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ब्रिटेन से आजादी...: वेल्स, स्कॉटलैंड व उत्तरी आयरलैंड मिलकर करेंगे काम; क्या अलग देश की मांग होगी तेज?
Tue, 15 Sep 2026 07:37 AM IST
निर्मल कांत
एजेंसी, लंदन
एजेंसी, लंदन
Published by: निर्मल कांत
Updated Tue, 15 Sep 2026 07:37 AM IST
सार
ब्रिटेन से अलग होने की मांग को लेकर वेल्स, स्कॉटलैंड और उत्तरी आयरलैंड के नेताओं ने पहली बार साथ आकर आगे की रणनीति पर चर्चा की है। तीनों देशों ने अपने लोगों को अपना भविष्य खुद तय करने का अधिकार देने की मांग उठाई है। क्या इस साथ आने से ब्रिटेन से अलग देश की मुहिम को नई ताकत मिलेगी? पढ़िए रिपोर्ट
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भू-राजनीति का नया अध्याय
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
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विस्तार
ब्रिटेन से आजादी का इच्छा रखने वाले वेल्स, स्कॉटलैंड और उत्तरी आयरलैंड के नेताओं ने सोमवार को एक ऐतिहासिक बैठक की। सेल्टिक देशों को आजाद करने के लिए जनमत संग्रह के उद्देश्य से हुए इस सम्मेलन में तीनों देशों के फर्स्ट मिनिस्टर्स ने कहा कि वेस्टमिंस्टर का समय अब खत्म हो रहा है। सम्मेलन के बाद तीनों सेल्टिक देशों के नेताओं ने अपने देश की जनता के हितों के लिए अलग व स्वतंत्र देश की मांग की।
प्लैड सिमरू के नेता रून एप इओरवेर्थ, स्कॉटिश नेशनल पार्टी के नेता जॉन स्विनी, सिन फेन की वाइस-प्रेसिडेंट मिशेल ओ'नील और आयरलैंड में विपक्ष की नेता मैरी लू मैकडोनाल्ड ने सोमवार को कार्डिफ में एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। इसमें कहा गया है, हमारा मानना है कि सांविधानिक बदलाव होने वाला है। वेस्टमिंस्टर की किसी भी सरकार को लोकतंत्र को रोकने या इस सिद्धांत को कमजोर करने का अधिकार नहीं है कि हमारे लोग अपना भविष्य खुद तय करेंगे। हम ब्रिटिश सरकार से मांग करते हैं कि वह हर क्षेत्र में सांविधानिक बदलाव की तैयारी करे, उसकी योजना बनाए और उसे आसान बनाए।
लंदन में टेम्स नदी के किनारे स्थित पैलेस ऑफ वेस्टमिंस्टर ब्रिटिश संसद का सभास्थल है जिसके कारण यह ब्रिटिश राजनीतिक सत्ता का मुख्य केंद्र बिंदु माना जाता है। मई में हुए सेनेड चुनावों में प्लेड सिमरू की जीत के बाद, इन सहयोगी पार्टियों की यह पहली आमने-सामने की बैठक थी। इस जीत ने पहली बार तीनों देशों में अलगाववादी पार्टियों को सरकार में पहुंचाया था। नेताओं ने सरकारी अधिकारियों के तौर पर नहीं, बल्कि पार्टी के नेताओं के तौर पर मुलाकात की और आर्थिक, ऊर्जा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के साथ-साथ आत्म-निर्णय के मुद्दों पर चर्चा की।
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ट्रंप ने भी दी ब्रिटेन के बंटवारे को हवा
आयरलैंड के दौरे पर पहुंचे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिटेन के संभावित बंटवारे पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि वे एक एकजुट आयरलैंड देखना पसंद करेंगे और ऐसा अभी भी हो सकता है। उनके इस बयान पर ब्रिटिश सरकार ने तुरंत कड़ी प्रतिक्रिया दी।
ये भी पढ़ें: टेम्स किनारे पहली बार गंगा आरती: लंदन में भारतीय परंपरा का अनोखा संगम, वैदिक मंत्रों-दीपों से जगमगाया नदी तट
वेल्स व आयरलैंड में बढ़ रहा आजादी के लिए समर्थन : ताजा सर्वेक्षण से पता चलता है कि अगर आने वाले दिनों में जनमत संग्रह हो तो स्कॉटलैंड के 47 फीसदी वोटर आजादी के पक्ष में वोट देंगे, जबकि उत्तरी आयरलैंड में यह आंकड़ा 36 फीसदी और वेल्स में 32 फीसदी होगा। 2014 के जनमत संग्रह के बाद से स्कॉटलैंड में आजादी के लिए समर्थन 45-50 प्रतिशत के बीच रहा है। आंकड़ों से पता चलता है कि वेल्स और उत्तरी आयरलैंड में यह समर्थन बढ़ रहा है।
ब्रिटिश पीएम बर्नहैम फर्स्ट मिनिस्टर्स से मिलेंगे
