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West Asia Crisis: पश्चिम एशिया में फिर भड़का तनाव, ईरान का दावा- बहरीन में अमेरिकी बेस पर किया ड्रोन हमला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान
Published by: हिमांशु सिंह चंदेल
Updated Wed, 10 Jun 2026 09:25 AM IST
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सार
Iran Drone Attack: ईरान ने बहरीन में अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट मुख्यालय पर ड्रोन हमला करने का दावा किया है। इसके बाद अमेरिका ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए होर्मुज क्षेत्र के पास ईरानी एयर डिफेंस सिस्टम और रडार साइट्स पर हमला किया। अमेरिकी सेना ने कहा कि यह कार्रवाई अपाचे हेलीकॉप्टर गिराए जाने के जवाब में की गई।
बहरीन में ईरान ने अमेरिकी बेस पर किया हमला
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब खुली सैन्य कार्रवाई तक पहुंचता दिखाई दे रहा है। ईरान ने दावा किया है कि उसने बहरीन में अमेरिकी नौसेना के फिफ्थ फ्लीट मुख्यालय पर ड्रोन हमला किया। इसके कुछ घंटों बाद अमेरिका ने भी जवाबी कार्रवाई की पुष्टि कर दी। अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी सेंटकॉम ने कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, रडार साइट्स और ग्राउंड कंट्रोल स्टेशनों पर सटीक हमला किया है। पूरे घटनाक्रम के बाद होर्मुज क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
सेंटकॉम ने कहा कि एक दिन पहले अमेरिकी सेना का एएच-64 अपाचे हेलीकॉप्टर गिराए जाने के बाद यह हमला किया गया। अमेरिका का दावा है कि ईरान की ओर से क्षेत्र में अमेरिकी सैनिकों और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों के लिए खतरा पैदा किया जा रहा था। इसके जवाब में अमेरिकी वायुसेना और नौसेना के लड़ाकू विमानों ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरानी ठिकानों को निशाना बनाया। अमेरिका ने इसे संतुलित और सीमित जवाब बताया है।
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सेंटकॉम ने कहा कि एक दिन पहले अमेरिकी सेना का एएच-64 अपाचे हेलीकॉप्टर गिराए जाने के बाद यह हमला किया गया। अमेरिका का दावा है कि ईरान की ओर से क्षेत्र में अमेरिकी सैनिकों और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों के लिए खतरा पैदा किया जा रहा था। इसके जवाब में अमेरिकी वायुसेना और नौसेना के लड़ाकू विमानों ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरानी ठिकानों को निशाना बनाया। अमेरिका ने इसे संतुलित और सीमित जवाब बताया है।
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आखिर ईरान ने अमेरिकी बेस पर हमला क्यों किया?
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी आईआरजीसी ने कहा कि यह हमला अमेरिका की ओर से दक्षिणी ईरान में किए गए एयरस्ट्राइक के जवाब में किया गया। ईरान का आरोप है कि अमेरिकी सेना ने जास्क, सिरिक और क़ेश्म जैसे इलाकों में हमले किए, जिससे नागरिक ढांचे को नुकसान पहुंचा। आईआरजीसी के मुताबिक इन हमलों में टेलीकॉम टावर और पानी की टंकियां तबाह हुईं। इसके बाद ईरान ने शाहेद-136 ड्रोन के जरिए बहरीन स्थित अमेरिकी नौसैनिक मुख्यालय को निशाना बनाया।
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