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London: ब्रिटेन में विदेशी छात्रों में सबसे ज्यादा भारतीय, दूसरे नंबर पर चीन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Tue, 18 Apr 2023 02:14 AM IST
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सार
यूनाइटेड किंगडम में जन्म न लेने वाली कुल छात्र आबादी में भारत की हिस्सेदारी 11.6 प्रतिशत थी। इसके बाद 11.2 प्रतिशत के साथ 41,810 छात्रों के साथ चीन का स्थान दूसरे नंबर पर था।
सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
इंग्लैंड और वेल्स में विदेशी छात्रों में सबसे अधिक संख्या भारतीय छात्रों की है। 2021 की जनगणना के अनुसार यहां के उच्च शिक्षा संस्थानों में 43,175 भारतीय छात्रों का नामांकन दर्ज था। यह जानकारी लंदन में सोमवार को जनगणना आंकड़ों का विश्लेषण करने वाली संस्था द ऑफिस फॉर नेशनल स्टैटिस्टिक्स (ओएनएस) ने दी।
ओेएनएस के अनुसार, यूनाइटेड किंगडम में जन्म न लेने वाली कुल छात्र आबादी में भारत की हिस्सेदारी 11.6 प्रतिशत थी। इसके बाद 11.2 प्रतिशत के साथ 41,810 छात्रों के साथ चीन का स्थान दूसरे नंबर पर था। इसमें रोमानिया की 9.5 और नाइजीरिया की हिस्सेदारी 5.3 प्रतिशत थी। अंतरराष्ट्रीय छात्र आबादी का एक तिहाई (33.9 प्रतिशत) लंदन में रहता है।
रोजगार पाने की संभावना में दूसरे स्थान पर
रोमानिया के 21.4 प्रतिशत के बाद भारतीय छात्रों के नियोजित होने की संभावना (11.9 प्रतिशत) सबसे अधिक थी। जनगणना में पाया गया था कि अधिकांश भारतीय छात्रों ने अंग्रेजी को अपनी मुख्य भाषा के रूप में दर्ज किया। कुछ छात्रों ने तेलुगु, उर्दू, मलयालम, हिंदी, पंजाबी, बंगाली, गुजराती, तमिल और मराठी भाषाओं को भी दर्ज किया था।
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ओेएनएस के अनुसार, यूनाइटेड किंगडम में जन्म न लेने वाली कुल छात्र आबादी में भारत की हिस्सेदारी 11.6 प्रतिशत थी। इसके बाद 11.2 प्रतिशत के साथ 41,810 छात्रों के साथ चीन का स्थान दूसरे नंबर पर था। इसमें रोमानिया की 9.5 और नाइजीरिया की हिस्सेदारी 5.3 प्रतिशत थी। अंतरराष्ट्रीय छात्र आबादी का एक तिहाई (33.9 प्रतिशत) लंदन में रहता है।
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रोजगार पाने की संभावना में दूसरे स्थान पर
रोमानिया के 21.4 प्रतिशत के बाद भारतीय छात्रों के नियोजित होने की संभावना (11.9 प्रतिशत) सबसे अधिक थी। जनगणना में पाया गया था कि अधिकांश भारतीय छात्रों ने अंग्रेजी को अपनी मुख्य भाषा के रूप में दर्ज किया। कुछ छात्रों ने तेलुगु, उर्दू, मलयालम, हिंदी, पंजाबी, बंगाली, गुजराती, तमिल और मराठी भाषाओं को भी दर्ज किया था।