विदेश मंत्री जयशंकर की कूटनीतिक मैराथन: मनीला में रुबियो-लावरोव से की मुलाकात, जानें किस मुद्दे पर हुई चर्चा
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मनीला में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से व्यापार, टैरिफ, ऊर्जा, रक्षा, महत्वपूर्ण खनिज, एआई और क्षेत्रीय-वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की। वहीं, रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से मुलाकात में भारतीय नाविकों की सुरक्षा, व्यापार, ऊर्जा, निवेश, यूक्रेन संघर्ष और खाड़ी क्षेत्र की स्थिति पर बातचीत हुई।
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विस्तार
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार को मनीला में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने व्यापार, टैरिफ, ऊर्जा, रक्षा, महत्वपूर्ण खनिज और एआई सहित प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर चर्चा की।
ऐसा भी माना जा रहा है कि जयशंकर और रुबियो ने पश्चिम एशिया संकट और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और बाजार स्थिरता पर इसके व्यापक प्रभाव पर भी चर्चा किया। दोनों राजनयिक दक्षिणपूर्व एशियाई राष्ट्र संघ (आसियान) और क्वाड समूह के ढांचे के तहत उच्च स्तरीय चर्चाओं में भाग लेने के लिए फिलीपींस की राजधानी में थे।
विदेश मंत्री जयशंकर ने क्या कहा?
जयशंकर ने सोशल मीडिया पर कहा, 'हमारी बैठक में उन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया गया, जो भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी के लिए प्राथमिकता वाले क्षेत्र हैं, जिनमें व्यापार और शुल्क, ऊर्जा, रक्षा और सुरक्षा, महत्वपूर्ण खनिज और कृत्रिम बुद्धिमत्ता शामिल हैं।' उन्होंने कहा, 'हमने पारस्परिक हित के क्षेत्रीय, वैश्विक और बहुपक्षीय मुद्दों पर भी त्वरित विचार-विमर्श किया।'
रूसी विदेश मंत्री से की मुलाकात
इसके साथ ही एस जयशंकर ने रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ वार्ता की। इस दौरान वाणिज्यिक पोत एमवी गोल्डन लियो पर हुए हमले में चार भारतीय नागरिकों की मौत के बाद भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर भारत की गहरी चिंता को दोहराया। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की और प्रमुख क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर चर्चा की।
रूसी विदेश मंत्री से किस पर हुई चर्चा
बैठक का विवरण साझा करते हुए जयशंकर ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ हमारे द्विपक्षीय संबंधों की गहन समीक्षा की गई। क्षेत्र में भारतीय नाविकों की सुरक्षा के संबंध में हमने अपनी गहरी चिंता दोहराई।' विदेश मंत्री ने कहा कि चर्चा में भारत-रूस साझेदारी के विभिन्न पहलुओं को शामिल किया गया, जिनमें व्यापार और निवेश, ऊर्जा और कनेक्टिविटी, विज्ञान और प्रौद्योगिकी और गतिशीलता शामिल हैं।
जयशंकर ने आगे कहा, 'हमने व्यापार और निवेश, ऊर्जा और कनेक्टिविटी, विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा गतिशीलता सहित हमारी साझेदारी के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। साथ ही यूक्रेन संघर्ष और खाड़ी देशों की स्थिति पर भी चर्चा की।
क्या हुई बैठक
यह बैठक मनीला में आसियान से संबंधित विदेश मंत्रियों की बैठकों के दौरान हुई, जहां जयशंकर आसियान-भारत विदेश मंत्रियों की बैठक, पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन (ईएएस) और आसियान क्षेत्रीय मंच (एआरएफ) की बैठकों सहित बहुपक्षीय कार्यक्रमों में भाग ले रहे हैं।