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West Asia: जॉर्डन में ईरानी हमले में अमेरिका के तीसरे सैनिक की मौत? सेंटकॉम ने क्या कहा, कितना पहुंचा आंकड़ा
Wed, 22 Jul 2026 07:40 AM IST
अमन तिवारी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
Published by: अमन तिवारी
Updated Wed, 22 Jul 2026 07:40 AM IST
सार
जॉर्डन स्थित अमेरिकी बेस पर हुए हमले में तीसरे सैनिक को भी मृत माना जा रहा है। अमेरिका-ईरान संघर्ष के बीच अमेरिकी सैनिकों की मौत का आंकड़ा बढ़कर 18 हो गया है, जबकि क्षेत्रीय तनाव लगातार बढ़ रहा है।
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पश्चिम एशिया संकट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अमेरिकी सेना ने पुष्टि की है कि जॉर्डन में एक बेस पर शुक्रवार को हुए हमले में तीसरे सैनिक के मारे जाने की आशंका है। हालांकि उन्हें मृत माना जा रहा है। सैनिक की पहचान न्यूयॉर्क की रहने वाली 28 वर्षीय सार्जेंट एंजेल एस रामपरसाद के रूप में हुई है। इससे युद्ध की शुरुआत से अब तक कुल 18 अमेरिकी सैनिक मारे जा चुके हैं।
सोमवार को पेंटागन ने जॉर्डन हमले में मारे गए दो अन्य सैनिकों की पहचान बताई थी। इनमें हवाई के रहने वाले 25 वर्षीय फर्स्ट लेफ्टिनेंट टायलर जेम्स फीहान और टेक्सस की रहने वाली 19 वर्षीय प्राइवेट इसाबेला गोंजालेस शामिल थे। ये सैनिक इस्लामिक स्टेट के खिलाफ अमेरिकी मिशन में तैनात थे। ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमलों से इन सैनिकों की मौत हुई।
हमले के बाद सेना ने बताया था कि दो सैनिक मारे गए हैं और एक लापता है। अब पेंटागन का कहना है कि रामपरसाद ही वह लापता सैनिक हैं। उनका आधिकारिक दर्जा "कर्तव्य स्थिति-स्थान अज्ञात" है और उन्हें मृत माना जा रहा है। रामपरसाद और गोंजालेस जर्मनी में तैनात 10वीं आर्मी एयर एंड मिसाइल डिफेंस कमांड की एक ही यूनिट से थीं।
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इराक में एक अन्य सैनिक की जान गई
इधर, इराक के इरबिल एयर बेस पर एक ईरानी ड्रोन के नियंत्रित विस्फोट के समय 30 वर्षीय सार्जेंट माइकल इमैनुएल स्विंटन की मौत हो गई। नॉर्थ कैरोलिना के रहने वाले स्विंटन लगभग 10 साल से सेना में थे। उन्हें मरणोपरांत ब्रॉन्ज स्टार, पर्पल हार्ट और कॉम्बैट एक्सन बैज दिया जाएगा। साथ ही उन्हें स्टाफ सार्जेंट के पद पर प्रमोट किया जाएगा।
स्विंटन 2017 में सेना में भर्ती हुए थे। वह फोर्ट ब्रैग की 108वीं एयर डिफेंस आर्टिलरी ब्रिगेड में तैनात थे। वह अपने पीछे पत्नी और दो छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं। उनके परिवार ने इस नुकसान पर गहरा दुख जताया है। ब्रिगेडियर जनरल जॉन एल डॉबर ने स्विंटन के काम और देश सेवा की तारीफ की है। सेना इरबिल में हुई इस घटना की जांच कर रही है।
10वें दिन भी जारी है संघर्ष
अंतरिम समझौता टूटने के बाद अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध का आज 10वां दिन है। दोनों तरफ से लगातार हमले हो रहे हैं। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, पिछले तीन हफ्तों में अमेरिकी हमलों में कम से कम 50 लोग मारे गए हैं और 500 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
ये भी पढ़ें: जेलेंस्की का बड़ा फैसला: सिरस्की की छुट्टी, द्रपाती बने नए सेना प्रमुख, क्या खत्म होगा रूस-यूक्रेन युद्ध?
