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West Asia: ईरान के केशम द्वीप के पास धमाके की आवाज, पश्चिम एशिया क्षेत्र में तनाव बढ़ा; IRGC ने दी धमकी
एएनआई, तेहरान।
Published by: निर्मल कांत
Updated Wed, 10 Jun 2026 03:58 PM IST
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सार
West Asia: दक्षिणी ईरान के केशम द्वीप के पास धमाके की आवाज सुनाई दी। इसके साथ ही क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। ईरानी मीडिया के अनुसार, धमाकों की वजह अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन इन्हें अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य टकराव से जोड़कर देखा जा रहा है। पढ़िए रिपोर्ट-
केशम द्वीप के पास धमाके की आवाज
- फोटो : एक्स@MesutUdaySaddam
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विस्तार
दक्षिणी ईरान के केशम द्वीप के आसपास एक विस्फोट होने की खबर सामने आई है। मेहर न्यूज एजेंसी ने यह जानकारी दी।
शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन धमाकों की आवाजों की सही वजह अभी तक पता नहीं चल सकी है। यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं और हमले जारी हैं।
मेहर न्यूज एजेंसी ने कहा कि इन धमाकों का संबंध क्षेत्र में जारी संघर्ष से हो सकता है। एजेंसी के अनुसार, आज सुबह से अमेरिका ने होर्मोजगान प्रांत और फारस की खाड़ी के तटीय क्षेत्रों पर हमले किए, जिसके जवाब में ईरान की सेना ने तुरंत कार्रवाई की।
तटीय क्षेत्रों में हुए ये धमाके इस्लामी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के उन आधिकारिक बयानों से मेल खाते हैं, जिनमें अमेरिका की कार्रवाई के कारण हुए नुकसान का विवरण दिया गया था।
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आईआरजीसी ने क्या कहा?
ईरानी मीडिया के अनुसार, आईआरजीसी ने कहा कि अमेरिका ने आज सुबह जास्क, सीरिक और केश में कई ठिकानों पर हमले किए। इन हमलों में सीरिक में एक दूरसंचार टावर क्षतिग्रस्त हो गया और शहर में दो पानी की टंकियां नष्ट हो गईं। साथ ही, झड़पें अभी भी जारी हैं।
अमेरिका के पांचवें बेड़े पर ड्रोन हमले का दावा
ईरान की धरती पर इन हमलों के साथ ही बुधवार को पश्चिम एशिया के जारी संघर्ष का दायरा और बढ़ गया। तस्नीम न्यूज एजेंसी के अनुसार, आईआरजीसी ने जवाबी कार्रवाई करते हुए बहरीन में मौजूद अमेरिका के पांचवें बेड़े (यूएस फिफ्थ फ्लीट) पर ड्रोन हमला किया।
ये भी पढ़ें: शरद पवार का भाजपा पर हमला: इंदिरा गांधी पर टिप्पणी की निंदा की, मोदी-नेहरू की तुलना को बताया गलत
इस कार्रवाई का विवरण देते हुए ईरानी मीडिया ने बताया कि आईआरजीसी नौसेना ने रात ढाई बजे बजे बहरीन में अमेरिका के पांचवें बेड़े को निशाना बनाकर ड्रोन हमला किया। आईआरजीसी के बयान में यह भी कहा गया कि यदि अमेरिका की कथित आक्रामक कार्रवाई जारी रही तो उसे और अधिक गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
सेंटकॉम ने क्या कहा?
यह तनाव तब और बढ़ गया जब अमेरिकी सेना की मध्य कमान (सेंटकॉम) ने पुष्टि की कि अमेरिकी वायुसेना और नौसेना के लड़ाकू विमानों ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरान की वायु रक्षा प्रणालियों, ग्राउंड कंट्रोल स्टेशनों और निगरानी रडार स्थलों पर सटीक हथियारों से हमला किया।
सेंटकॉम ने कहा कि यह अभियान हाल के उन हमलों के जवाब में चलाया गया, जिनमें अमेरिकी बलों और क्षेत्रीय जलमार्गों से गुजर रहे अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाया गया था। उसने यह भी कहा कि अमेरिकी सेना ईरान की किसी भी अनुचित कार्रवाई का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन धमाकों की आवाजों की सही वजह अभी तक पता नहीं चल सकी है। यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं और हमले जारी हैं।
मेहर न्यूज एजेंसी ने कहा कि इन धमाकों का संबंध क्षेत्र में जारी संघर्ष से हो सकता है। एजेंसी के अनुसार, आज सुबह से अमेरिका ने होर्मोजगान प्रांत और फारस की खाड़ी के तटीय क्षेत्रों पर हमले किए, जिसके जवाब में ईरान की सेना ने तुरंत कार्रवाई की।
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तटीय क्षेत्रों में हुए ये धमाके इस्लामी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के उन आधिकारिक बयानों से मेल खाते हैं, जिनमें अमेरिका की कार्रवाई के कारण हुए नुकसान का विवरण दिया गया था।
आईआरजीसी ने क्या कहा?
ईरानी मीडिया के अनुसार, आईआरजीसी ने कहा कि अमेरिका ने आज सुबह जास्क, सीरिक और केश में कई ठिकानों पर हमले किए। इन हमलों में सीरिक में एक दूरसंचार टावर क्षतिग्रस्त हो गया और शहर में दो पानी की टंकियां नष्ट हो गईं। साथ ही, झड़पें अभी भी जारी हैं।
अमेरिका के पांचवें बेड़े पर ड्रोन हमले का दावा
ईरान की धरती पर इन हमलों के साथ ही बुधवार को पश्चिम एशिया के जारी संघर्ष का दायरा और बढ़ गया। तस्नीम न्यूज एजेंसी के अनुसार, आईआरजीसी ने जवाबी कार्रवाई करते हुए बहरीन में मौजूद अमेरिका के पांचवें बेड़े (यूएस फिफ्थ फ्लीट) पर ड्रोन हमला किया।
ये भी पढ़ें: शरद पवार का भाजपा पर हमला: इंदिरा गांधी पर टिप्पणी की निंदा की, मोदी-नेहरू की तुलना को बताया गलत
इस कार्रवाई का विवरण देते हुए ईरानी मीडिया ने बताया कि आईआरजीसी नौसेना ने रात ढाई बजे बजे बहरीन में अमेरिका के पांचवें बेड़े को निशाना बनाकर ड्रोन हमला किया। आईआरजीसी के बयान में यह भी कहा गया कि यदि अमेरिका की कथित आक्रामक कार्रवाई जारी रही तो उसे और अधिक गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
सेंटकॉम ने क्या कहा?
यह तनाव तब और बढ़ गया जब अमेरिकी सेना की मध्य कमान (सेंटकॉम) ने पुष्टि की कि अमेरिकी वायुसेना और नौसेना के लड़ाकू विमानों ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरान की वायु रक्षा प्रणालियों, ग्राउंड कंट्रोल स्टेशनों और निगरानी रडार स्थलों पर सटीक हथियारों से हमला किया।
सेंटकॉम ने कहा कि यह अभियान हाल के उन हमलों के जवाब में चलाया गया, जिनमें अमेरिकी बलों और क्षेत्रीय जलमार्गों से गुजर रहे अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाया गया था। उसने यह भी कहा कि अमेरिकी सेना ईरान की किसी भी अनुचित कार्रवाई का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।