समुद्र में भारतीय नौसेना का शौर्य: समुद्री लुटेरों के चंगुल से 20 ईरानियों को बचाया; तेहरान ने कहा- शुक्रिया
भारतीय नौसेना ने सोमालिया के तट के पास समुद्री लुटेरों के कब्जे से ईरानी जहाज अजिनी को 48 घंटे के अभियान में मुक्त कराया। भारतीय वायुसेना की मदद से सभी 20 ईरानी चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचाया गया। ईरान ने भारत की इस कार्रवाई के लिए आभार जताया है।
विस्तार
The Embassy of the Islamic Republic of Iran in New Delhi expresses its sincere appreciation to the Government of India, the Indian Navy and the Indian Air Force for their successful operation to rescue the 20 Iranian crew members of the fishing vessel Azini from pirates. We highly commend the professionalism, courage and effective coordination demonstrated by the Indian Armed Forces, reflecting India's strong commitment to Humanitarian Assistance and Disaster Relief (HADR) and its role in saving lives beyond borders. This humanitarian operation stands as a testament to the spirit of friendship, solidarity and cooperation between Iran and India. We extend our sincere gratitude to all those involved in ensuring the safe rescue of the Iranian crew.
— Iran in India (@Iran_in_India) November 3, 2026विज्ञापन
ईरान ने भारत का जताया आभार, कहा- सीमाओं से परे जाकर बचाई जान
नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर भारत सरकार, भारतीय नौसेना और भारतीय वायुसेना का आभार जताया। दूतावास ने कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों ने जिस पेशेवर तरीके, साहस और आपसी तालमेल के साथ अभियान को अंजाम दिया, वह सराहनीय है। यह कार्रवाई मानवीय सहायता और आपदा राहत के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दिखाती है। दूतावास ने कहा कि यह अभियान भारत और ईरान के बीच दोस्ती, एकजुटता और सहयोग की भावना का प्रमाण है। उसने बचाव अभियान में शामिल सभी लोगों का धन्यवाद भी किया।
यह भी पढ़ें: यूएन: क्षेत्रीय हथियार नियंत्रण प्रस्ताव के खिलाफ भारत-इस्राइल का मतदान, कहा- सीमा तक सीमित नहीं सुरक्षा चिंता
सोमालिया के तट के पास समुद्री लुटेरों ने किया था कब्जा
जानकारी के मुताबिक, मछली पकड़ने वाले जहाज अजिनी को पिछले महीने सोमालिया के उत्तर-पूर्वी तट के पास हथियारबंद समुद्री लुटेरों ने अगवा कर लिया था। यह घटना सोमालिया के तटीय इलाकों बंदर बायला और हाफुन के बीच हुई थी। समुद्री सुरक्षा एजेंसियों को आशंका थी कि लुटेरे इस जहाज का इस्तेमाल बड़े व्यापारिक जहाजों पर हमले करने के लिए अपने अस्थायी ठिकाने यानी 'मदर शिप' के तौर पर कर सकते हैं। इस आशंका को देखते हुए समुद्री क्षेत्र में निगरानी बढ़ाई गई थी।
आईएनएस कोलकाता ने संभाला मोर्चा, वायुसेना ने कमांडो उतारे
भारतीय नौसेना ने जहाज को मुक्त कराने के लिए अभियान शुरू किया। इसके तहत मिशन पर तैनात युद्धपोत आईएनएस कोलकाता को कार्रवाई के लिए भेजा गया। समुद्री निगरानी विमान और अन्य निगरानी संसाधनों की मदद से जहाज की लगातार तलाश की गई। उसकी गतिविधियों पर नजर रखते हुए उसे आगे बढ़ने से रोकने के लिए कदम उठाए गए। इसके बाद भारतीय वायुसेना के सी-17 विमान से नौसेना के मरीन कमांडो को सटीक तरीके से जहाज तक पहुंचाया गया। कमांडो ने कार्रवाई करते हुए जहाज को अपने नियंत्रण में लिया और समुद्री लुटेरों के खतरे को खत्म कर दिया।