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US Polls 2026: 'ट्रंप प्रशासन जांच कर रहा', 2016 के चुनाव में रूसी 'हस्तक्षेप' के दावों पर व्हाइट हाउस का बयान

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: लव गौर Updated Fri, 06 Feb 2026 07:48 AM IST
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सार

White House On Russia: व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने गुरुवार को कहा कि ट्रंप प्रशासन रूस के 2016 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में कथित हस्तक्षेप से जुड़े दावों की जांच कर रहा है। प्रेस सचिव ने प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि प्रशासन जांच करेगी की रूस ने चुनाव में हस्तक्षेप किया था या नहीं।

White House Karoline Leavitt said Trump govt was examining Russia interference in US presidential poll 2016
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट का बयान - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार

अमेरिका में हुए 2016 राष्ट्रपति चुनाव में कथित रूसी हस्तक्षेप से जुड़े दावों की ट्रंप सरकार जांच कर रही है। इसकी जानकारी गुरुवार (5 फरवरी) को व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने प्रेस वार्ता के दौरान दी। उन्होंने अपने बयान में कहा कि ट्रंप प्रशासन इसकी जांच रही है।
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व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने कहा, 'इस कमरे में मौजूद लोग, यह देखते हुए कि आप सभी ने कई साल से कहा है कि रूस ने डोनाल्ड ट्रंप की मदद करने के लिए 2016 के चुनाव में दखल दिया था, आप सभी को बहुत खुश होना चाहिए कि आखिरकार हमारे पास एक ऐसा प्रशासन है, जो इसकी जांच कर रहा है।"
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सीएनएन के अनुसार राष्ट्रीय खुफिया निदेशक (डीएनआई) तुलसी गबार्ड ने दावा किया कि रूस के हस्तक्षेप को लेकर खुफिया आकलन 'गढ़ी हुई' सूचनाओं पर आधारित थे। रिपोर्ट में कहा गया है कि उन्होंने एक मेमो (खुफिया दस्तावेज) का हवाला दिया था, जिसमें उन दावों का खंडन किया गया था कि सीआईए ने यह निष्कर्ष निकाला था कि रूस ने डोनाल्ड ट्रंप को हिलेरी क्लिंटन को हराने में मदद करने के लिए चुनाव में हस्तक्षेप किया था।

सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, जिस खुफिया दस्तावेज का हवाला गबार्ड ने दिया, उसमें केवल यह कहा गया था कि रूस ने चुनावी ढांचे पर साइबर हमलों के जरिए वोटों के नतीजों में बदलाव नहीं किया। ओबामा प्रशासन ने कभी यह दावा नहीं किया था कि रूस ने वोट गिनती या मतदान मशीनों से छेड़छाड़ की थी।

सीएनएन के लेख में यह भी उल्लेख किया गया था कि गैबर्ड के दावे कई कांग्रेसी जांचों के निष्कर्षों से मेल नहीं खाते थे, जिनमें तत्कालीन सीनेटर मार्को रुबियो के नेतृत्व वाली सीनेट इंटेलिजेंस कमेटी की 2020 की द्विदलीय रिपोर्ट भी शामिल थी। उस रिपोर्ट में निष्कर्ष निकाला गया था कि रूस ने 2016 के राष्ट्रपति चुनाव को प्रभावित करने के लिए 'आक्रामक और बहुआयामी प्रयास' किए थे और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने हिलेरी क्लिंटन के अभियान को नुकसान पहुंचाने और डोनाल्ड ट्रंप को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से कार्रवाई के आदेश दिए थे।

सीएनएन के अनुसार 2018 में मार्को रुबियो ने ट्रंप की कड़ी आलोचना की थी, जब उन्होंने अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के बजाय पुतिन के बयान पर भरोसा किया था। रुबियो ने कहा था कि रूस के हस्तक्षेप को लेकर खुफिया समुदाय का आकलन '100 प्रतिशत सही' था।
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