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Canada: ट्रंप के नए टैरिफ से कनाडा पर कितना पड़ेगा असर; क्या बोले कार्नी, सरकार की जवाब देने की कैसी तैयारी?
Fri, 24 Jul 2026 07:56 AM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वैंकूवर।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वैंकूवर।
Published by: निर्मल कांत
Updated Fri, 24 Jul 2026 07:56 AM IST
सार
Canada: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा के कई सामानों पर 50 फीसदी नए टैरिफ लगाने की चेतावनी दी है। इसके जवाब में कनाडा ने कहा है कि वह पहले व्यापार समझौते की कोशिश करेगा, लेकिन जरूरत पड़ी तो जवाबी कदम उठाने से भी पीछे नहीं हटेगा। जानिए किन सामानों पर टैरिफ लगेगा, कनाडा पर इसका कितना असर पड़ सकता है और दोनों देशों के बीच आगे क्या हो सकता है।
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मार्क कार्नी, कनाडाई पीएम
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/एएनआई
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विस्तार
कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने गुरुवार को कहा कि कनाडा, अमेरिका के साथ एक व्यापक व्यापार समझौता करने के लिए बातचीत तेज कर रहा है। लेकिन अगर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कनाडा के सामान पर 50 फीसदी नये टैरिफ लगाने की धमकी लागू होती है, तो कनाडा जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। ट्रंप ने सोमवार को नए टैरिफ लगाने की घोषणा की थी। ये टैरिफ 1 अगस्त से लागू होने वाले हैं।
मार्क कार्नी ने क्या कहा?
किन उत्पादों पर लगेंगे नए टैरिफ?
नए टैरिफ कई तरह के सामान पर लगाए जाएंगे। इनमें शहद, शराब, सीमेंट, डेयरी उत्पाद, लकड़ी से बने कुछ सामान, हॉकी स्टिक और अन्य वस्तुएं शामिल हैं। हालांकि, ऊर्जा उत्पाद, पोटाश, मछली और महत्वपूर्ण खनिजों को इससे बाहर रखा गया है। लेकिन जिन सामानों को पहले अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा के व्यापार समझौते के तहत टैरिफ से छूट मिली हुई थी, वे अब इस नए टैरिफ के दायरे में आएंगे। वर्ष 2020 का यह व्यापार समझौता अमेरिका ने आगे नहीं बढ़ाया, जिसके कारण नई व्यापार वार्ताएं शुरू हुई हैं। ये बातचीत वर्ष 2036 तक चल सकती है।
ये भी पढ़ें: राष्ट्रपति रहते ट्रंप हुए ज्यादा अमीर: आखिर किन चीजों ने बढ़ाई दौलत? कुल कितने अरब डॉलर पहुंची संपत्ति?
कितना असर पड़ेगा?
कनाडा के बड़े वित्तीय संस्थानों में से एक के विश्लेषण के अनुसार, इन नए शुल्कों का असर हर साल अमेरिका भेजे जाने वाले लगभग 28 अरब कनाडाई डॉलर के कनाडाई निर्यात पर पड़ेगा। यह अमेरिका की ओर से कनाडा से हर साल आयात किए जाने वाले कुल सामान का का करीब पांच फीसदी है।
विश्लेषण में कहा गया है कि सीधे व्यापार पर असर के अलावा बढ़ती अनिश्चितता से कारोबारियों का भरोसा कमजोर हो सकता है और निवेश की योजनाएं भी प्रभावित हो सकती हैं। इन टैरिफ का सबसे ज्यादा असर ओंटारियो, क्यूबेक और ब्रिटिश कोलंबिया प्रांतों पर पड़ने की संभावना है।
कनाडा को मजबूती दिखानी होगी: डग फोर्ड
बैठक से पहले ओंटारियो के प्रीमियर डग फोर्ड ने कहा कि कनाडा को मजबूती दिखानी होगी। उन्होंने कहा, हमारे पास मजबूत योजना होनी चाहिए। हमें आगे बढ़कर कदम उठाने चाहिए। हर विकल्प पर विचार होना चाहिए।
फोर्ड से पूछा गया कि क्या वह अमेरिका को अपने प्रांत से भेजी जाने वाली बिजली पर अतिरिक्त टैरिफ लगाएंगे। उन्होंने जवाब दिया, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि अमेरिका के साथ स्थिति किस दिशा में जाती है। इस समय सबसे ज्यादा नुकसान का खतरा ओंटारियो को है। मैं ओंटारियो के लोगों की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाऊंगा।
कार्नी से पूछा गया कि अगर अमेरिका के साथ व्यापार समझौता हो भी जाता है, तो क्या ट्रंप पर भरोसा किया जा सकता है। उन्होंने कहा, मुझे, बातचीत करने वाली टीम और प्रांतों के नेताओं को भी भरोसा होना चाहिए कि जो समझौता होगा, वह वास्तव में उतना ही मजबूत और भरोसेमंद होगा जितना उसके दस्तावेज में लिखा होगा।
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मार्क कार्नी ने क्या कहा?
