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Rishi Sunak: ऋषि सुनक के प्रधानमंत्री बनने के बाद कितने बदलेंगे भारत-ब्रिटेन के रिश्ते? दो बिंदुओं में समझें
Tue, 25 Oct 2022 05:01 PM IST
हिमांशु मिश्रा
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु मिश्रा
Updated Tue, 25 Oct 2022 05:01 PM IST
सार
ऋषि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बनने से भारत को क्या फायदा होगा? इससे दोनों देशों के रिश्तों पर कितना असर पड़ेगा? आइए जानते हैं...
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भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
42 साल के भारतवंशी ऋषि सुनक ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री बन गए हैं। सुनक ने आज बकिंघम पैलेस में किंग चार्ल्स से मुलाकात की। किंग ने उन्हें नियुक्ति पत्र सौंपा। ऋषि का नाता भारत से है। उनके दादा-दादी पंजाब के रहने वाले थे। ऋषि की पत्नी अक्षता मूर्ति भी भारतीय हैं। अक्षता के पिता एन नारायणमूर्ति भारत के बड़े उद्योगपति हैं। आईटी कंपनी इंफोसिस की स्थापना नारायणमूर्ति ने ही की थी।
ऐसे में ऋषि के ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बनने पर भारत में भी जश्न मनाया जा रहा है। सोशल मीडिया पर यूजर्स कई तरह से ऋषि को बधाई दे रहे हैं। कहा जा रहा है कि ऋषि के ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बनने से भारत को काफी फायदा होगा। आज हम आपको बताएंगे कि आखिर ऋषि के ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बनने से भारत को क्या फायदा होगा? इससे दोनों देशों के रिश्तों पर कितना असर पड़ेगा? आइए जानते हैं...
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ऐसे में ऋषि के ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बनने पर भारत में भी जश्न मनाया जा रहा है। सोशल मीडिया पर यूजर्स कई तरह से ऋषि को बधाई दे रहे हैं। कहा जा रहा है कि ऋषि के ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बनने से भारत को काफी फायदा होगा। आज हम आपको बताएंगे कि आखिर ऋषि के ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बनने से भारत को क्या फायदा होगा? इससे दोनों देशों के रिश्तों पर कितना असर पड़ेगा? आइए जानते हैं...
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ऋषि के प्रधानमंत्री बनने से भारत को कितना फायदा?
यही सवाल हमने विदेश मामलों के जानकार डॉ. आदित्य पटेल से किया। उन्होंने कहा, 'ये अच्छी बात है कि भारतीय मूल के ऋषि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बने हैं, लेकिन हमें इसके आगे भी सोचना और समझना होगा। ऋषि भले ही भारतीय मूल के हैं, लेकिन अब वो ब्रिटेन के नागरिक हैं और ब्रिटेन के ही लीडर हैं। ऐसे में ये बात बिल्कुल याद रखना चाहिए कि ऋषि आने वाले समय में जो भी फैसला लेंगे वो अपने देश यानी ब्रिटेन और ब्रिटेन के नागरिकों के हितों को ख्याल में रखते हुए लेंगे। भले ही वो मुद्दा भारत से ही जुड़ा क्यों न हो।'
यही सवाल हमने विदेश मामलों के जानकार डॉ. आदित्य पटेल से किया। उन्होंने कहा, 'ये अच्छी बात है कि भारतीय मूल के ऋषि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बने हैं, लेकिन हमें इसके आगे भी सोचना और समझना होगा। ऋषि भले ही भारतीय मूल के हैं, लेकिन अब वो ब्रिटेन के नागरिक हैं और ब्रिटेन के ही लीडर हैं। ऐसे में ये बात बिल्कुल याद रखना चाहिए कि ऋषि आने वाले समय में जो भी फैसला लेंगे वो अपने देश यानी ब्रिटेन और ब्रिटेन के नागरिकों के हितों को ख्याल में रखते हुए लेंगे। भले ही वो मुद्दा भारत से ही जुड़ा क्यों न हो।'
डॉ. आदित्य आगे कहते हैं, 'अमेरिका की उपराष्ट्रपति कमला हैरिस भी खुद को भारतीय मूल कहने की बजाय अफ्रीकी मूल की कहती हैं। उन्होंने चुनाव में भी खुद को अफ्रीकन ओरिजिन बताया था। उपराष्ट्रपति बनने के बाद उनका रवैया भी भारत को लेकर बहुत ज्यादा अच्छा नहीं रहा है। ये इसलिए भी है, क्योंकि अगर कमला भारत के प्रति सॉफ्ट रुख अख्तियार करेंगी तो उनपर लोग सवाल खड़े करने लगेंगे।'
आगे डॉ. आदित्य ने दो बिंदुओं में समझाया कि सुनक के प्रधानमंत्री बनने से भारत पर किस तरह से असर पड़ सकता है।
