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'मोजतबा से संपर्क करना मुश्किल': सत्ता संघर्ष के बीच बोले ईरानी राष्ट्रपति, पेजेश्कियन के इस बयान मायने क्या?
Thu, 06 Aug 2026 09:04 AM IST
Pavan
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान
Published by: Pavan
Updated Thu, 06 Aug 2026 09:04 AM IST
सार
Iran Politcal Crisis: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा कि मौजूदा हालात में सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई से संपर्क करना बेहद मुश्किल है। हालांकि उन्होंने खामेनेई पर पूरा भरोसा जताते हुए कहा कि वह अब भी देश के लिए ताकत का स्रोत हैं। यह बयान दोनों नेताओं के बीच मतभेद की खबरों के बीच आया है।
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मसूद पेजेश्कियन, ईरान के राष्ट्रपति
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने देश के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में मोजतबा खामेनेई से संपर्क करना बहुत मुश्किल हो गया है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि खामेनेई अब भी देश के लिए ताकत का बड़ा स्रोत हैं और ईरान की रणनीति तथा जवाबी कार्रवाई में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका बनी हुई है। यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान की शीर्ष सत्ता में मतभेद और राष्ट्रपति तथा सुप्रीम लीडर के बीच तनाव की खबरें सामने आ रही हैं।
यह भी पढ़ें- क्या बदलने वाला है होर्मुज का नक्शा?: ईरान ने नई समुद्री व्यवस्था का किया खुलासा; ओमान भी हुआ सहमत
'उनकी मौजूदगी हमें आगे बढ़ने की ताकत देती है'
एक समाचार एजेंसी के अनुसार, राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने कहा, 'इस समय उनसे संपर्क करना बहुत कठिन है, लेकिन उनकी मौजूदगी हमारे लिए बहुत बड़ी ताकत है, जिससे हम आगे बढ़ते रह सकते हैं'। मोजतबा खामेनेई सार्वजनिक रूप से काफी समय से नजर नहीं आए हैं। अमेरिकी-इस्राइली हमले के दौरान घायल होने के बाद उन्होंने किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लिया है। वह अपने पिता और पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद इस पद पर पहुंचे थे।
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सार्वजनिक रूप से नहीं दिख रहे, लेकिन फैसलों में सक्रिय
रिपोर्ट के मुताबिक, मोजतबा खामेनेई फिलहाल सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर हैं, लेकिन लिखित संदेशों के जरिए सरकार और अधिकारियों से संपर्क बनाए हुए हैं। उनकी गैरमौजूदगी को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। खास बात यह भी है कि वह पिछले महीने अपने पिता के अंतिम संस्कार में भी सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए थे। हालांकि राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने इन अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि उनकी मोजतबा खामेनेई के साथ कई सकारात्मक बैठकें हुई हैं। उन्होंने कहा कि सुप्रीम लीडर ने हमेशा उनके साथ 'सौहार्दपूर्ण व्यवहार और बेहद तार्किक सोच' का परिचय दिया है। राष्ट्रपति ने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर उनकी अलग छवि पेश करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि वास्तविकता इससे अलग है।
मतभेद की खबरों ने बढ़ाई चर्चा
राष्ट्रपति का यह बयान उन रिपोर्टों के बाद आया है जिनमें दावा किया गया कि मोजतबा खामेनेई ने राष्ट्रपति पेजेश्कियन को अंतिम चेतावनी दी है और अहम फैसलों में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के कमांडर अहमद वाहिदी का समर्थन किया है। इस्राइली चैनल 14 ने सूत्रों के हवाले से दावा किया कि सुप्रीम लीडर ने राष्ट्रपति की राजनीतिक ताकत काफी हद तक सीमित कर दी है।
यह भी पढ़ें- पीओके में चुनाव: विरोध और बहिष्कार की अपील के बावजूद नवाज शरीफ की पार्टी PMLN को बढ़त, सरकार बनाना लगभग तय
