{"_id":"6a81a5ee7cf104e3730cddbd","slug":"tarique-rahman-india-visit-bangladesh-asks-delhi-favourable-environment-brics-sheikh-hasina-extradition-2026-08-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"तारिक रहमान की दिल्ली यात्रा पर सस्पेंस: बांग्लादेश ने भारत के सामने रखी क्या शर्त? बोला- अनुकूल माहौल बनाएं","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
तारिक रहमान की दिल्ली यात्रा पर सस्पेंस: बांग्लादेश ने भारत के सामने रखी क्या शर्त? बोला- अनुकूल माहौल बनाएं
Sun, 16 Aug 2026 05:28 PM IST
Devesh Tripathi
पीटीआई, ढाका
पीटीआई, ढाका
Published by: Devesh Tripathi
Updated Sun, 16 Aug 2026 05:28 PM IST
सार
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान की संभावित भारत यात्रा को लेकर दोनों देशों के बीच कूटनीतिक गतिविधियां बढ़ गई हैं। ढाका ने कहा है कि नई दिल्ली को यात्रा के लिए अनुकूल परिस्थितियां तैयार करनी चाहिए। बांग्लादेश के इस बयान को शेख हसीना के प्रत्यर्पण की उसकी लगातार मांग से जोड़कर देखा जा रहा है।
विज्ञापन
बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बांग्लादेश ने रविवार को कहा कि वह चाहता है कि भारत प्रधानमंत्री तारिक रहमान की संभावित नई दिल्ली यात्रा के लिए अनुकूल माहौल बनाए। प्रथोम आलो की रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता शाहिदुल करीम ने इसके लिए भारतीय अधिकारियों से द्विपक्षीय प्रत्यर्पण संधि के तहत पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और अन्य फरार अपराधियों को जल्द वापस करने के साथ उस्मान हादी की हत्या के आरोपियों को बांग्लादेश को सौंपने का अनुरोध किया है।
यह बयान 12-13 सितंबर को होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए तारिक रहमान की नई दिल्ली यात्रा को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच आया है। तारिक रहमान ने पिछले सप्ताह भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी से मुलाकात की थी और पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के बांग्लादेश प्रत्यर्पण की मांग की थी। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं था कि वह नई दिल्ली की यात्रा करेंगे या नहीं।
शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग पर क्यों अड़ा बांग्लादेश?
बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता शाहिदुल करीम ने कहा, "हमने इस मामले पर अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। हमारा मानना है कि इस यात्रा के लिए उचित माहौल बनाया जाना चाहिए। हम उनके (भारत के) जवाब का इंतजार कर रहे हैं। बांग्लादेश और भारत पिछले कई हफ्तों से प्रधानमंत्री तारिक रहमान की भारत की द्विपक्षीय यात्रा की संभावना को लेकर एक-दूसरे के संपर्क में हैं।"
विज्ञापन
नई दिल्ली में 5 अगस्त को हसीना की ओर से मीडिया को ऑनलाइन संबोधित किए जाने के बाद भारत और बांग्लादेश के संबंधों में तनाव देखने को मिला है। शेख हसीना ने कहा था कि वह लोकतंत्र बहाल कर देश को "सही रास्ते" पर लाने के लिए दिसंबर में स्वदेश लौटने को लेकर दृढ़ हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि उन्हें जेल या मौत की सजा का सामना करने का खतरा हो सकता है।
किस बात पर मुंह फुलाए बैठा है बांग्लादेश?
बांग्लादेश ने इस मीडिया बातचीत पर नाराजगी जताई थी। उसने कहा था कि इस कार्यक्रम से उसके लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं और इससे भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर बनाने के प्रयासों पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। हालांकि, भारत के विदेश मंत्रालय ने 7 अगस्त को कहा था कि हसीना से जुड़े इस मीडिया कार्यक्रम में भारत की कोई भूमिका नहीं थी और मंच पर बांग्लादेश सरकार को लेकर कही गई किसी भी बात का वह समर्थन नहीं करता।
रहमान की भारतीय उच्चायुक्त से मुलाकात के बाद बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने कहा था कि ब्रिक्स का निमंत्रण प्रधानमंत्री को व्यक्तिगत रूप से नहीं, बल्कि "बिम्सटेक के अध्यक्ष" को दिया गया है।
भारत ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए दिया रहमान को न्योता
बिम्सटेक सात देशों का अंतरराष्ट्रीय समूह है, जिसमें बांग्लादेश, भूटान, भारत, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड शामिल हैं। बांग्लादेश के पास इस क्षेत्रीय समूह की आधिकारिक अध्यक्षता है। हालांकि, विदेश मंत्रालय ने 14 अगस्त को कहा था, "हमने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री को द्विपक्षीय यात्रा के लिए आमंत्रित किया है। हमने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के आउटरीच सत्र के लिए भारत आने का भी निमंत्रण दिया है।"
हसीना के तख्तापलट के बाद से ही बांग्लादेश कर रहा प्रत्यर्पण की मांग
अगस्त 2024 में छात्र नेतृत्व वाले हिंसक प्रदर्शनों के बाद शेख हसीना को सत्ता से हटा दिया गया था और वह बांग्लादेश से भागकर भारत आ गई थीं। नवंबर 2025 में बांग्लादेश के एक विशेष न्यायाधिकरण ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान कथित "मानवता के खिलाफ अपराधों" के मामले में शेख हसीना को उनकी गैरमौजूदगी में मौत की सजा सुनाई थी।
इसके बाद से ढाका भारत से हसीना के प्रत्यर्पण की मांग कर रहा है। वहीं, नई दिल्ली का कहना है कि प्रत्यर्पण अनुरोध की लागू कानून और स्थापित कानूनी प्रक्रियाओं के तहत जांच की जा रही है। बांग्लादेश सरकार का कहना है कि हसीना को स्वदेश लौटने पर आत्मसमर्पण करना होगा और कानून का सामना करना होगा।
विज्ञापन
यह बयान 12-13 सितंबर को होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए तारिक रहमान की नई दिल्ली यात्रा को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच आया है। तारिक रहमान ने पिछले सप्ताह भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी से मुलाकात की थी और पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के बांग्लादेश प्रत्यर्पण की मांग की थी। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं था कि वह नई दिल्ली की यात्रा करेंगे या नहीं।
विज्ञापन
शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग पर क्यों अड़ा बांग्लादेश?
बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता शाहिदुल करीम ने कहा, "हमने इस मामले पर अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। हमारा मानना है कि इस यात्रा के लिए उचित माहौल बनाया जाना चाहिए। हम उनके (भारत के) जवाब का इंतजार कर रहे हैं। बांग्लादेश और भारत पिछले कई हफ्तों से प्रधानमंत्री तारिक रहमान की भारत की द्विपक्षीय यात्रा की संभावना को लेकर एक-दूसरे के संपर्क में हैं।"
विज्ञापन
नई दिल्ली में 5 अगस्त को हसीना की ओर से मीडिया को ऑनलाइन संबोधित किए जाने के बाद भारत और बांग्लादेश के संबंधों में तनाव देखने को मिला है। शेख हसीना ने कहा था कि वह लोकतंत्र बहाल कर देश को "सही रास्ते" पर लाने के लिए दिसंबर में स्वदेश लौटने को लेकर दृढ़ हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि उन्हें जेल या मौत की सजा का सामना करने का खतरा हो सकता है।
किस बात पर मुंह फुलाए बैठा है बांग्लादेश?
बांग्लादेश ने इस मीडिया बातचीत पर नाराजगी जताई थी। उसने कहा था कि इस कार्यक्रम से उसके लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं और इससे भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर बनाने के प्रयासों पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। हालांकि, भारत के विदेश मंत्रालय ने 7 अगस्त को कहा था कि हसीना से जुड़े इस मीडिया कार्यक्रम में भारत की कोई भूमिका नहीं थी और मंच पर बांग्लादेश सरकार को लेकर कही गई किसी भी बात का वह समर्थन नहीं करता।
रहमान की भारतीय उच्चायुक्त से मुलाकात के बाद बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने कहा था कि ब्रिक्स का निमंत्रण प्रधानमंत्री को व्यक्तिगत रूप से नहीं, बल्कि "बिम्सटेक के अध्यक्ष" को दिया गया है।
भारत ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए दिया रहमान को न्योता
बिम्सटेक सात देशों का अंतरराष्ट्रीय समूह है, जिसमें बांग्लादेश, भूटान, भारत, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड शामिल हैं। बांग्लादेश के पास इस क्षेत्रीय समूह की आधिकारिक अध्यक्षता है। हालांकि, विदेश मंत्रालय ने 14 अगस्त को कहा था, "हमने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री को द्विपक्षीय यात्रा के लिए आमंत्रित किया है। हमने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के आउटरीच सत्र के लिए भारत आने का भी निमंत्रण दिया है।"
हसीना के तख्तापलट के बाद से ही बांग्लादेश कर रहा प्रत्यर्पण की मांग
अगस्त 2024 में छात्र नेतृत्व वाले हिंसक प्रदर्शनों के बाद शेख हसीना को सत्ता से हटा दिया गया था और वह बांग्लादेश से भागकर भारत आ गई थीं। नवंबर 2025 में बांग्लादेश के एक विशेष न्यायाधिकरण ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान कथित "मानवता के खिलाफ अपराधों" के मामले में शेख हसीना को उनकी गैरमौजूदगी में मौत की सजा सुनाई थी।
इसके बाद से ढाका भारत से हसीना के प्रत्यर्पण की मांग कर रहा है। वहीं, नई दिल्ली का कहना है कि प्रत्यर्पण अनुरोध की लागू कानून और स्थापित कानूनी प्रक्रियाओं के तहत जांच की जा रही है। बांग्लादेश सरकार का कहना है कि हसीना को स्वदेश लौटने पर आत्मसमर्पण करना होगा और कानून का सामना करना होगा।