फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Protests in New York San Jose in support of Wangchuk NEET Exam Controversy Hunger Strike Dharmendra Pradhan

CJP के प्रदर्शन की गूंज विदेश तक: सोनम वांगचुक के समर्थन में सड़क पर उतरे लोग, जानें भारत सरकार से क्या कहा

Wed, 22 Jul 2026 11:26 AM IST
अमन तिवारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: अमन तिवारी Updated Wed, 22 Jul 2026 11:26 AM IST
सार

नीट पेपर लीक मामले में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक के समर्थन में विदेशों में प्रदर्शन हुए। मामले को लेकर 'हिंदू्स फॉर ह्यूमन राइट्स' नाम के एक संगठन ने न्यूयॉर्क, सैन जोस, लंदन और डबलिन में आवाज उठाई। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से जवाबदेही तय करने और शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांगा।

विज्ञापन
Protests in New York San Jose in support of Wangchuk NEET Exam Controversy Hunger Strike Dharmendra Pradhan
सोनम वांगचुक के समर्थन में विदेश में प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अमेरिका स्थित अधिकार समूह 'हिंदू्स फॉर ह्यूमन राइट्स' के कार्यकर्ताओं ने न्यूयॉर्क और सैन जोस में प्रदर्शन किए। ये प्रदर्शन सोनम वांगचुक के समर्थन में आयोजित किए गए। सोनम वांगचुक नीट परीक्षा में हुई कथित धांधली के विरोध में नई दिल्ली में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। सोमवार शाम कार्यकर्ता न्यूयॉर्क शहर के यूनियन स्क्वायर और सैन जोस में महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास इकट्ठा हुए। वे हाथों में सोनम वांगचुक के समर्थन में लिखे बैनर और तख्तियां लिए हुए थे।
विज्ञापन




सरकार के खिलाफ नारेबाजी और शिक्षा मंत्री का इस्तीफा
प्रदर्शनकारियों ने भारत सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग रखी। संस्था ने मंगलवार को जारी एक बयान में बताया कि लंदन में भारतीय उच्चायोग और डबलिन में भारतीय दूतावास के बाहर भी ऐसे ही प्रदर्शन हुए। संगठन ने कहा कि न्यूयॉर्क, लंदन, सैन जोस या डबलिन से एक साफ संदेश गया है कि भारत के छात्र सम्मान और निष्पक्ष व्यवहार के हकदार हैं।
विज्ञापन


सरकार से बातचीत और जवाबदेही की अपील
संगठन के अनुसार, भारत के युवाओं को ईमानदार जवाब और भरोसेमंद भविष्य मिलना चाहिए। भारत के नागरिकों को खुलकर बातचीत और सुधार की जरूरत है। अब समय आ गया है कि भारत सरकार अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करे। इससे पहले भी इस संस्था ने भारत सरकार से अपील की थी कि सरकार वांगचुक और नीट परीक्षा धांधली के खिलाफ भूख हड़ताल कर रहे अन्य लोगों से बातचीत करे।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: Nuke Deal: ट्रंप ने सऊदी के साथ परमाणु समझौते को दी मंजूरी, यूरेनियम संवर्धन की मिल सकती है अनुमति; रिपोर्ट

दिल्ली में विरोध प्रदर्शन जारी
मामले में शनिवार को, तीन हफ्ते से अधिक समय तक उपवास करने से वांगचुक की तबीयत बिगड़ गई थी। इसके बाद शनिवार को दिल्ली पुलिस ने उन्हें जंतर-मंतर से हटाकर सफदरजंग अस्पताल पहुंचाया। दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश के बाद अब उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दूसरी ओर, विपक्षी दलों ने कॉकरोच जनता पार्टी का समर्थन किया है और दिल्ली में सरकार के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed