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UN: संयुक्त राष्ट्र में PAK-चीन को झटका, अमेरिका ने BLA को अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित करने का प्रस्ताव रोका
पीटीआई, न्यूयॉर्क
Published by: अमन तिवारी
Updated Wed, 10 Jun 2026 12:03 PM IST
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सार
संयुक्त राष्ट्र में बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) और मजीद ब्रिगेड को लेकर पाकिस्तान और चीन की पहल को झटका लगा है। सुरक्षा परिषद की 1267 प्रतिबंध समिति में प्रस्ताव आगे नहीं बढ़ सका। इस घटनाक्रम ने अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
अफगानिस्तान के नए कानून पर संयुक्त राष्ट्र चिंतित
- फोटो : ANI
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विस्तार
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अमेरिका ने पाकिस्तान और चीन की एक बड़ी योजना को नाकाम कर दिया है। दोनों देशों ने मिलकर बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) और मजीद ब्रिगेड को अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित करने का प्रस्ताव दिया था, जिसे अमेरिका ने रोक दिया है।
पाकिस्तान और चीन ने पिछले साल सितंबर में सुरक्षा परिषद की '1267 अल कायदा प्रतिबंध समिति' के सामने यह साझा अर्जी लगाई थी। इस महीने अमेरिका के साथ फ्रांस और ब्रिटेन ने भी इस प्रस्ताव का विरोध किया। ये तीनों देश सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य हैं और इनके पास वीटो की शक्ति भी है।
संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के राजदूत आसिम इफ्तिखार अहमद ने सुरक्षा परिषद की बैठक में कहा था कि BLA और मजीद ब्रिगेड जैसे संगठन अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि वहां 60 से ज्यादा आतंकी कैंप चल रहे हैं, जहां से घुसपैठ और हमले किए जाते हैं। पाकिस्तान ने उम्मीद जताई थी कि परिषद इन संगठनों पर जल्द पाबंदी लगाएगी ताकि उनकी आतंकी गतिविधियों पर लगाम लग सके।
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हैरानी की बात यह है कि अमेरिका ने खुद BLA और मजीद ब्रिगेड को अपनी घरेलू सूची में विदेशी आतंकी संगठन घोषित किया हुआ है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के अनुसार, ट्रंप प्रशासन ने इन संगठनों को वैश्विक आतंकी माना था ताकि उनकी मदद रोकी जा सके। अमेरिका का मानना है कि आतंकी संगठनों पर पाबंदी लगाना इस खतरे से लड़ने का एक प्रभावी तरीका है।
ये भी पढ़ें: होर्मुज से जॉर्डन तक बढ़ा युद्ध का खतरा: ईरान ने अमेरिकी ठिकाने पर दागीं मिसाइलें, पश्चिम एशिया में हाई अलर्ट
BLA ने हाल के वर्षों में कई बड़े हमले किए हैं। साल 2024 में कराची एयरपोर्ट और ग्वादर पोर्ट के पास आत्मघाती हमले हुए थे। मार्च 2025 में इस संगठन ने जाफर एक्सप्रेस ट्रेन को अगवा कर लिया था। इस घटना में 31 लोगों की जान गई थी और 300 से ज्यादा यात्रियों को बंधक बनाया गया था।
बता दें कि, इससे पहले चीन ने कई बार भारत और अमेरिका के उन प्रस्तावों को रोका था, जिनमें पाकिस्तान में छिपे आतंकियों पर पाबंदी लगाने की मांग की गई थी। फिलहाल पाकिस्तान सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य है, जबकि चीन स्थायी सदस्य के रूप में परिषद का सदस्य है।
पाकिस्तान और चीन ने पिछले साल सितंबर में सुरक्षा परिषद की '1267 अल कायदा प्रतिबंध समिति' के सामने यह साझा अर्जी लगाई थी। इस महीने अमेरिका के साथ फ्रांस और ब्रिटेन ने भी इस प्रस्ताव का विरोध किया। ये तीनों देश सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य हैं और इनके पास वीटो की शक्ति भी है।
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संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के राजदूत आसिम इफ्तिखार अहमद ने सुरक्षा परिषद की बैठक में कहा था कि BLA और मजीद ब्रिगेड जैसे संगठन अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि वहां 60 से ज्यादा आतंकी कैंप चल रहे हैं, जहां से घुसपैठ और हमले किए जाते हैं। पाकिस्तान ने उम्मीद जताई थी कि परिषद इन संगठनों पर जल्द पाबंदी लगाएगी ताकि उनकी आतंकी गतिविधियों पर लगाम लग सके।
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BLA ने हाल के वर्षों में कई बड़े हमले किए हैं। साल 2024 में कराची एयरपोर्ट और ग्वादर पोर्ट के पास आत्मघाती हमले हुए थे। मार्च 2025 में इस संगठन ने जाफर एक्सप्रेस ट्रेन को अगवा कर लिया था। इस घटना में 31 लोगों की जान गई थी और 300 से ज्यादा यात्रियों को बंधक बनाया गया था।
बता दें कि, इससे पहले चीन ने कई बार भारत और अमेरिका के उन प्रस्तावों को रोका था, जिनमें पाकिस्तान में छिपे आतंकियों पर पाबंदी लगाने की मांग की गई थी। फिलहाल पाकिस्तान सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य है, जबकि चीन स्थायी सदस्य के रूप में परिषद का सदस्य है।