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UN: 'इस्लामोफोबिया की मनगढ़ंत कहानियां गढ़ने में माहिर है हमारा पड़ोसी', यूएन में भारत ने पाकिस्तान को लताड़ा

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Nitin Gautam Updated Tue, 17 Mar 2026 07:55 AM IST
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सार

भारत ने एक बार फिर संयुक्त राष्ट्र के मंच पर पाकिस्तान की बखिया उधेड़ दीं। यूएन में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने कहा कि पाकिस्तान में अहमदिया समुदाय और बेबस अफगानों पर अत्याचार हो रहे हैं और वह इस्लामोफोबिया की झूठी कहानियां गढ़ने में व्यस्त है।

India in UN slam pakistan over islamofobia fake propaganda
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

भारत ने एक बार फिर संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान को जमकर लताड़ा और उसके फर्जी प्रोपेगैंडा की पोल खोलकर रख दी। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी हरीश ने कहा कि भारत का पश्चिमी पड़ोसी अपनी धार्मिक पहचान को हथियार के रूप में इस्तेमाल करता है और अपने संकीर्ण राजनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए संयुक्त राष्ट्र के मंच का गलत इस्तेमाल करता है। 
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'भारत में सभी प्रमुख धर्मों को मानने वाले लोग सह-अस्तित्व से रहते हैं'
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वथनेनी हरीश ने कहा, 'भारत एक ऐसा देश है जहां दुनिया के लगभग सभी प्रमुख धर्मों को मानने वाले लोग शांतिपूर्वक सह-अस्तित्व में रहते हैं। साथ ही, हिंदू धर्म, बौद्ध धर्म, जैन धर्म और सिख धर्म जैसे चार प्रमुख धर्मों की उत्पत्ति भी भारत में ही हुई है। ऐसे में भारत किसी भी अन्य देश की तुलना में धार्मिक भेदभाव से मुक्त दुनिया की जरूरत को ज्यादा बेहतर समझता है। 
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भारतीय राजदूत ने संयुक्त राष्ट्र को भी दिखाया आईना
  • भारतीय राजदूत ने संयुक्त राष्ट्र को भी आईना दिखाते हुए कहा, 'संयुक्त राष्ट्र की परिकल्पना एक ऐसे संस्थान के रूप में की गई थी जो धर्म, संस्कृति और राजनीति से ऊपर उठकर काम करे। इसलिए हम ऐसे किसी भी ढांचे को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत पर जोर देते हैं, जो केवल एक धर्म पर ध्यान दे और धार्मिक भय (रिलिजियोफोबिया) की व्यापक समस्या पर ध्यान न दे।
  • उन्होंने कहा, हमारे विचार में 1981 का 'धर्म या आस्था के आधार पर सभी प्रकार की असहिष्णुता और भेदभाव के उन्मूलन संबंधी घोषणा' एक संतुलित दस्तावेज है, जो किसी एक धर्म को विशेष महत्व दिए बिना सभी धर्मों को मानने वाले लोगों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करता है।'
  • संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि ने कहा, 'संयुक्त राष्ट्र को धार्मिक पहचान को हथियार के रूप में इस्तेमाल करने और संकीर्ण राजनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए उसका गलत इस्तेमाल किए जाने के प्रति आगाह रहना चाहिए और इन खतरों की बढ़ती प्रवृत्ति पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। 


पाकिस्तान को लगाई बुरी तरह लताड़
भारत ने पाकिस्तान का नाम लिए बगैर कहा, 'भारत का पश्चिमी पड़ोसी अपने आसपास के क्षेत्र में इस्लामोफोबिया की काल्पनिक कहानियां गढ़ने में माहिर है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि उस देश में अहमदिया समुदाय के खिलाफ क्रूर दमन को क्या कहा जाएगा, या बेबस अफगानों की बड़े पैमाने पर जबरन वापसी को किस रूप में देखा जाएगा, या फिर पवित्र रमजान के महीने के दौरान किए गए हवाई हमलों को क्या नाम दिया जाएगा?'

भारत ने इस्लामिक देशों के संगठन ओआईसी को लेकर कहा कि पाकिस्तान इस मंच का अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करता है और पाकिस्तान के मनगढ़ंत दावों के आधार पर इस मंच से भारत के खिलाफ झूठे और निराधार आरोप लगाए जाते हैं। पी. हरीश ने कहा कि भारत में सभी धर्मों के लोग अपना प्रतिनिधि खुद चुनते हैं और वे प्रतिनिधि उनकी आवाज बनते हैं। भारत ने यूएन से अपील की कि वे अपना समय और संसाधन समावेशी समाज के निर्माण में लगाएं, जहां हर धर्म के व्यक्ति के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित हो।


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