जर्मनी में भारतीय पति-पत्नी पर कश्मीरी व सिख समूहों की जासूसी करने के आरोप
जर्मनी में एक भारतीय पति-पत्नी पर जासूसी करने के आरोप का मामला चल रहा है। ऐसा दावा किया जा रहा है कि ये दोनों भारतीय खुफिया एजेंसियों को जानकारी मुहैया कराते थे। मीडिया खबरों के मुताबिक फ्रेंकफुर्ट में इन पर मुकदमा चल रहा है और दोषी पाए जाने पर इन्हें 10 साल की सजा हो सकती है।
जर्मनी में इस साल अप्रैल में मनमोहन एस और उनकी पत्नी कंवलजीत पर विदेश खुफिया सेवा गतिविधियों में लिप्त होने के आरोप लगे हैं। मुकदमे के अनुसार इन भारतीय नागरिकों पर जर्मनी में रहने वाले कश्मीरी और सिख समूहों की जासूसी करने के आरोप हैं।
कई साल से जासूसी करने के आरोप :
स्थानीय मीडिया के मुताबिक 50 वर्षीय मनमोहन वर्ष 2015 से कथित तौर पर कश्मीरी अलगाववादियों और सिख समूहों की जानकारी जुटा रहे थे। इस जानकारी को वह भारत की खुफिया एजेंसी के साथ साझा करते थे। मनमोहन फ्रेंकफुर्ट में भारतीय वाणिज्य दूतावास में तैनात थे। आरोपों के मुताबिक जुलाई 2017 से उनकी 51 वर्षीय पत्नी पर भी शक की सुई गहराने लगी। खबर में यह भी कहा गया है कि इस दंपती को 7,974 डॉलर की रकम भी दी गई थी।
अगली सुनवाई 12 दिसंबर को
इस मामले में अगली सुनवाई 12 दिसंबर को होगी। अगर ये दोनों दोषी पाए जाते हैं तो इन्हें 10 साल तक की सजा हो सकती है।