- पीएम कार्नी ने प्रिंस एडवर्ड आइलैंड के चार्लेटटाउन में कनाडा के प्रांतों और क्षेत्रों के नेताओं से मुलाकात की।
- इसके बाद कार्नी ने कहा, अगर ये टैरिफ या कोई और कदम लागू होते हैं, तो हमारे पास जवाब देने के कई विकल्प मौजूद हैं।
- कार्नी ने कहा कि अगर टैरिफ लागू होने से पहले कोई समझौता नहीं हो पाता, तो 'हर विकल्प खुला है।'
- उन्होंने कहा, हमें पहले से जवाब देने की जरूरत नहीं है। इस समय पहले से जवाब देना उल्टा नुकसान पहुंचा सकता है।
- कार्नी ने कहा कि हो सकता है अमेरिका टैरिफ लगाने की धमकी का इस्तेमाल बातचीत में दबाव बनाने के लिए कर रहा हो।
- उन्होंने कहा, हमने देखा है कि अमेरिका की कई व्यापार वार्ताओं में एक तय समय सीमा होती है। आमतौर पर उस समय सीमा के साथ बहुत बड़ा टैरिफ लगाने की चेतावनी भी जुड़ी होती है।
- कार्नी का मानना है कि अमेरिका के अधिकारी व्यापार समझौता करने के इच्छुक हैं। प्रिंस एडवर्ड आइलैंड के प्रधानमंत्री रॉब लैंट्ज ने कहा कि सभी प्रांत और केंद्र सरकार एकजुट हैं।
- उन्होंने कहा, हमें पूरे कनाडा की एकजुट रणनीति अपनानी होगी। जब प्रांत, क्षेत्र और केंद्र सरकार मिलकर काम करते हैं, तब कनाडा सबसे मजबूत होता है।
- कार्नी ने कहा कि कनाडा अपनी अर्थव्यवस्था को और मजबूत करेगा तथा उसे अधिक विविध बनाएगा।
- उन्होंने कहा, इन बातचीत का जो भी नतीजा हो, कनाडा अपने को मजबूत बनाने और कनाडाई परिवारों, कर्मचारियों, किसानों और कारोबारों का समर्थन करने के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा।
- उन्होंने कहा कि कनाडा अमेरिका के अलावा दूसरे देशों के साथ भी व्यापारिक संबंध मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।
- कार्नी ने कहा, हम विदेशों में अपने व्यापारिक साझेदारों की संख्या बढ़ा रहे हैं।
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किन उत्पादों पर लगेंगे नए टैरिफ?
नए टैरिफ कई तरह के सामान पर लगाए जाएंगे। इनमें शहद, शराब, सीमेंट, डेयरी उत्पाद, लकड़ी से बने कुछ सामान, हॉकी स्टिक और अन्य वस्तुएं शामिल हैं। हालांकि, ऊर्जा उत्पाद, पोटाश, मछली और महत्वपूर्ण खनिजों को इससे बाहर रखा गया है। लेकिन जिन सामानों को पहले अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा के व्यापार समझौते के तहत टैरिफ से छूट मिली हुई थी, वे अब इस नए टैरिफ के दायरे में आएंगे। वर्ष 2020 का यह व्यापार समझौता अमेरिका ने आगे नहीं बढ़ाया, जिसके कारण नई व्यापार वार्ताएं शुरू हुई हैं। ये बातचीत वर्ष 2036 तक चल सकती है।
ये भी पढ़ें: राष्ट्रपति रहते ट्रंप हुए ज्यादा अमीर: आखिर किन चीजों ने बढ़ाई दौलत? कुल कितने अरब डॉलर पहुंची संपत्ति?
कितना असर पड़ेगा?
कनाडा के बड़े वित्तीय संस्थानों में से एक के विश्लेषण के अनुसार, इन नए शुल्कों का असर हर साल अमेरिका भेजे जाने वाले लगभग 28 अरब कनाडाई डॉलर के कनाडाई निर्यात पर पड़ेगा। यह अमेरिका की ओर से कनाडा से हर साल आयात किए जाने वाले कुल सामान का का करीब पांच फीसदी है।
विश्लेषण में कहा गया है कि सीधे व्यापार पर असर के अलावा बढ़ती अनिश्चितता से कारोबारियों का भरोसा कमजोर हो सकता है और निवेश की योजनाएं भी प्रभावित हो सकती हैं। इन टैरिफ का सबसे ज्यादा असर ओंटारियो, क्यूबेक और ब्रिटिश कोलंबिया प्रांतों पर पड़ने की संभावना है।
कनाडा को मजबूती दिखानी होगी: डग फोर्ड
बैठक से पहले ओंटारियो के प्रीमियर डग फोर्ड ने कहा कि कनाडा को मजबूती दिखानी होगी। उन्होंने कहा, हमारे पास मजबूत योजना होनी चाहिए। हमें आगे बढ़कर कदम उठाने चाहिए। हर विकल्प पर विचार होना चाहिए।
फोर्ड से पूछा गया कि क्या वह अमेरिका को अपने प्रांत से भेजी जाने वाली बिजली पर अतिरिक्त टैरिफ लगाएंगे। उन्होंने जवाब दिया, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि अमेरिका के साथ स्थिति किस दिशा में जाती है। इस समय सबसे ज्यादा नुकसान का खतरा ओंटारियो को है। मैं ओंटारियो के लोगों की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाऊंगा।
कार्नी से पूछा गया कि अगर अमेरिका के साथ व्यापार समझौता हो भी जाता है, तो क्या ट्रंप पर भरोसा किया जा सकता है। उन्होंने कहा, मुझे, बातचीत करने वाली टीम और प्रांतों के नेताओं को भी भरोसा होना चाहिए कि जो समझौता होगा, वह वास्तव में उतना ही मजबूत और भरोसेमंद होगा जितना उसके दस्तावेज में लिखा होगा।