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जेलेंस्की का बड़ा फैसला: सिरस्की की छुट्टी, द्रपाती बने नए सेना प्रमुख, क्या अब यूक्रेन में थमेगा प्रदर्शन?
Wed, 22 Jul 2026 05:14 AM IST
राकेश कुमार
पीटीआई, कीव।
पीटीआई, कीव।
Published by: राकेश कुमार
Updated Wed, 22 Jul 2026 05:14 AM IST
सार
यूक्रेन में सरकार और सेना के बीच विवाद के बाद राष्ट्रपति जेलेंस्की ने बड़ा फेरबदल किया है। जन-प्रदर्शनों के दबाव में उन्होंने सेना प्रमुख ओलेक्जेंडर सिरस्की को हटाकर मिखाइलो द्रपाती को नया कमांडर-इन-चीफ नियुक्त किया है। नए नेतृत्व से सेना के आधुनिकीकरण और सैनिकों की जान बचाने की उम्मीद की जा रही है।
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यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की
- फोटो : @AI/अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
यूक्रेन की राजनीति में अचानक बहुत बड़ा उलटफेर हो गया है। राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने एक बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने यूक्रेन के सेना प्रमुख जनरल ओलेक्जेंडर सिरस्की को पद से हटा दिया है। यह फैसला मंगलवार को लिया गया। पूरे देश में सिरस्की के खिलाफ भारी प्रदर्शन हो रहे थे। राजधानी कीव और कई अन्य शहरों में लोग सड़कों पर उतर आए थे। लोग सिरस्की को हटाने की मांग कर रहे थे।
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जेलेंस्की ने मिखाइलो द्रपाती को नया सेना प्रमुख बनाया है। इसकी जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया पर एक बयान जारी करके दी। जेलेंस्की ने कहा कि सभी की एक ही इच्छा है। वह इच्छा दुश्मन पर जीत हासिल करना है। सीमा पर ऐसे हालात बनाना है कि रूस शांति के लिए मजबूर हो जाए। उन्होंने आगे कहा कि देश ने एक बड़ा रास्ता तय किया है। यूक्रेन की रक्षा का काम लगातार जारी है। देश का हर योद्धा सम्मानजनक व्यवहार का हकदार है।
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क्या जन-प्रदर्शन के आगे झुके राष्ट्रपति जेलेंस्की?
यह दूसरी बार है जब जेलेंस्की को जनता के दबाव में फैसला बदलना पड़ा है। इससे पहले बीते साल की गर्मियों में भी प्रदर्शन हुए थे। तब जनता ने भ्रष्टाचार विरोधी संस्थाओं को कमजोर करने वाले कानून का विरोध किया था। जेलेंस्की को वह कानून वापस लेना पड़ा था।
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यह ताजा विवाद पिछले हफ्ते गुरुवार को शुरू हुआ था। जेलेंस्की ने अपनी सरकार में बड़ा फेरबदल किया था। उन्होंने अपने प्रधानमंत्री को बदल दिया था। साथ ही रक्षा मंत्री मिखाइलो फेडोरोव को भी बर्खास्त कर दिया था। फेडोरोव सिर्फ छह महीने से पद पर थे। जेलेंस्की ने कहा था कि फेडोरोव और सिरस्की के बीच भारी मतभेद थे। दोनों आपस में विवाद नहीं सुलझा पा रहे थे। इसलिए उन्हें खुद यह कदम उठाना पड़ा।
क्या विवाद और सड़कों पर क्यों उतरी जनता?
पद से हटने के बाद फेडोरोव ने सिरस्की पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सिरस्की सैन्य सुधारों को रोक रहे थे। वह पुराने ढर्रे की कमान चला रहे थे। इस बयान के बाद सैनिकों और आम जनता का गुस्सा फूट पड़ा।
हजारों लोग कीव की सड़कों पर निकल आए। लोगों को लगा कि जेलेंस्की एक सुधारक के बजाय पुराने ढर्रे के जनरल का साथ दे रहे हैं। इसका असर सेना के भीतर भी देखा गया। वायु सेना के उप कमांडर ने विरोध में अपना इस्तीफा दे दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि इससे यूक्रेन की हवाई सुरक्षा कमजोर होगी। छुट्टियों पर घर आए सैनिकों और पूर्व सैनिकों ने भी प्रदर्शनों में हिस्सा लिया। कई सैनिक अधिकारियों ने सोशल मीडिया पर सिरस्की का खुलकर विरोध किया।
'बुचर' की छवि और गंभीर आरोप क्या थे?
