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China: ईरान के स्कूल पर हमले के पीड़ितों के लिए 2 लाख डॉलर की मदद देगा चीन, नागरिकों पर हमले की निंदा की
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग।
Published by: Nirmal Kant
Updated Fri, 13 Mar 2026 05:49 PM IST
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सार
China: चीन ने ईरान में बालिका विद्यालय पर हवाई हमले में मारे गए छात्रों के लिए 2,00,000 अमेरिकी डॉलर की आपातकालीन मानवीय मदद देने की घोषणा की। साथ ही उसने सभी नागरिक और गैर-सैन्य लक्ष्यों पर हमलों की निंदा की और युद्धविराम की अपील करते हुए ईरानी लोगों को समर्थन जारी रखने का आश्वासन दिया। पढ़ें रिपोर्ट-
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन
- फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
पश्चिम एशिया में जंग जारी है। इस बीच, चीन ईरान की मदद के लिए आगे आया है। उसने हाल ही में बालिका प्राथमिक विद्यालय पर हवाई हमले में मारे गए छात्रों के लिए 2,00,000 अमेरिकी डॉलर की आपातकालीन मानवीय मदद देने की घोषणा की। अमेरिका और इस्राइल के शुरुआती हमलों के दौरान इस विद्यालय को निशाना बनाया गया था।
चीन के विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने एक मीडिया ब्रीफिंग में कहा, चीन इस हमले में छात्रों की मौत पर गहरा शोक व्यक्त करता है। उनके परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदना प्रकट करता है। उन्होंने कहा, चीन की रेड क्रॉस सोसायटी ने ईरानी रेड क्रेसेंट सोसासटी को 2,00,000 अमेरिकी डॉलर (यूएसडी) की आपातकालीन मानवीय मदद देने का फैसला लिया है।
गुओ ने कहा, चीन सभी नागरिकों और गैर-सैन्य लक्ष्यों पर किए गए हमलों की निंदा करना करता है। उन्होंने कहा, विद्यालयों को निशाना बनाना और बच्चों को नुकसान पहुंचाना अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का गंभीर उल्लंघन है और मानव नैतिकता व अंतरात्मा की सीमाओं को पार करता है। उन्होंने कहा, चीन मानवीयता की भावना के तहत ईरान को जरूरी समर्थन जारी रखने को तैयार है, ताकि ईरानी लोग इन कठिन परिस्थितियों से उबर सकें।
हमले में हुई थी 150 लोगों की मौत
संयुक्त राष्ट्र के एक मार्च के बयान के अनुसार, मिसाइलों ने दक्षिणी ईरान के मिनाब शहर में एक बालिका प्राथमिक विद्यालय को निशाना बनाया, जिसमें लगभग 150 लोगों की मौत हुई और लगभग 100 घायल हुए। बताया जा रहा है कि मृतकों में कई छात्राएं शामिल हैं। ईरान ने इस हमले के लिए अमेरिका और इस्राइल को जिम्मेदार ठहराया है।
ये भी पढ़ें: इराक में अमेरिका का KC-135 टैंकर विमान क्रैश, चालक दल के चार लोगों की मौत
अमेरिका और इस्राइल ने हमले पर क्या कहा?
बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सेना की मध्य कमान (सेंटकॉम) ने इस घटना की रिपोर्ट की जांच कर रही है। जबकि इस्राइल की सेना ने कहा कि उन्हें उस क्षेत्र में आईडीएफ के किसी भी ऑपरेशन की जानकारी नहीं है। यह बालिका विद्यालय मिनाब में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के बेस के पास स्थित था। इस बेस को पहले भी निशाना बनाया जा चुका था।
चीन ने तत्काल युद्धविराम का किया आग्रह
ईरान के करीबी सहयोगी चीन ने अमेरिका और इस्राइल के साथ जारी सैन्य संघर्ष और ईरानी सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद से तत्काल युद्धविराम और सैन्य कार्रवाई को रोकने का आग्रह किया है। गुओ ने कहा, चीन सभी पक्षों से तत्काल सैन्य कार्रवाई रोकने, आगे बढ़ने से बचने और क्षेत्रीय अशांति से वैश्विक आर्थिक विकास पर असर को रोकने का आह्वान करता है।
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चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने एक मीडिया ब्रीफिंग में कहा, चीन इस हमले में छात्रों की मौत पर गहरा शोक व्यक्त करता है। उनके परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदना प्रकट करता है। उन्होंने कहा, चीन की रेड क्रॉस सोसायटी ने ईरानी रेड क्रेसेंट सोसासटी को 2,00,000 अमेरिकी डॉलर (यूएसडी) की आपातकालीन मानवीय मदद देने का फैसला लिया है।
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गुओ ने कहा, चीन सभी नागरिकों और गैर-सैन्य लक्ष्यों पर किए गए हमलों की निंदा करना करता है। उन्होंने कहा, विद्यालयों को निशाना बनाना और बच्चों को नुकसान पहुंचाना अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का गंभीर उल्लंघन है और मानव नैतिकता व अंतरात्मा की सीमाओं को पार करता है। उन्होंने कहा, चीन मानवीयता की भावना के तहत ईरान को जरूरी समर्थन जारी रखने को तैयार है, ताकि ईरानी लोग इन कठिन परिस्थितियों से उबर सकें।
हमले में हुई थी 150 लोगों की मौत
संयुक्त राष्ट्र के एक मार्च के बयान के अनुसार, मिसाइलों ने दक्षिणी ईरान के मिनाब शहर में एक बालिका प्राथमिक विद्यालय को निशाना बनाया, जिसमें लगभग 150 लोगों की मौत हुई और लगभग 100 घायल हुए। बताया जा रहा है कि मृतकों में कई छात्राएं शामिल हैं। ईरान ने इस हमले के लिए अमेरिका और इस्राइल को जिम्मेदार ठहराया है।
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अमेरिका और इस्राइल ने हमले पर क्या कहा?
बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सेना की मध्य कमान (सेंटकॉम) ने इस घटना की रिपोर्ट की जांच कर रही है। जबकि इस्राइल की सेना ने कहा कि उन्हें उस क्षेत्र में आईडीएफ के किसी भी ऑपरेशन की जानकारी नहीं है। यह बालिका विद्यालय मिनाब में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के बेस के पास स्थित था। इस बेस को पहले भी निशाना बनाया जा चुका था।
चीन ने तत्काल युद्धविराम का किया आग्रह
ईरान के करीबी सहयोगी चीन ने अमेरिका और इस्राइल के साथ जारी सैन्य संघर्ष और ईरानी सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद से तत्काल युद्धविराम और सैन्य कार्रवाई को रोकने का आग्रह किया है। गुओ ने कहा, चीन सभी पक्षों से तत्काल सैन्य कार्रवाई रोकने, आगे बढ़ने से बचने और क्षेत्रीय अशांति से वैश्विक आर्थिक विकास पर असर को रोकने का आह्वान करता है।
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