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Iran: अमेरिकी युद्धपोत USS अब्राहम लिंकन पर ईरान का हमला? पोत को नुकसान होने का दावा; US ने भी दिया जवाब
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान
Published by: Nitin Gautam
Updated Fri, 13 Mar 2026 11:16 AM IST
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सार
ईरान ने अमेरिकी युद्धपोत यूएसएस अब्राहम लिंकन पर हमले का दावा किया है। यह अमेरिका के सबसे ताकतवर युद्धपोतों में से एक है। हालांकि अमेरिका ने ईरान के दावे को खारिज कर दिया है। अमेरिका का कहना है कि ईरानी मिसाइलें युद्धपोत को छू भी नहीं पाईं।
यूएसएस अब्राहम लिंकन
- फोटो : यूएस नेवल इंस्टीट्यूट वेबसाइट
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विस्तार
अमेरिका को उम्मीद थी कि उसके हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर की मौत के बाद युद्ध शायद जल्द खत्म हो जाएगा, लेकिन ईरान ने जिस तरह से पलटवार किया है, उससे अमेरिका, पश्चिम एशिया में फंसता नजर आ रहा है। अब ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने अमेरिका के ताकतवर युद्धपोत यूएसएस अब्राहम लिंकन पर हमले का दावा किया है।
आईआरजीसी ने एक बयान में दावा किया है कि उनकी एक बैलिस्टिक मिसाइल ने अमेरिकी युद्धपोत यूएसएस अब्राहम लिंकन को निशाना बनाया है। आईआरजीसी का कहना है कि इस हमले के चलते युद्धपोत काम करने की स्थिति में नहीं रह गया है और उसे खाड़ी जल क्षेत्र से पीछे हटना पड़ा है। हालांकि अमेरिका ने इस दावे को खारिज कर दिया है।
ईरान का क्या है दावा?
ईरान ने एक बयान जारी कर कहा है कि एक सटीक मिसाइल और ड्रोन हमले ने अमेरिकी युद्धपोत यूएसएस अब्राहम लिंकन को निशाना बनाया है। ईरान ने कहा है कि ओमान के जलक्षेत्र में युद्धपोत पर हमला किया गया, जो ईरान की समुद्री सीमा से करीब 340 किलोमीटर दूर है। ईरान के सरकारी मीडिया ने बताया कि हमले के बाद अमेरिकी युद्धपोत और उसका स्ट्राइक ग्रुप पीछे हट गया है। हालांकि इस दावे के पक्ष में ईरान के सरकारी मीडिया ने कोई जानकारी मुहैया नहीं कराई है। आईआरजीसी ने भी अमेरिकी युद्धपोत पर हमले का दावा किया है।
अमेरिका ने ईरान के दावे पर क्या कहा?
अमेरिका ने ईरान के दावे को सिरे से खारिज कर दिया है। यूएस सेंट्रल कमांड ने यूएसएस अब्राहम लिंकन की एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा है कि अब्राहम लिंकन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप, ऑपरेशन एपिक फ्यूरी में लगातार मदद कर रहा है।
युद्धपोत पर हमले की खबर इतनी अहम क्यों?
