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क्या एपस्टीन और उसके साथी बच्चों का मांस खाते थे?: नए दस्तावेजों में चौंकाने वाले खुलासे, जानें अब कौन घिरा

स्पेशल डेस्क, अमर उजाला Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र Updated Fri, 06 Feb 2026 11:26 AM IST
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सार

एपस्टीन फाइल्स की जो नई खेप अमेरिकी न्याय विभाग की तरफ से जारी की गई है, उसमें क्या है? इनमें किन नए नामों का खुलासा हुआ है? उन्हें लेकर दस्तावेजों में क्या कहा गया है? इसके अलावा इंसानी मांस खाने को लेकर क्या बातें सामने आई हैं? इनका खुलासा किसने किया है और इसकी सच्चाई क्या है? 

Epstein Files DoJ new documents and revelations from Bill Gates to Prince Andrew Donald Trump to Cannibalism
जेफ्री एपस्टीन को लेकर अमेरिकी न्याय विभाग के दस्तावेजों में नए खुलासे। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

अमेरिका के न्याय विभाग ने हाल ही में यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन को लेकर खुलासा करने वाले नए दस्तावेजों को जारी किया है। करीब 30 लाख पन्नों वाली एपस्टीन फाइल्स में दुनियाभर अमीर और सबसे ताकतवर लोगों के नाम शामिल हैं। यूं तो इन दस्तावेजों में सीधे तौर पर किसी भी व्यक्ति को किसी अपराध से सीधे जुड़े हुए नहीं दर्शाया गया है। हालांकि, इनमें एक खुलासे ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है। दरअसल, एपस्टीन फाइल्स के नए दस्तावेजों में अब 'कैनिबलिज्म' जैसे कुछ शब्दों का इस्तेमाल मिला है। सीधे अर्थ में समझें तो कैनिबलिज्म का मतलब होता है- इंसानों को खाना या इंसानी मांस का भक्षण। ऐसे में एपस्टीन फाइल्स को लेकर दुनियाभर में एक सिहरन और इनके बारे में जानने के लिए एक कौतूहल का माहौल है। 
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आइये जानते हैं एपस्टीन फाइल्स की जो नई खेप अमेरिकी न्याय विभाग की तरफ से जारी की गई है, उसमें क्या है? इनमें किन नए नामों का खुलासा हुआ है? उन्हें लेकर दस्तावेजों में क्या कहा गया है? इसके अलावा इंसानी मांस खाने को लेकर क्या बातें सामने आई हैं? इनका खुलासा किसने किया है और इसकी सच्चाई क्या है? 
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एपस्टीन फाइल्स की नई खेप में क्या?

जेफ्री एपस्टीन से जुड़ी फाइलों की इस नई खेप में 30 जनवरी 2026 को अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) ने जारी किए गए। लगभग 30 लाख पेज, 1,80,000 तस्वीरें और 2,000 वीडियो समेटे इन दस्तावेजों में कई शक्तिशाली व्यक्तियों के नाम, चौंकाने वाले आरोप और एपस्टीन के निजी जीवन से जुड़े विवरण सामने आए हैं।

1. चौंकाने वाले आरोप

दस्तावेजों में नरभक्षण (cannibalism) और अनुष्ठानिक बलिदान जैसी गंभीर बातों का जिक्र है।

2. हाई-प्रोफाइल हस्तियों का जिक्र

एलन मस्क: मस्क और एपस्टीन के बीच ईमेल के जरिए की गई बातचीत के दस्तावेज रिलीज किए गए हैं। इसमें मस्क ने कथित तौर पर एपस्टीन के द्वीप पर सबसे खतरनाक पार्टी के समय के बारे में पूछा था। मस्क ने कहा है कि उन्होंने कभी द्वीप का दौरा नहीं किया।

ये भी पढ़ें: Epstein Files: क्या है Jmail? जिसने दुनिया के लिए खोल दिया जेफरी एपस्टीन के काले कारनामों का कच्चा चिट्ठा