उम्मीद है कि ब्रिटिश पीएम एंडी बर्नहैम अगले महीने तीनों फर्स्ट मिनिस्टर्स से मिलेंगे। ब्रिटिश सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा, स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड में फर्स्ट मिनिस्टर्स और डिप्टी फर्स्ट मिनिस्टर्स के साथ मिलकर काम करने का प्रधानमंत्री का तरीका पार्टनरशिप और सहयोग पर आधारित है। ब्रिटश सरकार का ध्यान उन मुद्दों को हल करने पर है जो परिवारों के लिए सबसे अधिक मायने रखते हैं, जैसे घरेलू बजट पर दबाव कम करना और बेहतर आर्थिक सुरक्षा देना, न कि सांविधानिक बहसों या और जनमत संग्रहों में उलझना।
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प्लैड सिमरू के नेता रून एप इओरवेर्थ, स्कॉटिश नेशनल पार्टी के नेता जॉन स्विनी, सिन फेन की वाइस-प्रेसिडेंट मिशेल ओ'नील और आयरलैंड में विपक्ष की नेता मैरी लू मैकडोनाल्ड ने सोमवार को कार्डिफ में एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। इसमें कहा गया है, हमारा मानना है कि सांविधानिक बदलाव होने वाला है। वेस्टमिंस्टर की किसी भी सरकार को लोकतंत्र को रोकने या इस सिद्धांत को कमजोर करने का अधिकार नहीं है कि हमारे लोग अपना भविष्य खुद तय करेंगे। हम ब्रिटिश सरकार से मांग करते हैं कि वह हर क्षेत्र में सांविधानिक बदलाव की तैयारी करे, उसकी योजना बनाए और उसे आसान बनाए।
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लंदन में टेम्स नदी के किनारे स्थित पैलेस ऑफ वेस्टमिंस्टर ब्रिटिश संसद का सभास्थल है जिसके कारण यह ब्रिटिश राजनीतिक सत्ता का मुख्य केंद्र बिंदु माना जाता है। मई में हुए सेनेड चुनावों में प्लेड सिमरू की जीत के बाद, इन सहयोगी पार्टियों की यह पहली आमने-सामने की बैठक थी। इस जीत ने पहली बार तीनों देशों में अलगाववादी पार्टियों को सरकार में पहुंचाया था। नेताओं ने सरकारी अधिकारियों के तौर पर नहीं, बल्कि पार्टी के नेताओं के तौर पर मुलाकात की और आर्थिक, ऊर्जा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के साथ-साथ आत्म-निर्णय के मुद्दों पर चर्चा की।
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ट्रंप ने भी दी ब्रिटेन के बंटवारे को हवा
आयरलैंड के दौरे पर पहुंचे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिटेन के संभावित बंटवारे पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि वे एक एकजुट आयरलैंड देखना पसंद करेंगे और ऐसा अभी भी हो सकता है। उनके इस बयान पर ब्रिटिश सरकार ने तुरंत कड़ी प्रतिक्रिया दी।
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वेल्स व आयरलैंड में बढ़ रहा आजादी के लिए समर्थन : ताजा सर्वेक्षण से पता चलता है कि अगर आने वाले दिनों में जनमत संग्रह हो तो स्कॉटलैंड के 47 फीसदी वोटर आजादी के पक्ष में वोट देंगे, जबकि उत्तरी आयरलैंड में यह आंकड़ा 36 फीसदी और वेल्स में 32 फीसदी होगा। 2014 के जनमत संग्रह के बाद से स्कॉटलैंड में आजादी के लिए समर्थन 45-50 प्रतिशत के बीच रहा है। आंकड़ों से पता चलता है कि वेल्स और उत्तरी आयरलैंड में यह समर्थन बढ़ रहा है।
ब्रिटिश पीएम बर्नहैम फर्स्ट मिनिस्टर्स से मिलेंगे
उम्मीद है कि ब्रिटिश पीएम एंडी बर्नहैम अगले महीने तीनों फर्स्ट मिनिस्टर्स से मिलेंगे। ब्रिटिश सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा, स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड में फर्स्ट मिनिस्टर्स और डिप्टी फर्स्ट मिनिस्टर्स के साथ मिलकर काम करने का प्रधानमंत्री का तरीका पार्टनरशिप और सहयोग पर आधारित है। ब्रिटश सरकार का ध्यान उन मुद्दों को हल करने पर है जो परिवारों के लिए सबसे अधिक मायने रखते हैं, जैसे घरेलू बजट पर दबाव कम करना और बेहतर आर्थिक सुरक्षा देना, न कि सांविधानिक बहसों या और जनमत संग्रहों में उलझना।