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Attack On Aramco Refinery: सऊदी अरब में अरामको रिफाइनरी पर किया ड्रोन हमला, हूती विद्रोहियों का दावा
Sun, 09 Aug 2026 06:15 PM IST
Devesh Tripathi
आईएएनएस, सना
आईएएनएस, सना
Published by: Devesh Tripathi
Updated Sun, 09 Aug 2026 06:15 PM IST
सार
यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के जजान शहर में सऊदी अरामको की एक रिफाइनरी को ड्रोन से निशाना बनाने का दावा किया है। हूती सैन्य प्रवक्ता के मुताबिक, यह कार्रवाई उत्तरी यमन के उनके नियंत्रण वाले इलाकों में कथित ड्रोन गतिविधि के जवाब में की गई। हूतियों ने नुकसान या हताहतों को लेकर कोई जानकारी नहीं दी और अपने दावे के समर्थन में सबूत भी पेश नहीं किया।
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जजान में लगी आग
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स/IANS
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विस्तार
यमन के हूती विद्रोहियों के समूह ने रविवार को दावा किया कि उसने सऊदी अरब के दक्षिण-पश्चिमी शहर जजान में सऊदी अरामको की एक रिफाइनरी पर ड्रोन से हमला किया। दोनों पक्षों के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी एक बयान में कहा कि ड्रोन ने रिफाइनरी को निशाना बनाया। उन्होंने इसे सटीक हमला बताया।
सरी ने कहा कि यह कार्रवाई सऊदी अरब की ओर से उत्तरी यमन के हूती नियंत्रण वाले सादा और हज्जाह प्रांतों के हवाई क्षेत्र में कथित ड्रोन घुसपैठ के जवाब में की गई। हूतियों ने अपने दावे के समर्थन में कोई सबूत नहीं दिया है। उन्होंने हमले से हुए संभावित नुकसान या किसी के हताहत होने की भी जानकारी नहीं दी।
अरामको रिफाइनरी पर ड्रोन हमले से हुआ कितना नुकसान?
इस बीच, सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्रालय ने कहा कि सऊदी अरामको की जजान रिफाइनरी की एक सुविधा में लगी आग को औद्योगिक सुरक्षा और दमकल टीमों ने बुझा दिया। मंत्रालय के अनुसार, घटना में कोई घायल नहीं हुआ। मंत्रालय ने एक्स पर बताया कि आग दिन की शुरुआत में लगी थी। संबंधित अधिकारी घटना से निपटने के लिए जरूरी प्रक्रियाएं पूरी कर रहे हैं। हालांकि, मंत्रालय ने आग लगने का कारण नहीं बताया।
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हूती विद्रोहियों का यह ताजा दावा उनके और सऊदी अरब के बीच बढ़ते तनाव के बीच आया है। 20 जुलाई को हूतियों ने लाल सागर में सऊदी अरब से जुड़े जहाजों के आवागमन पर रोक लगाने की घोषणा की थी। समूह ने इसके लिए हूती नियंत्रण वाले क्षेत्रों की कथित सऊदी नाकाबंदी को जिम्मेदार बताया था।
हूती विद्रोहियों ने क्यों तेज किए हमले?
समूह सऊदी अरब से जुड़े जहाजों, ऊर्जा प्रतिष्ठानों और हवाईअड्डों पर कई हमले करने का भी दावा कर चुका है। वहीं, सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन में हूती सैन्य ठिकानों पर सीमित हवाई हमले फिर से शुरू कर दिए हैं। यमन में 2014 के अंत से संघर्ष जारी है। उस समय हूतियों ने राजधानी सना समेत उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद यमनी सरकार के समर्थन में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने 2015 में हस्तक्षेप किया था।
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सरी ने कहा कि यह कार्रवाई सऊदी अरब की ओर से उत्तरी यमन के हूती नियंत्रण वाले सादा और हज्जाह प्रांतों के हवाई क्षेत्र में कथित ड्रोन घुसपैठ के जवाब में की गई। हूतियों ने अपने दावे के समर्थन में कोई सबूत नहीं दिया है। उन्होंने हमले से हुए संभावित नुकसान या किसी के हताहत होने की भी जानकारी नहीं दी।
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अरामको रिफाइनरी पर ड्रोन हमले से हुआ कितना नुकसान?
इस बीच, सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्रालय ने कहा कि सऊदी अरामको की जजान रिफाइनरी की एक सुविधा में लगी आग को औद्योगिक सुरक्षा और दमकल टीमों ने बुझा दिया। मंत्रालय के अनुसार, घटना में कोई घायल नहीं हुआ। मंत्रालय ने एक्स पर बताया कि आग दिन की शुरुआत में लगी थी। संबंधित अधिकारी घटना से निपटने के लिए जरूरी प्रक्रियाएं पूरी कर रहे हैं। हालांकि, मंत्रालय ने आग लगने का कारण नहीं बताया।
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हूती विद्रोहियों का यह ताजा दावा उनके और सऊदी अरब के बीच बढ़ते तनाव के बीच आया है। 20 जुलाई को हूतियों ने लाल सागर में सऊदी अरब से जुड़े जहाजों के आवागमन पर रोक लगाने की घोषणा की थी। समूह ने इसके लिए हूती नियंत्रण वाले क्षेत्रों की कथित सऊदी नाकाबंदी को जिम्मेदार बताया था।
हूती विद्रोहियों ने क्यों तेज किए हमले?
समूह सऊदी अरब से जुड़े जहाजों, ऊर्जा प्रतिष्ठानों और हवाईअड्डों पर कई हमले करने का भी दावा कर चुका है। वहीं, सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन में हूती सैन्य ठिकानों पर सीमित हवाई हमले फिर से शुरू कर दिए हैं। यमन में 2014 के अंत से संघर्ष जारी है। उस समय हूतियों ने राजधानी सना समेत उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद यमनी सरकार के समर्थन में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने 2015 में हस्तक्षेप किया था।