बिल गेट्स: एपस्टीन की तरफ से ड्राफ्ट किए गए कुछ ईमेल की जो जानकारी रिलीज की गई है, उसके मुताबिक गेट्स को रूसी लड़कियों के साथ संबंधों के कारण यौन संचारित रोग (एसटीडी) हुआ था। गेट्स के प्रवक्ता ने इन दावों को पूरी तरह से बेतुका और गलत बताया।



प्रिंस एंड्रयू: फाइलों में एक ऐसी तस्वीर शामिल है जिसमें वह कथित तौर पर एक महिला के ऊपर घुटनों के बल झुके हुए दिखाई दे रहे हैं।



डोनाल्ड ट्रंप: ट्रंप का नाम फाइलों में सैकड़ों बार आया है, जिसमें एफबीआई की टिप लाइन पर उनके खिलाफ मिली कुछ अपुष्ट शिकायतों का विवरण भी शामिल है।

अन्य नाम: फाइलों में बिल क्लिंटन, रिचर्ड ब्रैनसन, स्टीव बैनन और गूगल के सह-संस्थापक सर्गेई ब्रिन जैसे नामों का भी उल्लेख है।

3. एपस्टीन की वसीयत और आर्थिक जानकारी

  • फाइलों से पता चला है कि एपस्टीन ने अपनी मौत से सिर्फ दो दिन पहले अपनी वसीयत और ट्रस्ट को अपडेट किया था।
  • उसने अपनी संपत्ति का एक बड़ा हिस्सा (करीब पांच करोड़ डॉलर और कई संपत्तियां) अपनी अंतिम प्रेमिका करीना शुलियाक को देने की योजना बनाई थी।
  • एक मनोवैज्ञानिक रिपोर्ट में एपस्टीन को एक ऐसे व्यक्ति के रूप में दर्शाया गया है जिसकी पहचान उसकी संपत्ति, शक्ति और उच्च-प्रोफाइल लोगों के साथ जुड़ाव पर आधारित थी।

4. दस्तावेजों की गोपनीयता और संपादन पर विवाद

दस्तावेजों के जारी होने के बाद एक बड़ा विवाद खड़ा हुआ है, क्योंकि फाइलों में ठीक से संपादन न होने की वजह से कई पीड़ितों और गवाहों के नाम और निजी तस्वीरें उजागर हो गईं। वकीलों ने इसे गोपनीयता का गंभीर उल्लंघन बताया, जिसके बाद न्याय विभाग को अपनी वेबसाइट से हजारों दस्तावेज अस्थायी रूप से हटाने पड़े।

इतना ही नहीं कुछ मीडिया समूहों ने इन दस्तावेजों को जरूरत से ज्यादा संपादित बताया है। इनका कहना है कि कुछ जरूरी जानकारियां छिपा दी गई हैं, जबकि ऐसी चीजें, जिन्हें प्रकाशित नहीं किया जाना था, उन्हें दुनिया को दिखाया गया है। 

ये भी पढ़ें: ‘मुझे इस बारे में जानकारी नहीं’, एपस्टीन फाइल्स में नाम आने पर अनुराग कश्यप ने दी प्रतिक्रिया; बोले- मैं कभी…

5. अन्य अहम नाम

स्टीव बैनन: उनके और एपस्टीन के बीच 2018-2019 के दौरान हजारों संदेशों का आदान-प्रदान हुआ, जिसमें एपस्टीन की छवि सुधारने के लिए एक डॉक्यूमेंट्री बनाने की चर्चा शामिल थी।

सारा फर्ग्यूसन: प्रिंस एंड्रयू की पूर्व-पत्नी और लेखिका सारा फर्ग्यूसन के ईमेल भी सामने आए हैं, जिनमें उन्होंने एपस्टीन को अपना शानदार और खास दोस्त कहा था।

अब जानें- एपस्टीन फाइल्स में इंसानी मांस खाने को लेकर क्या?