यूएसएस अब्राहम लिंकन अमेरिकी नौसेना के सबसे ताकतवर युद्धपोतों में से एक है। ऐसे में इस पर हमला यकीनी तौर पर अमेरिका के लिए बड़ा झटका होगा। यूएसएस अब्राहम लिंकन निमित्ज श्रेणी का पांचवा युद्धपोत है। यह परमाणु ऊर्जा से चलने वाला पोत है, जो दक्षिण चीन सागर में तैनात रहता है। इस युद्धपोत को अमेरिकी नौसेना में 1989 में शामिल किया गया था। यह युद्धपोत 97 हजार टन वजनी है और इसकी फ्लाइट डेक करीब 4.5 एकड़ में फैली हुई है। इसकी लंबाई करीब 1092 फीट है। इसमें चार हैंगर एलीवेटर हैं और यह अपने साथ 90 लड़ाकू विमान ले जा सकता है। इसकी डेक पर अमेरिका के सबसे आधुनिक लड़ाकू जेट एफ-35सी तैनात हैं। इस युद्धपोत पर पांच हजार से ज्यादा नौसैनिक, मरीन और क्रू के सदस्य तैनात हैं। यह दुनिया का सबसे बड़ा युद्धपोत है। यह युद्धपोत इतना बड़ा है कि इसका अपना खुद का जिप कोड, टीवी और रेडियो स्टेशन, एक अखबार, अग्निशमन केंद्र, लाइब्रेरी, एक अस्पताल, जनरल स्टोर जैसी सुविधाएं हैं।
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आईआरजीसी ने एक बयान में दावा किया है कि उनकी एक बैलिस्टिक मिसाइल ने अमेरिकी युद्धपोत यूएसएस अब्राहम लिंकन को निशाना बनाया है। आईआरजीसी का कहना है कि इस हमले के चलते युद्धपोत काम करने की स्थिति में नहीं रह गया है और उसे खाड़ी जल क्षेत्र से पीछे हटना पड़ा है। हालांकि अमेरिका ने इस दावे को खारिज कर दिया है।
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ईरान का क्या है दावा?
ईरान ने एक बयान जारी कर कहा है कि एक सटीक मिसाइल और ड्रोन हमले ने अमेरिकी युद्धपोत यूएसएस अब्राहम लिंकन को निशाना बनाया है। ईरान ने कहा है कि ओमान के जलक्षेत्र में युद्धपोत पर हमला किया गया, जो ईरान की समुद्री सीमा से करीब 340 किलोमीटर दूर है। ईरान के सरकारी मीडिया ने बताया कि हमले के बाद अमेरिकी युद्धपोत और उसका स्ट्राइक ग्रुप पीछे हट गया है। हालांकि इस दावे के पक्ष में ईरान के सरकारी मीडिया ने कोई जानकारी मुहैया नहीं कराई है। आईआरजीसी ने भी अमेरिकी युद्धपोत पर हमले का दावा किया है।
अमेरिका ने ईरान के दावे पर क्या कहा?
अमेरिका ने ईरान के दावे को सिरे से खारिज कर दिया है। यूएस सेंट्रल कमांड ने यूएसएस अब्राहम लिंकन की एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा है कि अब्राहम लिंकन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप, ऑपरेशन एपिक फ्यूरी में लगातार मदद कर रहा है।
The Abraham Lincoln Carrier Strike Group continues to support Operation Epic Fury and project power from the sea. pic.twitter.com/2o7krBUp70
— U.S. Central Command (@CENTCOM) March 12, 2026
युद्धपोत पर हमले की खबर इतनी अहम क्यों?
यूएसएस अब्राहम लिंकन अमेरिकी नौसेना के सबसे ताकतवर युद्धपोतों में से एक है। ऐसे में इस पर हमला यकीनी तौर पर अमेरिका के लिए बड़ा झटका होगा। यूएसएस अब्राहम लिंकन निमित्ज श्रेणी का पांचवा युद्धपोत है। यह परमाणु ऊर्जा से चलने वाला पोत है, जो दक्षिण चीन सागर में तैनात रहता है। इस युद्धपोत को अमेरिकी नौसेना में 1989 में शामिल किया गया था। यह युद्धपोत 97 हजार टन वजनी है और इसकी फ्लाइट डेक करीब 4.5 एकड़ में फैली हुई है। इसकी लंबाई करीब 1092 फीट है। इसमें चार हैंगर एलीवेटर हैं और यह अपने साथ 90 लड़ाकू विमान ले जा सकता है। इसकी डेक पर अमेरिका के सबसे आधुनिक लड़ाकू जेट एफ-35सी तैनात हैं। इस युद्धपोत पर पांच हजार से ज्यादा नौसैनिक, मरीन और क्रू के सदस्य तैनात हैं। यह दुनिया का सबसे बड़ा युद्धपोत है। यह युद्धपोत इतना बड़ा है कि इसका अपना खुद का जिप कोड, टीवी और रेडियो स्टेशन, एक अखबार, अग्निशमन केंद्र, लाइब्रेरी, एक अस्पताल, जनरल स्टोर जैसी सुविधाएं हैं।
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