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नेतन्याहू की ईरान को सीधी चेतावनी: मोजतबा खामेनेई की जान की कोई गारंटी नहीं, जारी रहेगा सैन्य अभियान
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, यरुशलम
Published by: अमन तिवारी
Updated Fri, 13 Mar 2026 08:22 AM IST
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सार
इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई को खुली चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि किसी भी आतंकी नेता की जान की कोई गारंटी नहीं है।
बेंजामिन नेतन्याहू, इस्राइली प्रधानमंत्री
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान और उसके सहयोगी संगठनों को लेकर बेहद कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने गुरुवार को कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका और इस्राइल का साझा सैन्य अभियान उम्मीद से कहीं बेहतर चल रहा है। वह पहले से कहीं ज्यादा मजबूत स्थिति में हैं। नेतन्याहू ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के लिए कोई लाइफ इंश्योरेंस (जीवन बीमा) नहीं है।
इस्राइली प्रधानमंत्री ने क्या कहा?
जब ने नेतन्याहू से पूछा गया कि क्या इस्राइल मोजतबा खामेनेई और हिजबुल्लाह के नेता नईम कासिम को निशाना बनाएगा, तो उन्होंने दोटूक जवाब दिया। उन्होंने कहा कि वह किसी भी आतंकी संगठन के नेता की सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं ले सकते। गौरतलब है कि मोजतबा के पिता और ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई 28 फरवरी को अमेरिका और इस्राइल के साझा हमलों में मारे गए थे।
इस्राइल ने 28 फरवरी से ईरान के खिलाफ 'रोरिंग लायन' नाम से एक अभियान शुरू किया है। इस अभियान में अमेरिका भी शामिल है, जिसने इसे 'एपिक फ्यूरी' नाम दिया है। इस सैन्य कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को रोकना, उसके मिसाइल कार्यक्रम को नष्ट करना और क्षेत्र में ईरान के मददगार गुटों को खत्म करना है।
ये भी पढ़ें: West Asia Crisis: ईरान का दावा- इराक में मार गिराया अमेरिकी रिफ्यूलिंग विमान, अमेरिका ने नकारा; जानें मामला
ईरान पर लगातार हो रहे हमले
ईरान में सत्ता परिवर्तन के सवाल पर नेतन्याहू ने कहा कि अमेरिका और इस्राइल मिलकर ऐसे हालात पैदा कर रहे हैं, जिससे ईरान की जनता खुद इस क्रूर और तानाशाह शासन को उखाड़ फेंके। उन्होंने बताया कि इस्राइली सेना सड़कों और चेकपॉइंट्स पर रिवोल्यूशनरी गार्ड्स और बासिज बलों पर लगातार हमले कर रही है। नेतन्याहू ने ईरानी जनता को संबोधित करते हुए कहा कि आजादी का समय करीब आ रहा है और इस्राइल उनके साथ खड़ा है।
उन्होंने कहा कि वे हवाई हमलों के जरिए ऐसे मौके बनाएंगे जिससे जनता सड़कों पर उतर सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब न तो पहले जैसा ईरान रहा, न वैसा मध्य पूर्व और न ही पहले जैसा इस्राइल। इस्राइल अब इंतजार नहीं करता, बल्कि वह खुद पहल करके पूरी ताकत से हमला करता है।
ट्रंप के साथ रिश्तों की जमकर की तारीफ
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ अपने मजबूत रिश्तों की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि ट्रंप उनके निजी मित्र हैं और दोनों के बीच लगभग हर दिन बात होती है। नेतन्याहू के अनुसार, ट्रंप ने उनसे कहा है कि अमेरिका और इस्राइल का यह रिश्ता इतिहास में सबसे ज्यादा मजबूत है। नेतन्याहू ने यह भी संकेत दिया कि वे क्षेत्र के कुछ अन्य देशों के साथ नए गठबंधन बना रहे हैं, जिनके बारे में कुछ हफ्ते पहले तक सोचना भी नामुमकिन था।
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इस्राइली प्रधानमंत्री ने क्या कहा?
जब ने नेतन्याहू से पूछा गया कि क्या इस्राइल मोजतबा खामेनेई और हिजबुल्लाह के नेता नईम कासिम को निशाना बनाएगा, तो उन्होंने दोटूक जवाब दिया। उन्होंने कहा कि वह किसी भी आतंकी संगठन के नेता की सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं ले सकते। गौरतलब है कि मोजतबा के पिता और ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई 28 फरवरी को अमेरिका और इस्राइल के साझा हमलों में मारे गए थे।
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इस्राइल ने 28 फरवरी से ईरान के खिलाफ 'रोरिंग लायन' नाम से एक अभियान शुरू किया है। इस अभियान में अमेरिका भी शामिल है, जिसने इसे 'एपिक फ्यूरी' नाम दिया है। इस सैन्य कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को रोकना, उसके मिसाइल कार्यक्रम को नष्ट करना और क्षेत्र में ईरान के मददगार गुटों को खत्म करना है।
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ईरान में सत्ता परिवर्तन के सवाल पर नेतन्याहू ने कहा कि अमेरिका और इस्राइल मिलकर ऐसे हालात पैदा कर रहे हैं, जिससे ईरान की जनता खुद इस क्रूर और तानाशाह शासन को उखाड़ फेंके। उन्होंने बताया कि इस्राइली सेना सड़कों और चेकपॉइंट्स पर रिवोल्यूशनरी गार्ड्स और बासिज बलों पर लगातार हमले कर रही है। नेतन्याहू ने ईरानी जनता को संबोधित करते हुए कहा कि आजादी का समय करीब आ रहा है और इस्राइल उनके साथ खड़ा है।
उन्होंने कहा कि वे हवाई हमलों के जरिए ऐसे मौके बनाएंगे जिससे जनता सड़कों पर उतर सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब न तो पहले जैसा ईरान रहा, न वैसा मध्य पूर्व और न ही पहले जैसा इस्राइल। इस्राइल अब इंतजार नहीं करता, बल्कि वह खुद पहल करके पूरी ताकत से हमला करता है।
ट्रंप के साथ रिश्तों की जमकर की तारीफ
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ अपने मजबूत रिश्तों की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि ट्रंप उनके निजी मित्र हैं और दोनों के बीच लगभग हर दिन बात होती है। नेतन्याहू के अनुसार, ट्रंप ने उनसे कहा है कि अमेरिका और इस्राइल का यह रिश्ता इतिहास में सबसे ज्यादा मजबूत है। नेतन्याहू ने यह भी संकेत दिया कि वे क्षेत्र के कुछ अन्य देशों के साथ नए गठबंधन बना रहे हैं, जिनके बारे में कुछ हफ्ते पहले तक सोचना भी नामुमकिन था।
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