जेफ्री एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों में इंसानी मांस को खाने (नरभक्षण) और अनुष्ठान के जरिए बलि लेने जैसी बातों का भी जिक्र है। सोशल मीडिया पर इसे लेकर कई दावे किए जा रहे हैं, जिसके मुताबिक एपस्टीन और उनके साथी एक खास आईलैंड पर बच्चों की बलि देते थे और उनका मांस खाते थे। हालांकि, इन दावों की सच्चाई और संदर्भ इतना सीधा नहीं है।

दावे कहां से आए: ये चौंकाने वाले आरोप मुख्य रूप से 2019 में एक अज्ञात व्यक्ति से की गई संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) की पूछताछ पर आधारित हैं। उस व्यक्ति ने दावा किया था कि उसने साल 2000 में एपस्टीन के यॉट पर अनुष्ठानिक बलि और बच्चों के अंग-भंग (babies being dismembered) जैसी घटनाएं देखी थीं। उसने यह भी आरोप लगाया कि वहां लोग शवों से इंसानों का मल निकालकर खा कर रहे थे।

इनकी जांच में क्या आया: न्याय विभाग के रिकॉर्ड स्पष्ट रूप से बताते हैं कि इस व्यक्ति ने आरोपों को लेकर कोई भी विश्वसनीय या पुख्ता सबूत पेश नहीं किया। इसके बाद एफबीआई ने इन दावों की जांच की और एजेंसी इस नतीजे पर पहुंची इस मामले में आगे की जांच के लिए और संसाधन खर्च करने की जरूरत नहीं है। एजेंसी को लगा कि ये दावे बिना पुष्टि के हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन आरोपों को लगाने वाले व्यक्ति को एक पूर्व विशेष एजेंट और एक कॉन्सपिरेसी थ्योरी रचने वाली वेबसाइट से जुड़े पत्रकार ने एफबीआई के पास भेजा था।

एपस्टीन से जुड़े नए दस्तावेजों में नरभक्षी (कैनिबल) शब्द 52 बार और नरभक्षण (कैनिबलिज्म) छह बार मिला है। हालांकि, इनमें से कोई भी संदर्भ एपस्टीन या उसके सहयोगियों के अपराध के बारे में संकेत नहीं देता। इनमें से एक जिक्र एपस्टीन के ईमेल से है, जिसमें उसने कैनिबल नाम के एक रेस्तरां के बारे में चर्चा की थी। एक और जिक्र मीडिया डाइजेस्ट, बातचीत के ट्रांसक्रिप्ट या एक शैक्षिक पाठ्यक्रम से मिलता है।

इसी अज्ञात व्यक्ति ने यह भी दावा किया था कि इन हिंसक कृत्यों के दौरान कुछ पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति भी वहां मौजूद थे, लेकिन इस बात का भी कोई सबूत नहीं मिला है। इनमें जॉर्ज बुश का भी जिक्र किया गया। हालांकि यह साफ नहीं है कि आरोप लगाने वाला शख्स उस समय के राष्ट्रपति जॉर्ज एचडब्ल्यू बुश का जिक्र कर रहा है या उनके बेटे जॉर्ज डब्ल्यू बुश का, जो आगे चलकर अमेरिका के राष्ट्रपति बने।

सोशल मीडिया में अब भी इससे जुड़े दावे
एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों में किए गए नरभक्षण के जिक्र के बाद एक 2009 का पुराना वीडियो भी चर्चा में है। सोशल मीडिया में साझा किए जा रहे इस वीडियो में गैब्रिएला रिको जिमेनेज नाम की मॉडल अभिजात (इलीट) वर्ग के लोगों के नरभक्षी होने और बलिदानों के बारे में चिल्लाती हुई देखी गई थी। इसके अलावा रिचर्ड और एपस्टीन नाम के एक व्यक्ति के बीच हुई बातचीत में भी नरभक्षी शब्द का जिक्र है।

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