इस्तीफे की धमकी दे चुके हैं पेजेश्कियन- रिपोर्ट में दावा
रिपोर्ट में कहा गया कि राष्ट्रपति पेजेश्कियन पहले कई बार मतभेद होने पर इस्तीफे की धमकी दे चुके हैं और मई में उन्होंने औपचारिक रूप से इस्तीफा देने की भी कोशिश की थी। उनका आरोप था कि राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति से जुड़े फैसलों में उनकी सरकार को पूरी तरह किनारे कर दिया गया है। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि अब सुप्रीम लीडर का झुकाव पूरी तरह ईरान की सैन्य नेतृत्व के साथ है, जिससे राष्ट्रपति की रणनीतिक फैसलों पर पकड़ कमजोर हो गई है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और ईरानी सरकार ने भी इन रिपोर्टों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
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'उनकी मौजूदगी हमें आगे बढ़ने की ताकत देती है'
एक समाचार एजेंसी के अनुसार, राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने कहा, 'इस समय उनसे संपर्क करना बहुत कठिन है, लेकिन उनकी मौजूदगी हमारे लिए बहुत बड़ी ताकत है, जिससे हम आगे बढ़ते रह सकते हैं'। मोजतबा खामेनेई सार्वजनिक रूप से काफी समय से नजर नहीं आए हैं। अमेरिकी-इस्राइली हमले के दौरान घायल होने के बाद उन्होंने किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लिया है। वह अपने पिता और पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद इस पद पर पहुंचे थे।
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सार्वजनिक रूप से नहीं दिख रहे, लेकिन फैसलों में सक्रिय
रिपोर्ट के मुताबिक, मोजतबा खामेनेई फिलहाल सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर हैं, लेकिन लिखित संदेशों के जरिए सरकार और अधिकारियों से संपर्क बनाए हुए हैं। उनकी गैरमौजूदगी को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। खास बात यह भी है कि वह पिछले महीने अपने पिता के अंतिम संस्कार में भी सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए थे। हालांकि राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने इन अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि उनकी मोजतबा खामेनेई के साथ कई सकारात्मक बैठकें हुई हैं। उन्होंने कहा कि सुप्रीम लीडर ने हमेशा उनके साथ 'सौहार्दपूर्ण व्यवहार और बेहद तार्किक सोच' का परिचय दिया है। राष्ट्रपति ने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर उनकी अलग छवि पेश करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि वास्तविकता इससे अलग है।
मतभेद की खबरों ने बढ़ाई चर्चा
राष्ट्रपति का यह बयान उन रिपोर्टों के बाद आया है जिनमें दावा किया गया कि मोजतबा खामेनेई ने राष्ट्रपति पेजेश्कियन को अंतिम चेतावनी दी है और अहम फैसलों में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के कमांडर अहमद वाहिदी का समर्थन किया है। इस्राइली चैनल 14 ने सूत्रों के हवाले से दावा किया कि सुप्रीम लीडर ने राष्ट्रपति की राजनीतिक ताकत काफी हद तक सीमित कर दी है।
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इस्तीफे की धमकी दे चुके हैं पेजेश्कियन- रिपोर्ट में दावा
रिपोर्ट में कहा गया कि राष्ट्रपति पेजेश्कियन पहले कई बार मतभेद होने पर इस्तीफे की धमकी दे चुके हैं और मई में उन्होंने औपचारिक रूप से इस्तीफा देने की भी कोशिश की थी। उनका आरोप था कि राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति से जुड़े फैसलों में उनकी सरकार को पूरी तरह किनारे कर दिया गया है। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि अब सुप्रीम लीडर का झुकाव पूरी तरह ईरान की सैन्य नेतृत्व के साथ है, जिससे राष्ट्रपति की रणनीतिक फैसलों पर पकड़ कमजोर हो गई है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और ईरानी सरकार ने भी इन रिपोर्टों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।