दोनों पक्षों ने आम लोगों की सुविधाओं को भी निशाना बनाया है। खाड़ी देशों, इस्राइल और लेबनान में विदेशी मजदूरों समेत कई लोगों की जान गई है। अमेरिकी विदेश विभाग ने चेतावनी दी है कि ईरान और उसके सहयोगी समूह दुनियाभर में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना सकते हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकने के लिए यह युद्ध जरूरी है। हालांकि, उन पर यह युद्ध जल्द खत्म करने का राजनीतिक दबाव बढ़ रहा है। इस तनाव के कारण बाजार में तेल की कीमतें भी बढ़ गई हैं।
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सोमवार को पेंटागन ने जॉर्डन हमले में मारे गए दो अन्य सैनिकों की पहचान बताई थी। इनमें हवाई के रहने वाले 25 वर्षीय फर्स्ट लेफ्टिनेंट टायलर जेम्स फीहान और टेक्सस की रहने वाली 19 वर्षीय प्राइवेट इसाबेला गोंजालेस शामिल थे। ये सैनिक इस्लामिक स्टेट के खिलाफ अमेरिकी मिशन में तैनात थे। ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमलों से इन सैनिकों की मौत हुई।
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हमले के बाद सेना ने बताया था कि दो सैनिक मारे गए हैं और एक लापता है। अब पेंटागन का कहना है कि रामपरसाद ही वह लापता सैनिक हैं। उनका आधिकारिक दर्जा "कर्तव्य स्थिति-स्थान अज्ञात" है और उन्हें मृत माना जा रहा है। रामपरसाद और गोंजालेस जर्मनी में तैनात 10वीं आर्मी एयर एंड मिसाइल डिफेंस कमांड की एक ही यूनिट से थीं।
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इराक में एक अन्य सैनिक की जान गई
इधर, इराक के इरबिल एयर बेस पर एक ईरानी ड्रोन के नियंत्रित विस्फोट के समय 30 वर्षीय सार्जेंट माइकल इमैनुएल स्विंटन की मौत हो गई। नॉर्थ कैरोलिना के रहने वाले स्विंटन लगभग 10 साल से सेना में थे। उन्हें मरणोपरांत ब्रॉन्ज स्टार, पर्पल हार्ट और कॉम्बैट एक्सन बैज दिया जाएगा। साथ ही उन्हें स्टाफ सार्जेंट के पद पर प्रमोट किया जाएगा।
स्विंटन 2017 में सेना में भर्ती हुए थे। वह फोर्ट ब्रैग की 108वीं एयर डिफेंस आर्टिलरी ब्रिगेड में तैनात थे। वह अपने पीछे पत्नी और दो छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं। उनके परिवार ने इस नुकसान पर गहरा दुख जताया है। ब्रिगेडियर जनरल जॉन एल डॉबर ने स्विंटन के काम और देश सेवा की तारीफ की है। सेना इरबिल में हुई इस घटना की जांच कर रही है।
10वें दिन भी जारी है संघर्ष
अंतरिम समझौता टूटने के बाद अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध का आज 10वां दिन है। दोनों तरफ से लगातार हमले हो रहे हैं। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, पिछले तीन हफ्तों में अमेरिकी हमलों में कम से कम 50 लोग मारे गए हैं और 500 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
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दोनों पक्षों ने आम लोगों की सुविधाओं को भी निशाना बनाया है। खाड़ी देशों, इस्राइल और लेबनान में विदेशी मजदूरों समेत कई लोगों की जान गई है। अमेरिकी विदेश विभाग ने चेतावनी दी है कि ईरान और उसके सहयोगी समूह दुनियाभर में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना सकते हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकने के लिए यह युद्ध जरूरी है। हालांकि, उन पर यह युद्ध जल्द खत्म करने का राजनीतिक दबाव बढ़ रहा है। इस तनाव के कारण बाजार में तेल की कीमतें भी बढ़ गई हैं।