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चीन में बड़े बदलाव के कयास: 36 साल बाद पहली बार PM की प्रेस वार्ता रद्द, विदेश मंत्री बदलने की अटकलें; जानिए
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Mon, 04 Mar 2024 08:03 PM IST
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सार
चीन में बड़े राजनीतिक बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। 36 साल में पहली बार प्रधानमंत्री की वार्षिक प्रेस वार्ता रद्द की गई है। विदेश मंत्री भी बदले जाने के संकेत मिल रहे हैं। खबरों के मुताबिक विदेश मंत्री वरिष्ठ चीनी राजनयिक लियू जियानचाओ को बनाया जा सकता है।
चीनी प्रधानमंत्री ली कियांग (फाइल फोटो)।
- फोटो : ani
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विस्तार
चीनी प्रधानमंत्री की वार्षिक प्रेस वार्ता दशकों पुराना कार्यक्रम है। दुनियाभर के लोगों की नजरें इस पर होती हैं। दुनिया की दूसरी सबसे बड़ अर्थव्यवस्था- चीन की आर्थिक नीतियों को समझने के लिहाज से प्रधानमंत्री की प्रेस वार्ता को अहम माना जाता है। प्रेस ब्रीफिंग रद्द होने के अलावा अटकलें लगाई जा रही हैं कि मौजूदा विदेश मंत्री की जगह वरिष्ठ चीनी राजनयिक लियू जियानचाओ को विदेश मंत्री बनाया जा सकता है। वर्तमान में लियू जियानचाओ सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना (सीपीसी) के अंतरराष्ट्रीय विभाग के प्रमुख हैं।
चीनी PM की प्रेस वार्ता रद्द होना चौंकाने वाला फैसला क्यों?
एनपीसी प्रवक्ता लू क्विनजियान ने सोमवार को कहा, एनपीसी यानी चीनी संसद का सत्र 5 मार्च से 11 मार्च तक आयोजित होगा। वार्षिक बैठक आयोजित किए जाने के अलावा जब लू ने प्रधानमंत्री की प्रेस वार्ता रद्द किए जाने का एलान किया तो इसे बेहद चौंकाने वाला निर्णय माना गया। ऐसा इसलिए क्योंकि कई बार प्रधानमंत्री के बयानों के आधार पर चीनी आर्थिक नीति के बारे में बेहद अहम जानकारी सामने आई। चीनी प्रधानमंत्री को नाम मात्र रूप में चीनी अर्थव्यवस्था का प्रभारी माना जाता है।
1988 से शुरू हुई परंपरा, 36 साल बाद बदलाव की बयार
एक आश्चर्यजनक बयान में लू ने कहा कि वार्षिक संसद सत्र के अंत में प्रधानमंत्री की तरफ से मीडिया को संबोधित करने की प्रथा इस साल से बंद कर दी गई है। गौरतलब है कि चीनी प्रधानमंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस पहली बार 1988 में आयोजित की गई थी। इसका इंतजार बड़े पैमाने पर किया जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि प्रधानमंत्री आधिकारिक तौर पर जांचे गए कई अहम सवालों के जवाब देते हैं। इनमें ज्यादातर घरेलू मुद्दे होते हैं, लेकिन कई सवाल विदेश नीति पर भी होते हैं।
मीडिया के दायरे से बाहर हैं चीन के शीर्ष नेता
बता दें कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, प्रधानमंत्री ली कियांग और सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता स्थानीय आधिकारिक मीडिया और विदेशी प्रेस के सामने नहीं आते। विदेश मंत्री भी केवल एनपीसी बैठक के दौरान ही वार्षिक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हैं।
चीनी सरकार के बजट पर सबकी नजरें
रिपोर्ट के मुताबिक प्रधानमंत्री ली कियांग मंगलवार को एनपीसी के सत्र में रक्षा बजट सहित चीनी सरकार का पूरा लेखा-जोखा पेश करेंगे। माना जा रहा है कि मंदी से निपटने के सरकारी प्रयासों की विफलता के बीच प्रधानमंत्री कड़ी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि चीनी प्रधानमंत्री देश की अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने के लिए और कदमों की घोषणा करेंगे।