1. वीजा नियम सरल हो सकते हैं: भले ही सीधे तौर पर ऋषि सुनक भारतीयों को फायदा न पहुंचा सकें, लेकिन अप्रत्यक्ष तौर पर जरूर वह मदद कर सकते हैं। अभी बड़ी संख्या में भारतीय ब्रिटेन में पढ़ाई करने और काम करने के लिए जाते हैं। उन्हें सख्त वीजा नियमों का सामना करना पड़ता है। ऋषि के प्रधानमंत्री रहते हुए वीजा नियमों में बदलाव ला सकते हैं। इसे सरल कर सकते हैं।
1. वीजा नियम सरल हो सकते हैं: भले ही सीधे तौर पर ऋषि सुनक भारतीयों को फायदा न पहुंचा सकें, लेकिन अप्रत्यक्ष तौर पर जरूर वह मदद कर सकते हैं। अभी बड़ी संख्या में भारतीय ब्रिटेन में पढ़ाई करने और काम करने के लिए जाते हैं। उन्हें सख्त वीजा नियमों का सामना करना पड़ता है। ऋषि के प्रधानमंत्री रहते हुए वीजा नियमों में बदलाव ला सकते हैं। इसे सरल कर सकते हैं।
2. कई डील रुक सकती हैं: ऋषि ब्रिटेन में अश्वेत प्रधानमंत्री हैं और उन्हें सबसे पहले अपने देश के लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरना है। ऐसे में भारत के साथ होने वाली डील में रुकावट भी आ सकती है। क्योंकि, श्वेत प्रधानमंत्री आसानी से भारत से डील कर लेते और उनपर कोई आरोप नहीं लगेंगे, जबकि ऋषि के साथ ठीक उल्टा होगा। ऋषि न सिर्फ भारतीय मूल के हैं, बल्कि हिंदू भी हैं। ऐसे में अगर वह भारत के साथ कोई डील करते हैं तो उसपर हर किसी की नजर होगी। ठीक इसी तरह मलेशिया के साथ हुआ था। वहां जब नजीब अब्दुल रजाक जैसे स्थानीय मलय शख्स प्रधानमंत्री थे तब भारत के संबंध बेहतर थे और भारतीय मूल के महातिर मोहम्मद के साथ संबंध जटिल रहे। यही वजह है कि व्हाइट पीएम से डील करना भारत के लिए आसान हो सकता है।
ऋषि की कहानी जान लीजिए
ऋषि सुनक का जन्म 12 मई 1980 को ब्रिटेन के साउथेम्पटन में हुआ था। उनकी मां का नाम ऊषा सुनक और पिता का नाम यशवीर सुनक था। वह तीन भाई बहनों में सबसे बड़े हैं। उनके दादा-दादी पंजाब के रहने वाले थे। 1960 में वह अपने बच्चों के साथ पूर्वी अफ्रीका चले गए थे। बाद में यहीं से उनका परिवार इंग्लैंड शिफ्ट हो गया। तब से सुनक का पूरा परिवार इंग्लैंड में ही रहता है। ऋषि ने भारत के बड़े उद्योगपतियों में शुमार इंफोसिस के संस्थापक नारायणमूर्ति की बेटी अक्षता मूर्ति से शादी की है। सुनक और अक्षता की दो बेटियां हैं। उनकी बेटियों के नाम अनुष्का सुनक और कृष्णा सुनक है।
ऋषि सुनक का जन्म 12 मई 1980 को ब्रिटेन के साउथेम्पटन में हुआ था। उनकी मां का नाम ऊषा सुनक और पिता का नाम यशवीर सुनक था। वह तीन भाई बहनों में सबसे बड़े हैं। उनके दादा-दादी पंजाब के रहने वाले थे। 1960 में वह अपने बच्चों के साथ पूर्वी अफ्रीका चले गए थे। बाद में यहीं से उनका परिवार इंग्लैंड शिफ्ट हो गया। तब से सुनक का पूरा परिवार इंग्लैंड में ही रहता है। ऋषि ने भारत के बड़े उद्योगपतियों में शुमार इंफोसिस के संस्थापक नारायणमूर्ति की बेटी अक्षता मूर्ति से शादी की है। सुनक और अक्षता की दो बेटियां हैं। उनकी बेटियों के नाम अनुष्का सुनक और कृष्णा सुनक है।
कॉलेज में अक्षता से मिले और प्यार हो गया
ऋषि सुनक की शुरुआती पढ़ाई इंग्लैंड के 'विनचेस्टर कॉलेज' से हुई है। उन्होंने आगे की पढ़ाई ऑक्सफोर्ड से की है। 2006 में उन्होंने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से एमबीए की डिग्री भी प्राप्त की। ऋषि सुनक की अक्षता मूर्ति से मुलाकात एमबीए की पढ़ाई के दौरान स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में हुई थी। पढ़ाई के दौरान ही दोनों एक-दूसरे को दिल दे बैठे थे। 2009 में दोनों की शादी बेंगलुरु में भारतीय रीति-रिवाज से हुई। अक्षता इंग्लैंड में अपना फैशन ब्रैंड भी चलाती हैं। आज की तारीख में वह इंग्लैंड की सबसे अमीर महिलाओं में से एक हैं।
ऋषि सुनक की शुरुआती पढ़ाई इंग्लैंड के 'विनचेस्टर कॉलेज' से हुई है। उन्होंने आगे की पढ़ाई ऑक्सफोर्ड से की है। 2006 में उन्होंने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से एमबीए की डिग्री भी प्राप्त की। ऋषि सुनक की अक्षता मूर्ति से मुलाकात एमबीए की पढ़ाई के दौरान स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में हुई थी। पढ़ाई के दौरान ही दोनों एक-दूसरे को दिल दे बैठे थे। 2009 में दोनों की शादी बेंगलुरु में भारतीय रीति-रिवाज से हुई। अक्षता इंग्लैंड में अपना फैशन ब्रैंड भी चलाती हैं। आज की तारीख में वह इंग्लैंड की सबसे अमीर महिलाओं में से एक हैं।