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Elon Musk: किसने दिया पोस्ट हटाने का आदेश, जान सकेंगे एक्स यूजर्स? मस्क बोले- पारदर्शिता बढ़ाने की ओर कदम
Sun, 16 Aug 2026 04:49 PM IST
Devesh Tripathi
आईएएनएस, नई दिल्ली
आईएएनएस, नई दिल्ली
Published by: Devesh Tripathi
Updated Sun, 16 Aug 2026 04:49 PM IST
सार
एक्स के मालिक एलन मस्क ने सरकारी एजेंसियों की ओर से कंटेंट पर कार्रवाई के अनुरोधों को अधिक पारदर्शी बनाने की योजना बताई है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत यूजर्स को जानकारी मिल सकेगी कि किसी पोस्ट या अकाउंट के खिलाफ किस सरकार ने कार्रवाई की मांग की। जहां संभव होगा, अनुरोध के पीछे का कानूनी आधार भी बताया जाएगा।
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मस्क बोले- सेंसरशिप होगी स्पष्ट
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स सरकारी अधिकारियों के अनुरोध पर कंटेंट हटाने या उस पर रोक लगाने की कार्रवाई को यूजर्स के लिए अधिक स्पष्ट करेगा। एक्स के मालिक एलन मस्क ने यह जानकारी देते हुए कहा कि यह कदम कंटेंट मॉडरेशन, रिकमेंडेशन एल्गोरिदम और ऑनलाइन भाषण में सरकारी हस्तक्षेप को लेकर पारदर्शिता बढ़ाने की व्यापक कोशिश का हिस्सा है।
मस्क ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि सरकारों की ओर से की जाने वाली किसी भी सेंसरशिप को अब स्पष्ट रूप से देखा जा सकेगा। उन्होंने कहा, "सरकारों द्वारा जरूरी की गई कोई भी सेंसरशिप अब स्पष्ट रूप से दिखाई देगी।" प्रस्तावित बदलावों के तहत एक्स यूजर्स यह देख सकेंगे कि कब किसी सरकार ने किसी पोस्ट को हटाने या किसी अकाउंट पर प्रतिबंध लगाने का अनुरोध किया है।
प्लेटफॉर्म की योजना ऐसे अनुरोध करने वाली एजेंसियों की जानकारी देने की भी है। जहां उपलब्ध होगा, वहां कार्रवाई के लिए बताए गए कानूनी आधार या कारण की जानकारी भी दी जाएगी। यह कदम मस्क की एक्स के मॉडरेशन और कंटेंट वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने की व्यापक कोशिश का हिस्सा है।
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एक्स को खरीदने के बाद से मस्क लगातार कहते रहे हैं कि यूजर्स को यह जानने का अधिक अधिकार होना चाहिए कि ऑनलाइन कंटेंट को किस तरह मॉडरेट और रैंक किया जाता है। क्रिप्टो ब्रीफिंग की एक रिपोर्ट के अनुसार, मस्क के स्वामित्व के दौरान एक्स ने सरकारों की ओर से कंटेंट हटाने के 83 प्रतिशत से लेकर 98.8 प्रतिशत तक अनुरोधों का पालन किया है। यह दर किस अवधि की रिपोर्टिंग की गई है, उसके आधार पर अलग-अलग रही।
रिपोर्ट में कहा गया है कि यह अनुपालन दर एक्स के पिछले प्रबंधन के समय की दर से अधिक है। एक्स अपने रिकमेंडेशन सिस्टम को लेकर भी अधिक पारदर्शिता देने की दिशा में काम कर रहा है। कंपनी ने अपनी रिकमेंडेशन तकनीक के कुछ हिस्सों को ओपन-सोर्स करने के प्रयासों का समर्थन किया है। इससे शोधकर्ताओं और यूजर्स को यह समझने और जांचने का मौका मिलता है कि कंटेंट की रैंकिंग कैसे तय होती है और पोस्ट को किस तरह ज्यादा या कम लोगों तक पहुंचाया जाता है।
प्लेटफॉर्म का लक्ष्य यूजर्स को उन कारकों के बारे में अधिक स्पष्ट जानकारी देना है, जो किसी कंटेंट की पहुंच को प्रभावित करते हैं। इसमें यह भी शामिल है कि किसी पोस्ट को अधिक लोगों तक पहुंचाया जा रहा है, उसकी पहुंच कम की जा रही है या उस पर रीच प्रतिबंध लगाया गया है।
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मस्क ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि सरकारों की ओर से की जाने वाली किसी भी सेंसरशिप को अब स्पष्ट रूप से देखा जा सकेगा। उन्होंने कहा, "सरकारों द्वारा जरूरी की गई कोई भी सेंसरशिप अब स्पष्ट रूप से दिखाई देगी।" प्रस्तावित बदलावों के तहत एक्स यूजर्स यह देख सकेंगे कि कब किसी सरकार ने किसी पोस्ट को हटाने या किसी अकाउंट पर प्रतिबंध लगाने का अनुरोध किया है।
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प्लेटफॉर्म की योजना ऐसे अनुरोध करने वाली एजेंसियों की जानकारी देने की भी है। जहां उपलब्ध होगा, वहां कार्रवाई के लिए बताए गए कानूनी आधार या कारण की जानकारी भी दी जाएगी। यह कदम मस्क की एक्स के मॉडरेशन और कंटेंट वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने की व्यापक कोशिश का हिस्सा है।
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एक्स को खरीदने के बाद से मस्क लगातार कहते रहे हैं कि यूजर्स को यह जानने का अधिक अधिकार होना चाहिए कि ऑनलाइन कंटेंट को किस तरह मॉडरेट और रैंक किया जाता है। क्रिप्टो ब्रीफिंग की एक रिपोर्ट के अनुसार, मस्क के स्वामित्व के दौरान एक्स ने सरकारों की ओर से कंटेंट हटाने के 83 प्रतिशत से लेकर 98.8 प्रतिशत तक अनुरोधों का पालन किया है। यह दर किस अवधि की रिपोर्टिंग की गई है, उसके आधार पर अलग-अलग रही।
रिपोर्ट में कहा गया है कि यह अनुपालन दर एक्स के पिछले प्रबंधन के समय की दर से अधिक है। एक्स अपने रिकमेंडेशन सिस्टम को लेकर भी अधिक पारदर्शिता देने की दिशा में काम कर रहा है। कंपनी ने अपनी रिकमेंडेशन तकनीक के कुछ हिस्सों को ओपन-सोर्स करने के प्रयासों का समर्थन किया है। इससे शोधकर्ताओं और यूजर्स को यह समझने और जांचने का मौका मिलता है कि कंटेंट की रैंकिंग कैसे तय होती है और पोस्ट को किस तरह ज्यादा या कम लोगों तक पहुंचाया जाता है।
प्लेटफॉर्म का लक्ष्य यूजर्स को उन कारकों के बारे में अधिक स्पष्ट जानकारी देना है, जो किसी कंटेंट की पहुंच को प्रभावित करते हैं। इसमें यह भी शामिल है कि किसी पोस्ट को अधिक लोगों तक पहुंचाया जा रहा है, उसकी पहुंच कम की जा रही है या उस पर रीच प्रतिबंध लगाया गया है।