Pakistan: इमरान खान की रिहाई के लिए आर-पार की लड़ाई? 27 सितंबर को मार्च करेगी पीटीआई, 100 से ज्यादा गिरफ्तार
इमरान खान की जेल में तीन साल पूरे होने पर पाकिस्तान के कई शहरों में पीटीआई समर्थकों ने रिहाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। पंजाब और सिंध में पुलिस कार्रवाई के दौरान 100 से अधिक समर्थकों को गिरफ्तार किया गया।
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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की जेल में तीन साल पूरे होने पर उनके समर्थकों ने देशभर में प्रदर्शन किए। इस दौरान पंजाब और सिंध प्रांत में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 100 से अधिक समर्थकों को गिरफ्तार कर लिया। सबसे बड़ी रैली खैबर पख्तूनख्वा की राजधानी पेशावर में आयोजित की गई, जहां इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) की सरकार है।
क्या पंजाब और सिंध में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई की?
पंजाब के लाहौर, मियांवाली और रावलपिंडी में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया और बड़ी संख्या में पीटीआई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। लाहौर के मॉल रोड पर इमरान खान की रिहाई की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों को हटाया गया। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में पुलिस प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग करती दिखाई दी। रैली की कवरेज कर रहे कुछ पत्रकारों के साथ भी मारपीट की गई, जिसके बाद मीडिया संगठनों ने विरोध जताया।
क्या पीटीआई ने बड़ी संख्या में गिरफ्तारियों का दावा किया?
पीटीआई के पंजाब महासचिव चौधरी बिलाल एजाज ने कहा कि लाहौर में पार्टी के पांच विधायक समेत 25 लोगों को गिरफ्तार किया गया। पार्टी का दावा है कि मियांवाली, रावलपिंडी और पंजाब के अन्य हिस्सों से कम से कम 50 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। वहीं, कराची के सद्दर टाउन में पुलिस ने आंसू गैस छोड़कर प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर किया और 10 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया। पीटीआई ने पानो आकिल और कंधकोट से भी अपने कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी का दावा किया।
क्या पीटीआई नेताओं ने आंदोलन तेज करने के संकेत दिए?
इमरान खान की बहन अलीमा खान ने कहा कि उनके भाई की रिहाई के लिए आंदोलन शुरू हो चुका है और जल्द ही इसके अगले चरण की घोषणा की जाएगी। पीटीआई नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मूनिस इलाही ने आरोप लगाया कि जेल में इमरान खान को मुलाकात और उचित चिकित्सा सुविधा नहीं दी जा रही तथा उनकी आंखों की रोशनी भी प्रभावित हुई है। पार्टी नेता शेरयार अफरीदी ने कहा कि इमरान खान का हौसला नहीं तोड़ा जा सका है और देश उनके साथ खड़ा है।
क्या सरकार पर राजनीतिक मामलों का आरोप लगाया गया?
इमरान खान को 5 अगस्त 2023 को गिरफ्तार किया गया था और वह कई मामलों में जेल में हैं। उनकी पार्टी लगातार आरोप लगाती रही है कि उनके खिलाफ दर्ज मामले राजनीतिक उद्देश्य से बनाए गए हैं। हालांकि, शहबाज शरीफ सरकार इन आरोपों से इनकार करती रही है।
क्या एमनेस्टी इंटरनेशनल ने भी चिंता जताई?
एमनेस्टी इंटरनेशनल ने पाकिस्तान सरकार से 73 वर्षीय इमरान खान के अधिकारों का सम्मान करने की अपील की। संगठन की दक्षिण एशिया की कार्यवाहक क्षेत्रीय निदेशक इसाबेल लासी ने कहा कि तीन वर्षों से इमरान खान को निष्पक्ष सुनवाई का अधिकार नहीं मिला, उन्हें लंबे समय तक एकांत कारावास में रखा गया और चिकित्सा सुविधा तथा मुलाकात के अधिकार भी सीमित किए गए। उन्होंने यह भी कहा कि इमरान खान पिछले आठ महीनों से अपने परिवार से नहीं मिल पाए हैं और दिसंबर 2025 से उन्हें तथा उनकी पत्नी बुशरा बीबी को नियमित कानूनी सहायता भी नहीं मिल रही है।
27 सितंबर को इस्लामाबाद कूच करेगी पीटीआई
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री मुहम्मद सुहैल अफरीदी ने बुधवार को घोषणा की कि यदि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संस्थापक और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को न्याय नहीं मिला, तो पार्टी के समर्थक 27 सितंबर को इस्लामाबाद की ओर मार्च करेंगे। अफरीदी ने कहा कि पीटीआई किसी तरह की रियायत नहीं, बल्कि न्याय की मांग कर रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से शांतिपूर्ण विरोध जारी रखेगी। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि इमरान खान को तीन वर्षों से एकांत कारावास में रखा गया है और जेल में उनसे मिलने की कोशिश करने के दौरान उनकी बहनों के साथ भी दुर्व्यवहार किया गया।