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ईरान: राष्ट्रपति पेजेशकियन ने दिए समझौते के संकेत, कहा- अमेरिका को छोड़नी होगी दबाव बनाने की नीति
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान।
Published by: Nirmal Kant
Updated Mon, 13 Apr 2026 01:22 AM IST
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मसूद पेजेशकियन, ईरानी राष्ट्रपति
- फोटो : एएनआई (फाइल)
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ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा कि अगर अमेरिका सरकार अपनी सख्त और दबाव वाली नीति छोड़ दे और ईरानी जनता के अधिकारों का सम्मान करे, तो समझौते का रास्ता जरूर निकल सकता है। उन्होंने बातचीत करने वाली टीम के सदस्यों की तारीफ भी की, खासकर अपने सहयोगी डॉ. कालिबाफ की।
ईरान ने समर्थन के लिए भारत को दिया धन्यवाद
वहीं, ईरान के सर्वोच्च नेता के भारतीय प्रतिनिधि अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद भारत सरकार और यहां के लोगों के समर्थन के लिए हार्दिक धन्यवाद दिया।
नई दिल्ली में ईरानी सांस्कृतिक केंद्र में एक सभा को संबोधित करते हुए इलाही ने कहा, उस व्यक्ति की मृत्यु के बाद 40 दिन बीत चुके हैं, जिसने अपना जीवन मानवता और न्याय के लिए समर्पित किया। उन्होंने कहा, आज उनकी शहादत के 40वें दिन, हम यहां केवल उनकी याद को सम्मान देने के लिए ही नहीं इकट्ठा हुए हैं, बल्कि हम भारत और भारत के नेक, समझदार और वफादार लोगों के प्रति अपना आभार और धन्यवाद भी व्यक्त करने के लिए एकत्र हुए हैं। यह सभा शहीद-ए-उम्मत की चेहल्लुम (40वें दिन की स्मृति) के लिए आयोजित की गई थी।
इलाही ने कहा, भारत की जनता की प्रतिक्रिया ने साझा सिद्धांतों के प्रति आपसी समर्पण को दिखाया है। पिछले कुछ हफ्तों में दिखाई गई एकजुटता को याद करते हुए प्रतिनिधि ने कहा, इन दिनों में भारत के महान लोगों ने निष्ठा, समझदारी और न्याय के प्रति प्रतिबद्धता का एक अद्भुत उदाहरण पेश किया है।
ये भी पढ़ें: प. एशिया संकट: ईरान का दावा- आम नागरिक जहाजों के लिए खुला है होर्मुज, PAK के झंडे वाले दो तेल टैंकर लौटाए
उन्होंने कहा, स्मृति सभाओं में भारी मौजूदगी यह दिखाती है कि नैतिकता के प्रति वैश्विक सहमति है। इलाही ने कहा, उनकी स्मृति सभाओं में लोगों की उपस्थिति, उनकी दिल से दी गई संवेदनाएं और उनके गहरे मानवीय संदेशों ने दिखाया है कि सत्य की कोई सीमा नहीं होती और जागरूक लोग हमेशा न्याय के साथ खड़े होते हैं।
अली खामेनेई की मौत के बाद बढ़ा तनाव
86 वर्षीय अयातुल्ला अली खामेनेई की 28 फरवरी को अमेरिका और इस्राइल के संयुक्त सैन्य हमलों में मौत हो गई थी, जिससे पश्चिम एशिया में तनाव तेजी से बढ़ गया। इस त्रासदी के बाद मोजतबा खामेनेई को ईरान के नए सर्वोच्च नेता के रूप में बनाया गया। लेकिन यह सत्ता परिवर्तन अब क्षेत्रीय कूटनीति में बाधाओं के कारण चुनौतियों का सामना कर रहा है।
होर्मुज के पास आने वाले सैन्य जहाजों को देंगे कड़ा जवाब: ईरान
ईरान रिवोल्यूशनरी गार्ड नौसेना ने रविवार को कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य के पास आने वाले सैन्य जहाजों का कड़ा और मजबूती से जवाब दिया जाएगा। ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में यह जानकारी दी।
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नई दिल्ली में ईरानी सांस्कृतिक केंद्र में एक सभा को संबोधित करते हुए इलाही ने कहा, उस व्यक्ति की मृत्यु के बाद 40 दिन बीत चुके हैं, जिसने अपना जीवन मानवता और न्याय के लिए समर्पित किया। उन्होंने कहा, आज उनकी शहादत के 40वें दिन, हम यहां केवल उनकी याद को सम्मान देने के लिए ही नहीं इकट्ठा हुए हैं, बल्कि हम भारत और भारत के नेक, समझदार और वफादार लोगों के प्रति अपना आभार और धन्यवाद भी व्यक्त करने के लिए एकत्र हुए हैं। यह सभा शहीद-ए-उम्मत की चेहल्लुम (40वें दिन की स्मृति) के लिए आयोजित की गई थी।
इलाही ने कहा, भारत की जनता की प्रतिक्रिया ने साझा सिद्धांतों के प्रति आपसी समर्पण को दिखाया है। पिछले कुछ हफ्तों में दिखाई गई एकजुटता को याद करते हुए प्रतिनिधि ने कहा, इन दिनों में भारत के महान लोगों ने निष्ठा, समझदारी और न्याय के प्रति प्रतिबद्धता का एक अद्भुत उदाहरण पेश किया है।
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उन्होंने कहा, स्मृति सभाओं में भारी मौजूदगी यह दिखाती है कि नैतिकता के प्रति वैश्विक सहमति है। इलाही ने कहा, उनकी स्मृति सभाओं में लोगों की उपस्थिति, उनकी दिल से दी गई संवेदनाएं और उनके गहरे मानवीय संदेशों ने दिखाया है कि सत्य की कोई सीमा नहीं होती और जागरूक लोग हमेशा न्याय के साथ खड़े होते हैं।
अली खामेनेई की मौत के बाद बढ़ा तनाव
86 वर्षीय अयातुल्ला अली खामेनेई की 28 फरवरी को अमेरिका और इस्राइल के संयुक्त सैन्य हमलों में मौत हो गई थी, जिससे पश्चिम एशिया में तनाव तेजी से बढ़ गया। इस त्रासदी के बाद मोजतबा खामेनेई को ईरान के नए सर्वोच्च नेता के रूप में बनाया गया। लेकिन यह सत्ता परिवर्तन अब क्षेत्रीय कूटनीति में बाधाओं के कारण चुनौतियों का सामना कर रहा है।
होर्मुज के पास आने वाले सैन्य जहाजों को देंगे कड़ा जवाब: ईरान
ईरान रिवोल्यूशनरी गार्ड नौसेना ने रविवार को कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य के पास आने वाले सैन्य जहाजों का कड़ा और मजबूती से जवाब दिया जाएगा। ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में यह जानकारी दी।