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PoK Protest: ब्रिटेन की संसद के बाहर जुटे हजारों कश्मीरी, पीओके में सेना की बर्बरता पर जवाबदेही की मांग

एएनआई, लंदन Published by: Devesh Tripathi Updated Sun, 14 Jun 2026 11:56 PM IST
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सार

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में मानवाधिकार उल्लंघनों और प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग के विरोध में हजारों ब्रिटिश कश्मीरी लंदन में ब्रिटिश संसद के बाहर एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने नागरिकों की मौत, घायलों और महिलाओं के साथ कथित दुर्व्यवहार पर चिंता जताते हुए अंतरराष्ट्रीय जांच तथा जवाबदेही की मांग की। उनका कहना था कि क्षेत्र के लोग लंबे समय से आर्थिक राहत, सस्ती बिजली, बेहतर प्रशासन और बुनियादी अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

crackdown in PoK by Pakistani forces Thousands of British Kashmiris protest outside UK Parliament
लंदन में ब्रिटेन की संसद के बाहर जुटे कश्मीरी प्रवासी - फोटो : ANI
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विस्तार

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में पाकिस्तानी सेना प्रदर्शनकारियों का बर्बरता से दमन कर रही है। इस मानवाधिकार उल्लंघन और बल प्रयोग के खिलाफ हजारों ब्रिटिश कश्मीरी रविवार को लंदन में वेस्टमिंस्टर के पैलेस के बाहर एकत्रित हुए। प्रदर्शनकारियों ने इस मामले में अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप करने और जवाबदेही की मांग की।


प्रदर्शनकारियों ने क्षेत्र में नागरिकों की मौतों, महिलाओं के उत्पीड़न, घायलों और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग पर चिंता जताई। अपनी मांगों के समर्थन में बैनर और तख्तियां लिए हुए प्रदर्शनकारियों ने अशांति से प्रभावित लोगों के लिए न्याय की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पीओके की स्थिति पर ध्यान देने का आग्रह किया।
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प्रदर्शनकारियों ने की अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग
ब्रिटेन की संसद के बाहर प्रदर्शनीकारियों ने संयुक्त राष्ट्र और वैश्विक मानवाधिकार संगठनों से क्षेत्र के घटनाक्रम की जांच करने की अपील की। ब्रिटिश संसद के बाहर जमावड़े के दौरान पीड़ितों के लिए जवाबदेही और न्याय की मांग वाले नारे गूंज रहे थे।
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बुनियादी अधिकारों के लिए लंबे समय से चल रहा आंदोलन
रैली को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने बताया कि पीओके के निवासी लंबे समय से बुनियादी अधिकारों के लिए विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इनमें आर्थिक राहत, सस्ती बिजली, बेहतर शासन और अधिकारियों द्वारा किए गए वादों का पूरा होना शामिल है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सुरक्षा बलों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनों पर अत्यधिक बल का प्रयोग किया, जिसके परिणामस्वरूप नागरिक हताहत हुए और घायल हुए।

हिंसक कार्रवाई की निंदा
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने पीओके के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शनकारियों पर पाकिस्तानी रेंजर्स और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा की गई कथित हिंसक कार्रवाई की निंदा की। उन्होंने घटनाओं की स्वतंत्र जांच और अशांति के दौरान मारे गए या घायल हुए लोगों के लिए न्याय की मांग की।

आयोजकों के अनुसार, विरोध प्रदर्शन का उद्देश्य पीओके के लोगों की शिकायतों पर वैश्विक ध्यान आकर्षित करना और अंतरराष्ट्रीय निकायों से क्षेत्र में मौलिक अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह करना था। प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने रविवार को रावलकोट ईदगाह में एक धरना-प्रदर्शन पर सीधी गोलीबारी की, जिसमें दो नागरिकों की मौत हो गई और एक दर्जन से अधिक घायल हो गए।

शांतिपूर्ण प्रदर्शन, लेकिन चिंताएं बरकरार
वेस्टमिंस्टर के पैलेस के बाहर हुआ प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, जिसमें प्रतिभागियों ने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू और कश्मीर में बातचीत, जवाबदेही और मानवाधिकारों की सुरक्षा की अपनी मांग दोहराई। यह विरोध प्रदर्शन पीओके में व्यापक प्रदर्शनों के बाद हुआ है, जहां निवासी शासन, आर्थिक कठिनाई और आरक्षित विधायी सीटों के आवंटन सहित विभिन्न मुद्दों पर सड़कों पर उतरे हैं। बढ़ती महंगाई, बिजली के भारी बिल और आवश्यक वस्तुओं की कमी जैसे मुद्दे भी विरोध का कारण बन रहे हैं।

रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तानी प्रशासन ने असंतोष को दबाने के लिए अर्धसैनिक बलों की तैनाती की है, जिससे हिंसक झड़पें और हताहत हुए हैं। रावलकोट और अन्य क्षेत्रों में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई झड़पों में कथित तौर पर कई लोगों की मौत हुई और कई घायल हुए हैं, जिससे व्यापक निंदा और स्वतंत्र जांच की मांग तेज हो गई है।
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