प्रदर्शनकारी मांग कर रहे थे कि पूर्व रक्षा मंत्री मिखाइलो फेडोरोव को वापस लाया जाए। लोग उन्हें सेना के आधुनिकीकरण का चेहरा मानते थे। वहीं सिरस्की को सोवियत दौर की पुरानी सोच वाला कमांडर माना जाता था। सेना के भीतर सिरस्की को 'बुचर' यानी कसाई का उपनाम मिला हुआ था। बख्मुत की लंबी और खूनी लड़ाई के दौरान यह नाम बहुत फैला था। उस लड़ाई में यूक्रेन को भारी नुकसान हुआ था।
जून महीने में 'बैबेल' नाम की एक यूक्रेनी मीडिया वेबसाइट ने एक जांच रिपोर्ट छापी थी। इसमें सिरस्की से जुड़ी 'स्केलिया' असॉल्ट रेजिमेंट में धांधली और उत्पीड़न के आरोप लगे थे। रिपोर्ट में कहा गया कि इस यूनिट में सैनिकों का नुकसान बहुत ज्यादा हुआ था। कई नए रंगरूटों की मौत के आंकड़े भी उजागर हुए थे। इसके बाद सिरस्की की साख पूरी तरह गिर गई थी।
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क्या पूर्व रक्षा मंत्री फेडोरोव सरकार में लौटेंगे?
मंगलवार को जेलेंस्की ने पूर्व रक्षा मंत्री मिखाइलो फेडोरोव से अलग से मुलाकात की। जेलेंस्की ने उन्हें सरकार में एक सम्मानजनक पद की पेशकश की। यह पद देश के टेक्नोलॉजी सेक्टर को एकजुट करने से जुड़ा है। हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि फेडोरोव ने इस ऑफर को स्वीकार किया है या नहीं। यह भी तय नहीं है कि इस कदम से प्रदर्शनकारी शांत होंगे या नहीं।
फेडोरोव ने नए सेना प्रमुख द्रपाती को बधाई दी। उन्होंने इसे आजादी और न्याय की लड़ाई में एक 'नई उम्मीद' बताया। फेडोरोव ने कहा कि सिरस्की ने कीव की रक्षा और खारकीव के अभियानों में जो योगदान दिया, वह इतिहास का अहम हिस्सा है। लेकिन अब यूक्रेन को तेजी से आगे बढ़ना होगा। पुरानी गलतियों को सुधारना होगा।
फेडोरोव ने कहा कि यूक्रेन को जीत के लिए स्पष्ट सोच की जरूरत है। सैनिकों की जान बचाना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। युद्ध क्षेत्र में रोबोटिक तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाना होगा। रूस की अर्थव्यवस्था को पस्त करने के लिए अलग रणनीति अपनानी होगी।
मुख्य बातें
- राष्ट्रपति जेलेंस्की ने जनरल ओलेक्जेंडर सिरस्की को कमांडर-इन-चीफ के पद से हटाया।
- मिखाइलो द्रपाती को यूक्रेन का नया सेना प्रमुख बनाया गया।
- रक्षा मंत्री मिखाइलो फेडोरोव को हटाए जाने के बाद पूरे देश में विरोध प्रदर्शन शुरू हुए थे।
- वायु सेना के उप कमांडर ने इस्तीफा दिया और कई सैनिकों ने सार्वजनिक विरोध किया।
- जेलेंस्की ने कीव, खारकीव और कुर्स्क की रक्षा के लिए सिरस्की के योगदान की सराहना की।
- द्रपाती को ड्रोन आपूर्ति बढ़ाने, वायु रक्षा मजबूत करने और नई लामबंदी योजना बनाने का निर्देश मिला।
- द्रपाती ने कहा कि देश की सेवा करना उनके लिए गर्व और पूर्ण जिम्मेदारी की बात है।