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होर्मुज पर जंग तेज: अमेरिका का ईरान पर लगातार 13वीं रात हमला, तेल 100 डॉलर के पार
Fri, 24 Jul 2026 05:51 AM IST
प्रशांत तिवारी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: प्रशांत तिवारी
Updated Fri, 24 Jul 2026 05:51 AM IST
सार
अमेरिका ने ईरान पर लगातार 13वीं रात सैन्य हमले किए, जबकि हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में सऊदी तेल टैंकरों पर हमला करने का दावा किया। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़े तनाव के बीच तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई।
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अमेरिका ईरान युद्ध
- फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार
होर्मुज को लेकर बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव लगातार गहराता जा रहा है। अमेरिकी सेना ने गुरुवार को ईरान पर लगातार 13वीं रात हमले किए। वहीं, यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने दावा किया कि उन्होंने लाल सागर में सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों को निशाना बनाया है। इन घटनाओं ने पूरे पश्चिम एशिया में संघर्ष के और फैलने की आशंका बढ़ा दी है। इसका असर वैश्विक बाजार पर भी दिखा और अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई।
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आखिर अमेरिका ने नए हमले क्यों किए?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि ताजा हमलों का उद्देश्य ईरान की उस क्षमता को कमजोर करना है, जिसके जरिए वह क्षेत्रीय जलक्षेत्र से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों और आम नाविकों के लिए खतरा पैदा कर रहा है। अमेरिका का कहना है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में अंतरराष्ट्रीय नौवहन को सुरक्षित और सामान्य बनाने की कोशिश कर रहा है।
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ईरान में कहां-कहां हुए धमाके?
अमेरिकी हमलों के कुछ ही समय बाद ईरान के सरकारी मीडिया ने बंदर अब्बास और केशम द्वीप के पास, जो होर्मुज जलडमरूमध्य के निकट स्थित हैं, धमाकों की जानकारी दी। इसके अलावा उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रों एंडिमेश्क और ओमिदियेह के आसपास भी विस्फोटों की खबर सामने आई। हालांकि, इन धमाकों से हुए नुकसान की आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
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हूती विद्रोहियों की नई चेतावनी कितनी गंभीर है?
इस बीच हूती विद्रोहियों ने एक और महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्ग को बाधित करने की धमकी दी है। पहले ही ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य बंद किए जाने से वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो चुकी है। सामान्य परिस्थितियों में दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल और गैस की आपूर्ति इसी समुद्री मार्ग से होती है। ऐसे में कई देश अब वैकल्पिक शिपिंग रूट तलाशने में जुट गए हैं।
ट्रंप ने ईरान और हूतियों को क्या चेतावनी दी?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा कि यदि जहाजों पर हमले जारी रहे तो हूती विद्रोहियों को "कड़ी सैन्य सजा" दी जाएगी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि यदि भविष्य में ऐसे हमले दोबारा हुए तो अमेरिका इसके लिए सीधे ईरान को जिम्मेदार मानेगा, क्योंकि हूती संगठन ईरान के समर्थन से काम करता है। ट्रंप ने कहा कि ईरान और हूतियों—दोनों को इसका गंभीर सैन्य परिणाम भुगतना पड़ेगा।
तेल बाजार पर कितना पड़ा असर?
लगातार बढ़ते तनाव का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर देखने को मिला। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत गुरुवार को छह प्रतिशत से अधिक उछलकर लगभग 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। यह मई में हुए अस्थायी शांति समझौते के बाद का सबसे ऊंचा स्तर माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समुद्री मार्ग लंबे समय तक बाधित रहा तो वैश्विक महंगाई और ऊर्जा संकट और गहरा सकता है।
ये भी पढ़ें: 'ईरान पर होगा सबसे बड़ा हमला': अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की खुली चेतावनी, क्या फिर शुरु होगा विनाशकारी युद्ध?
क्या कूटनीति से टल सकता है बड़ा युद्ध?
इराक के प्रधानमंत्री अली अल-जैदी, जिनके अमेरिका और ईरान दोनों से करीबी संबंध हैं, गुरुवार को तेहरान पहुंचे और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की। उनके कार्यालय ने कहा कि इराक अपनी जमीन का इस्तेमाल ईरान पर किसी भी सैन्य हमले के लिए नहीं होने देगा। दूसरी ओर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने सुरक्षा परिषद में चेतावनी देते हुए कहा कि पूरा क्षेत्र तेजी से व्यापक संघर्ष की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि मौजूदा संकट का एकमात्र समाधान कूटनीति और संवाद है तथा पाकिस्तान समेत सभी मध्यस्थ देशों के प्रयासों को मजबूत किया जाना चाहिए।