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India-Sri Lanka: भारत की मदद से श्रीलंका के 40 लाख बच्चों को मिलीं किताबें, उच्चायुक्त ने दी जानकारी
Sun, 12 Mar 2023 04:56 AM IST
Jeet Kumar
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sun, 12 Mar 2023 04:56 AM IST
सार
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची का कहना है कि भारत श्रीलंका के साथ हर तरह के मुश्किल हालात में खड़ा है। भारत ने यह उधार श्रीलंका को भोजन, ईंधन, दवाएं, उद्योगों की कच्ची समाग्री आदि के आयात के लिए दिया था।
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- फोटो : istock
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विस्तार
आर्थिक संकट से जूझ रहे श्रीलंका के 40 लाख बच्चों को भारत की तरफ से दी गई आर्थिक मदद से किताबें मुहैया कराई गई हैं। श्रीलंका में भारत के उच्चायुक्त ने शनिवार को बताया कि भारत की तरफ से श्रीलंका को दी गई एक अरब डॉलर की मदद में से श्रीलंका ने एक करोड़ डॉलर का इस्तेमाल अपने 40 लाख छात्रों की पाठ्य पुस्तकें छपवाने के लिए किया है। भारत ने पिछले वर्ष श्रीलंका को कुल करीब तीन अरब डॉलर की मदद दी थी। इस मदद में नकद एक अरब डॉलर उधार भी शामिल है।
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भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची का कहना है कि भारत श्रीलंका के साथ हर तरह के मुश्किल हालात में खड़ा है। भारत ने यह उधार श्रीलंका को भोजन, ईंधन, दवाएं, उद्योगों की कच्ची समाग्री आदि के आयात के लिए दिया था। इस उधार रकम से श्रीलंका ने भारत से कागज और प्रिंटिंग का सामान खरीदकर 40 लाख स्कूली छात्रों के लिए किताबें छापी हैं। भारत अब तक श्रीलंका को कुल चार अरब डॉलर उधार की सुविधा दे चुका है। इसके तहत श्रीलंका ने भारत से पेट्रोलियम, उर्वरक व अन्य जरूरी सामान खरीदा है।
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पड़ोसी पहले नीति के तहत भारत ने श्रीलंका की आर्थिक मदद के लिए सबसे पहले हाथ बढ़ाया था। इसके अलावा भारत श्रीलंका के रेलवे व दूसरे बुनियादी ढांचों को उन्नत बनाने में भी मदद कर रहा है। श्रीलंका ने पिछले वर्ष मई में खुद को दिवालिया घोषित कर दिया था। श्रीलंका पर करीब 51 अरब डॉलर का विदेशी कर्ज था, जिसे वह चुकाने में नाकाम रहा है।
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