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Indonesia: इंडोनेशियाई अदालत ने सेना के चार जवानों को सुनाई सजा, सामाजिक कार्यकर्ता पर एसिड हमले का है आरोप
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: Asmita Tripathi
Updated Wed, 10 Jun 2026 05:29 PM IST
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सार
इंडोनेशिया की सैन्य अदालत नेएसिड हमले के मामले में सेना के चार अधिकारियों को दोषी ठहराया। उन्होंने18 महीने से 3 साल तक की सजा सुनाई। यूनुस ने सेना के प्रभाव पर पॉडकास्ट किया था।
इंडोनेशिया सेना
- फोटो : फोटो - फ्रीपिक
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विस्तार
इंडोनेशिया की एक सैन्य अदालत ने एक सामाजिक कार्यकर्ता पर एसिड से हमला करने के मामले में सेना के 4 सदस्यों को दोषी ठहराया है। उनपर वाहन चलाते समय हमला किया गया था जिसमें वे बुरी तरह झुलस गए थे। घटना से पहले उन्होंने सेना से जुड़ा हुआ एक पॉडकास्ट किया था।
नौसेना के तीन मरीन- सार्जेंट एडी सुडार्को, फर्स्ट लेफ्टिनेंट बुधी हरियांतो विधी काह्योंनो और कैप्टन नंदाला ड्वी प्रासेत्या और वायु सेना के अधिकारी लेफ्टिनेंट सामी लक्का इंडोनेशिया की राष्ट्रीय सशस्त्र बल की खुफिया एजेंसी में तैनात थे। हाल ही में इन सभी को यूनुस पर हमला करने के लिए दोषी करार दिया गया है।
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पॉडकास्ट रिकॉर्ड करने से नाराज थे चारों
यूनुस एक मानवाधिकार वकील और 'कमीशन फॉर द डिसअपियर्ड एंड विक्टिम्स ऑफ वायलेंस' (जिसे KontraS के नाम से जाना जाता है) के वरिष्ठ एक्टिविस्ट हैं। यूनुस ने इंडोनेशियाई सरकार पर सेना के प्रभाव के बारे में एक पॉडकास्ट रिकॉर्ड किया था। कथित तौर पर इसी नाराजगी के चलते उनपर ये आत्मघाती हमला किया गया। इस हमले में 27 साल के यूनुस बुरी तरह झुलस गए थे और उनकी दाहिनी आंख को स्थायी नुकसान पहुंचा था।
चारों आरोपियों को मिली सजा
हमलावरों ने मोटरसाइकिल चलाते समय यूनुस के चेहरे पर एसिड फेंक दिया था। इसी आरोप में जकार्ता की सैन्य अदालत के तीन जजों की बेंच ने सुडार्को को तीन साल, काह्योंनो को ढाई साल, जबकि प्रासेत्या और लक्का को क्रमशः 2 साल और 18 महीने की सजा सुनाई।
मामले की सुनवाई के दौरान सैन्य जज फ्रेडी इस्नार्टांतो ने कहा, ‘टीएनआई के सदस्य होने के नाते, आरोपियों ने एंड्री यूनुस पर जानबूझकर एसिड फेंककर अपने कर्तव्यों के साथ विश्वासघात किया है। उनके कार्यों ने इंडोनेशियाई सेना की छवि को नुकसान पहुंचाया। हमले से पीड़ित को सदमा लगा और पीड़ा पहुंची। उनकी आंख को भी स्थायी नुकसान हुआ।’
मानवाधिकार समूहों ने जताई असंतुष्टि
इस फैसले और मामले की कार्यवाही पर मानवाधिकार समूहों ने आलोचना की और फैसले पर असंतोष व्यक्त किया। उनका कहना था कि इस हमले में उच्च-स्तरीय लोग भी शामिल हो सकते हैं जिनके भूमिका की जांच नहीं की गई।
एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडोनेशिया समूह ने कहा कि अभियोजन पक्ष की ओर से मांगी गई अपेक्षाकृत हल्की सजा के चलते यह ट्रायल सिर्फ दिखावा बनकर रह जाएगा। उन्होंने मांग की कि हमले का आदेश देने या उसे फाइनेंस करने वालों की पहचान की जाए और उन पर सिविल कोर्ट में मुकदमा चलाया जाए।
इंडोनेशिया के मानवाधिकार आयोग (Komnas HAM) ने इस मामले की पूरी जांच की है। उन्हें ऐसे संकेत मिले हैं कि यह हमला एक सोची-समझी और सुनियोजित कार्रवाई थी, जिसमें चार आरोपियों के अलावा और भी लोग शामिल हो सकते हैं।
सरकारी वकीलों ने की थी ढाई साल की सजा की मांग
इम मामले में सरकारी वकीलों ने चारों सैनिकों के लिए ढाई साल की जेल की सजा की मांग की थी। उनका कहना था कि आरोपियों ने अपनी मर्जी से ऐसा किया था। वे यूनुस की गतिविधियों से नाराज थे और हमला करने का मकसद उनका निजी था।
कौन हैं एंड्री यूनुस?
यूनुस इंडोनेशिया में बिना सजा के बच निकलने के खिलाफ आवाज उठाने और सुरक्षा क्षेत्र में सुधार व नागरिक स्वतंत्रता के लिए काम करने के लिए जाने जाते हैं। बीते वर्ष उन्होंने इंडोनेशिया के सैन्य कानून में प्रस्तावित बदलावों का विरोध करने वाले प्रदर्शन में भूमिका निभाई थी। उनके साथियों का कहना है कि इस काम की वजह से उन्हें बार-बार डराया-धमकाया जाता रहा है।