World: पश्चिम एशिया पर गुटेरेस ने जताई चिंता; श्रीलंका ने ईरान को सौंपी US हमले में मारे गए 45 नाविकों के शव
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, 'मध्य पूर्व में गहराता संकट अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा है। इसने आम नागरिकों को भारी पीड़ा पहुंचाई है। तनाव कम करना और बातचीत ही एकमात्र रास्ता है। मैं सभी पक्षों से आग्रह करता हूं कि वे शत्रुता समाप्त करें, अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करें, नागरिकों की रक्षा करें और तुरंत बातचीत की मेज पर लौटें।
श्रीलंका ने ईरान को सौंपी US हमले में मारे गए 45 नाविकों के शव
श्रीलंका ने शुक्रवार को अमेरिकी पनडुब्बी हमले में मारे गए 45 ईरानी नाविकों की लाशें ईरान के दूतावास को सौंप दी। ये नाविक उस ईरानी युद्धपोत IRIS डेना पर सवार थे, जिस पर गाले के पास हमला हुआ था।इस जहाज को भारत के विशाखापत्तनम से ईरान लौटते समय निशाना बनाया गया था, जहां यह नौसैनिक अभ्यास में हिस्सा ले चुका था। इससे पहले, श्रीलंका ने 84 नाविकों की लाशें बरामद की थीं और अब 45 शवों को शुक्रवार को मत्तला अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से ईरान भेजा जाएगा। हमले में बचे 32 नाविकों को रविवार को छुट्टी दे दी गई और गाले के निकट स्थित श्रीलंकाई एयरबेस कोग्गला भेजा गया। शवों को अस्थायी फ्रिज में रखा गया था, क्योंकि अस्पताल का शवगृह पर्याप्त नहीं था।
मध्य अफ्रीकी गणराज्य में खदान धंसने से आठ की मौत, पांच घायल
मध्य अफ्रीकी गणराज्य के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में गुरुवार की सुबह एक खदान में हुए हादसे में आठ लोगों की मौत हो गई और पांच अन्य घायल हो गए। यह घटना औहम-पेंडे प्रीफेक्चर की राजधानी नौरौम के एक शहर में हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, खदान में काम कर रहे मजदूर गहरी खुदाई कर रहे थे जब अचानक खदान का एक हिस्सा ढह गया। मौके पर मौजूद एक खदान संचालक, अल्बान मौसा याकाता ने बताया कि वे सब हतप्रभ और असहाय थे। मध्य अफ्रीकी गणराज्य में इस तरह की दुर्घटनाएं असामान्य नहीं हैं। देश में हजारों लोग छोटे पैमाने पर खनन का काम करते हैं। यह कार्य अत्यंत जोखिम भरा होता है, क्योंकि श्रमिकों के पास पर्याप्त सुरक्षा उपकरण नहीं होते हैं।
तुर्किये में 5.5 तीव्रता का भूकंप
यह भूकंप तड़के 3:35 बजे आया और कई प्रांतों में महसूस किया गया। AFAD ने यह भी पुष्टि की है कि किसी भी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है। इसके बावजूद, कई निवासियों को ठंड के बावजूद अपनी कारों या सड़कों पर इंतजार करते देखा गया, क्योंकि वे अपने घरों में लौटने से डर रहे थे। तुर्किये प्रमुख भूवैज्ञानिक फॉल्ट लाइनों पर स्थित है, जिसके कारण यहां भूकंप आना एक आम बात है।
यह ध्यान देने योग्य है कि 2023 में, 7.8 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप ने तुर्किये में 53,000 से अधिक लोगों की जान ले ली थी और 11 दक्षिणी और दक्षिण-पूर्वी प्रांतों में लाखों इमारतों को तबाह या क्षतिग्रस्त कर दिया था। इसके अतिरिक्त, पड़ोसी सीरिया के उत्तरी भागों में भी लगभग 6,000 लोगों की मृत्यु हुई थी।
कमेंट
कमेंट X