चीनी राष्ट्रपति के करीबी को केवल सात महीने का कार्यकाल
ऐसी भी अटकलें हैं कि चीनी विदेश मंत्री वांग यी को हटाकर लियू जियानचाओ को नया विदेश मंत्री बनाया जा सकता है। पिछले साल किन गैंग को बर्खास्त किए जाने के बाद वांग प्रभारी विदेश मंत्री बने थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राष्ट्रपति शी जिनपिंग के करीबी और विश्वासपात्र माने जाने वाले किन को पिछले साल जुलाई में महज सात महीने के कार्यकाल के बाद ही बर्खास्त कर दिया गया था। एनपीसी ने हाल ही में घोषणा की कि किन ने अपनी सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।
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एनपीसी प्रवक्ता लू क्विनजियान ने सोमवार को कहा, एनपीसी यानी चीनी संसद का सत्र 5 मार्च से 11 मार्च तक आयोजित होगा। वार्षिक बैठक आयोजित किए जाने के अलावा जब लू ने प्रधानमंत्री की प्रेस वार्ता रद्द किए जाने का एलान किया तो इसे बेहद चौंकाने वाला निर्णय माना गया। ऐसा इसलिए क्योंकि कई बार प्रधानमंत्री के बयानों के आधार पर चीनी आर्थिक नीति के बारे में बेहद अहम जानकारी सामने आई। चीनी प्रधानमंत्री को नाम मात्र रूप में चीनी अर्थव्यवस्था का प्रभारी माना जाता है।
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1988 से शुरू हुई परंपरा, 36 साल बाद बदलाव की बयार
एक आश्चर्यजनक बयान में लू ने कहा कि वार्षिक संसद सत्र के अंत में प्रधानमंत्री की तरफ से मीडिया को संबोधित करने की प्रथा इस साल से बंद कर दी गई है। गौरतलब है कि चीनी प्रधानमंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस पहली बार 1988 में आयोजित की गई थी। इसका इंतजार बड़े पैमाने पर किया जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि प्रधानमंत्री आधिकारिक तौर पर जांचे गए कई अहम सवालों के जवाब देते हैं। इनमें ज्यादातर घरेलू मुद्दे होते हैं, लेकिन कई सवाल विदेश नीति पर भी होते हैं।
मीडिया के दायरे से बाहर हैं चीन के शीर्ष नेता
बता दें कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, प्रधानमंत्री ली कियांग और सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता स्थानीय आधिकारिक मीडिया और विदेशी प्रेस के सामने नहीं आते। विदेश मंत्री भी केवल एनपीसी बैठक के दौरान ही वार्षिक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हैं।
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रिपोर्ट के मुताबिक प्रधानमंत्री ली कियांग मंगलवार को एनपीसी के सत्र में रक्षा बजट सहित चीनी सरकार का पूरा लेखा-जोखा पेश करेंगे। माना जा रहा है कि मंदी से निपटने के सरकारी प्रयासों की विफलता के बीच प्रधानमंत्री कड़ी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि चीनी प्रधानमंत्री देश की अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने के लिए और कदमों की घोषणा करेंगे।
चीनी राष्ट्रपति के करीबी को केवल सात महीने का कार्यकाल
ऐसी भी अटकलें हैं कि चीनी विदेश मंत्री वांग यी को हटाकर लियू जियानचाओ को नया विदेश मंत्री बनाया जा सकता है। पिछले साल किन गैंग को बर्खास्त किए जाने के बाद वांग प्रभारी विदेश मंत्री बने थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राष्ट्रपति शी जिनपिंग के करीबी और विश्वासपात्र माने जाने वाले किन को पिछले साल जुलाई में महज सात महीने के कार्यकाल के बाद ही बर्खास्त कर दिया गया था। एनपीसी ने हाल ही में घोषणा की कि किन ने अपनी सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।