किसी चर्चा की जानकारी नहीं है।
भारतीय सेना में नेपाली युवाओं की भर्ती 2019 से रुकी हुई है। शुरुआत में कोविड-19 महामारी के कारण भर्ती प्रक्रिया प्रभावित हुई थी। इसके बाद 2022 में भारत की अग्निपथ योजना लागू होने के बाद नेपाल ने भर्ती रोक दी।
अग्निपथ योजना के तहत चार साल बाद अधिकतम 25 प्रतिशत भर्ती जवानों को स्थायी सेवा में रखा जाता है। बाकी 75 प्रतिशत जवानों को एकमुश्त राशि देकर सेवा से मुक्त किया जाता है। उन्हें पेंशन या लंबे समय के अन्य करियर लाभ नहीं मिलते। नेपाल सरकार का कहना है कि यह व्यवस्था 1947 के भारत-नेपाल-ब्रिटेन त्रिपक्षीय समझौते के प्रावधानों के अनुरूप नहीं है। इसी वजह से नेपाली युवाओं की भारतीय सेना में भर्ती फिर शुरू नहीं हुई है।
क्या नेपाली युवा फिर भारतीय सेना में जाना चाहते हैं?
नेपाल में रोजगार के सीमित अवसरों के बीच कई युवा अब भी भारतीय सेना में शामिल होना चाहते हैं। पिछले सप्ताह पश्चिमी नेपाल के प्रमुख पर्यटन शहर पोखरा में नेपाली युवाओं के एक समूह ने रैली निकाली। उन्होंने सरकार से अपना रुख बदलने और भारत की नई भर्ती व्यवस्था के तहत नेपाली युवाओं को भारतीय सेना में शामिल होने की अनुमति देने की मांग की।