{"_id":"6a294cb1574d97bac60afdd3","slug":"west-asia-crisis-donald-trump-threaten-iran-says-they-missed-chance-now-will-have-to-pay-price-tensions-rise-2026-06-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"West Asia Crisis: 'ईरान ने खो दिया मौका, अब चुकानी होगी कीमत', ट्रंप ने दी धमकी; पश्चिम एशिया में बढ़ा तनाव","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
West Asia Crisis: 'ईरान ने खो दिया मौका, अब चुकानी होगी कीमत', ट्रंप ने दी धमकी; पश्चिम एशिया में बढ़ा तनाव
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: Devesh Tripathi
Updated Wed, 10 Jun 2026 05:08 PM IST
विज्ञापन
सार
पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका-इस्राइल के बीच हुआ युद्धविराम खतरे में पड़ चुका है। अमेरिका की ओर से ईरान पर हमलों के बाद तेहरान ने भी पलटवार किया है। ईरान ने पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की सैन्य क्षमता पर तीखा हमला बोलते हुए दावा किया कि उसकी सेना पूरी तरह बिखर चुकी है। उन्होंने कहा कि ईरान की नौसेना और वायुसेना लगभग खत्म हो चुकी हैं। ट्रंप ने एक बयान में कहा, "ईरान की सेना पूरी तरह और संपूर्ण रूप से अव्यवस्थित हो चुकी है। इसका बड़ा हिस्सा, जैसे उसकी नौसेना और वायुसेना, अब लगभग अस्तित्व में ही नहीं है। उन्हें पूरी तरह पराजित कर दिया गया है।"
ट्रंप ने कहा, "ईरान सिर्फ बातें करता है, कार्रवाई नहीं करता। पश्चिम एशिया का दबंग अब खत्म हो चुका है।" ट्रंप ने ईरान के साथ संभावित समझौते का जिक्र करते हुए कहा, "उन्होंने ऐसे समझौते पर बातचीत करने में बहुत देर कर दी, जो उनके लिए बहुत अच्छा साबित हो सकता था। अब उन्हें इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।"
विज्ञापन
विज्ञापन
अमेरिका-ईरान के बीच क्यों बढ़ा तनाव?
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव उस समय और बढ़ गया, जब ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड ने दक्षिणी ईरान में अमेरिका के हमलों के जवाब में बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी-संबंधित ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइलों से हमला किया। इस घटनाक्रम ने क्षेत्र में और अधिक सैन्य टकराव की आशंकाओं को बढ़ा दिया है।
इससे पहले अमेरिकी सेना ने कहा था कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य के ऊपर एक अमेरिकी हेलिकॉप्टर गिराए जाने की रिपोर्टों के बाद ईरानी ठिकानों के खिलाफ आत्मरक्षा में हमले किए थे। यह घटनाक्रम दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद तनाव को और गहरा गया।इस पर ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने चेतावनी दी है कि ईरान किसी भी हमले या धमकी को बिना जवाब दिए नहीं छोड़ेगा। उनकी इस कड़ी प्रतिक्रिया ने आगे और अधिक सैन्य वृद्धि की आशंकाओं को जन्म दिया है।
इस्राइल पर भड़के तुर्किये के राष्ट्रपति एर्दोगन
तुर्किये के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने इस्राइल के हमलों पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि सीरिया और लेबनान पर इस्राइल के हमले अब तुर्किये के लिए भी खतरा बन गए हैं। उन्होंने कहा कि इस्राइल की यह आक्रामकता पूरी दुनिया के लिए खतरा पैदा करती है और इसे तत्काल रोका जाना चाहिए।
राष्ट्रपति एर्दोगन ने कहा, "अगर इस्राइली बर्बरता को नहीं रोका गया, तो इसके नतीजे पूरे क्षेत्र और समस्त मानवता को भुगतने होंगे।" उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस्राइल को रोका जाना चाहिए, इसे मानवता का कर्तव्य और मानवीय मोर्चा माना जाना चाहिए। राष्ट्रपति ने चेतावनी दी कि इतिहास को खुद को दोहराने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।