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US: जेनेरिक दवाओं पर 200% तक टैरिफ लगाने जा रहे ट्रंप, भारत पर इसका क्या होगा असर?

Wed, 22 Jul 2026 07:39 AM IST
निर्मल कांत पीटीआई, वाशिंगटन डीसी।
पीटीआई, वाशिंगटन डीसी। Published by: निर्मल कांत Updated Wed, 22 Jul 2026 07:39 AM IST
सार

US: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जेनेरिक दवाओं पर भारी टैरिफ लगाने का एलान किया है। इसका सबसे ज्यादा असर भारत पर पड़ सकता है, क्योंकि भारत अमेरिका को सबसे ज्यादा जेनेरिक दवाएं भेजता है। जानिए नया टैरिफ कब से लागू होगा और इसका क्या असर पड़ेगा।

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US to impose steep tariffs on generic medicine imports from Aug 2028
डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक

विस्तार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को घोषणा की कि अमेरिका अगस्त 2028 से विदेश से आयात होने वाली जेनेरिक दवाओं पर भारी आयात शुल्क (टैरिफ) लगाएगा। उन्होंने कहा कि इस कदम का मकसद जेनेरिक दवाओं का उत्पादन अमेरिका के भीतर कराना है। इस फैसले का असर भारत पर पड़ सकता है, क्योंकि भारत अमेरिका को जेनेरिक दवाओं का सबसे बड़ा निर्यातक है।
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ट्रंप ने ट्रथु सोशल प्लेटफॉर्म पर कहा कि 1 अगस्त 2026 से अमेरिका में आने वाली सभी जेनेरिक दवाओं पर अगले दो साल तक टैरिफ शून्य फीसदी रहेगा। इसके बाद एक साल के लिए इसे 100 फीसदी कर दिया जाएगा। उसके बाद यह बढ़ाकर 200 फीसदी कर दिया जाएगा। 
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ट्रंप ने क्या कहा?
  • अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि 1 अगस्त 2026 से अमेरिका में लाई जाने वाली सभी जेनेरिक दवाओं पर अगले दो साल तक शून्य फीसदी आयात शुल्क रहेगा। इसके बाद एक साल के लिए यह 100 फीसदी होगा और उसके बाद 200 फीसदी कर दिया जाएगा।
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  • उन्होंने कहा कि यह फैसला इसलिए लिया गया है, ताकि जेनेरिक दवाओं का उत्पादन फिर से अमेरिका में शुरू हो।
  • उन्होंने कहा कि जो कंपनियां तय समय के भीतर अमेरिका में कारखाने और जरूरी उपकरण नहीं लगाएंगे, उन्हें इस नीति के तहत दंड का सामना करना पड़ेगा।

नई नीति में क्या बदलेगा?
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि इस नीति का मकसद अमेरिका के लोगों के हितों की रक्षा करना है। उन्होंने यह भी कहा कि पेटेंट वाली, ब्रांडेड और नई दवाओं से जुड़ी मौजूदा नीति में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा और वह पहले की तरह जारी रहेगी।


भारत को अक्सर 'दुनिया की दवा दुकान' कहा जाता है, क्योंकि वह दुनिया के कई देशों को जेनेरिक दवाएं उपलब्ध कराता है।

ये भी पढ़ें: ईरान से जंग जारी, लेबनान की मदद करेगा US; ट्रंप हिजबुल्ला के खात्मे की रणनीति पर क्या बोले?

भारत का अमेरिका को दवाओं का कितना निर्यात है?
ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (जीटीआरआई) की एक रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 में भारत ने अमेरिका को 9.7 अरब अमेरिकी डॉलर की दवाओं का निर्यात किया। यह भारत के कुल वैश्विक दवा निर्यात 25.8 अरब अमेरिकी डॉलर का 36 प्रतिशत था। 

जेनेरिक दवाओं का इस्तेमाल कहां होता है?
भारत में बनी जेनेरिक दवाएं उच्च रक्तचाप, मधुमेह, कैंसर, संक्रामक रोगों और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी बीमारियों के इलाज में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल की जाती हैं।
 
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