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'असांविधानिक और क्रूर': अलबामा में नाइट्रोजन गैस से मृत्युदंड पर स्थायी रोक, जज ने कहा- ये प्रतिबंध का उल्लंघन
पीटीआई, मॉन्टगोमेरी
Published by: Pavan
Updated Wed, 10 Jun 2026 08:13 AM IST
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सार
अमेरिका के अलबामा में एक संघीय जज ने कैदी जेफरी ली को नाइट्रोजन गैस से मृत्युदंड देने पर स्थायी रोक लगा दी। अदालत ने इस तरीके को संविधान के तहत क्रूर और असामान्य सजा माना। हालांकि राज्य घातक इंजेक्शन, इलेक्ट्रिक चेयर या फायरिंग स्क्वाड जैसे अन्य विकल्प अपना सकता है।
अलबामा में नाइट्रोजन गैस से मौत की सजा पर रोक
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
अमेरिका के अलबामा राज्य में नाइट्रोजन गैस के जरिए दी जाने वाली मौत की सजा पर बड़ा कानूनी झटका लगा है। एक संघीय न्यायाधीश ने इस तरीके को संविधान के खिलाफ और अत्यधिक क्रूर बताते हुए एक कैदी की प्रस्तावित सजा पर स्थायी रोक लगा दी है। अमेरिकी जिला न्यायाधीश एमिली सी. मार्क्स ने मंगलवार को फैसला सुनाते हुए कहा कि नाइट्रोजन गैस के जरिए मौत की सजा देना संविधान में दिए गए क्रूर और असामान्य सजा पर प्रतिबंध का उल्लंघन करता है।
यह भी पढ़ें- US-Iran Crisis: 'अगर सुरक्षित रहना चाहते हो तो हमारे क्षेत्र से निकल जाओ', अमेरिकी हमले के बाद ईरान की खुली धमकी
कैदी को नाइट्रोजन गैस से मौत की सजा देने पर स्थायी रोक
यह फैसला उस समय आया जब एक अपीलीय अदालत ने एक दिन पहले ही उनके पुराने फैसले को पलट दिया था, जिसमें इस पद्धति को सांविधानिक माना गया था। जज मार्क्स ने कैदी जेफरी ली को नाइट्रोजन गैस से मौत की सजा देने पर स्थायी रोक लगा दी। जेफरी ली को गुरुवार को अलबामा की एक जेल में मृत्युदंड दिया जाना थी। हालांकि अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य चाहे तो अन्य स्वीकृत तरीकों से सजा-ए-मौत को लागू कर सकता है। अलबामा में फिलहाल घातक इंजेक्शन (लीथल इंजेक्शन) और इलेक्ट्रिक चेयर भी वैध मृत्युदंड के तरीके हैं। जज ने कहा कि जेफरी ली को इन तरीकों से फांसी रोकने का अधिकार नहीं है।
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'मौत की सजा के हर तरीके को दी जा सकती है चुनौती'
अपने 26 पन्नों के फैसले में जज मार्क्स ने कहा कि मौत की सजा के हर तरीके को अदालत में चुनौती दी जा सकती है। उन्होंने लिखा कि अगर राज्य फायरिंग स्क्वाड को भी अपनाए तो उसके खिलाफ भी कानूनी चुनौती दी जा सकती है। उन्होंने यह भी माना कि संविधान दर्दरहित मौत की गारंटी नहीं देता, लेकिन किसी व्यक्ति की जान लेने की प्रक्रिया में दर्द का जोखिम पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सकता।
राज्य को अन्य विकल्प अपनाने की छूट
दिलचस्प बात यह है कि जज ने कहा कि राज्य चाहे तो ली की पसंदीदा फांसी की विधि, यानी फायरिंग स्क्वाड, को अपना सकता है। अमेरिकी कानून के तहत फांसी की विधि को चुनौती देने वाले कैदी को कोई वैकल्पिक तरीका भी सुझाना होता है। जज ने कहा कि राज्य के पास फायरिंग स्क्वाड के लिए आवश्यक हथियार, गोला-बारूद और प्रशिक्षण की व्यवस्था करने की क्षमता है।
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दोहरे हत्याकांड का दोषी है कैदी जेफरी ली
जेफरी ली 1998 में हुई एक दोहरे हत्या की वारदात में दोषी ठहराया गया था। अभियोजन पक्ष के अनुसार उसने एक गिरवी दुकान (पॉनशॉप) में लूटपाट के दौरान दुकान मालिक जिमी एलिस और कर्मचारी एलेन थॉम्पसन की गोली मारकर हत्या कर दी थी। मामले की एक और खास बात यह है कि जूरी ने 7-5 के मत से ली को उम्रकैद देने की सिफारिश की थी। लेकिन उस समय एक न्यायाधीश ने जूरी की सिफारिश को खारिज करते हुए उसे मौत की सजा सुनाई थी। बाद में 2017 में अलबामा ने इस व्यवस्था को खत्म कर दिया, जिसके तहत जज जूरी की सजा संबंधी सिफारिश को पलट सकते थे। अब राज्य सरकार इस फैसले की समीक्षा कर रही है और अपील की तैयारी कर सकती है। माना जा रहा है कि यह मामला अंततः अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच सकता है।
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कैदी को नाइट्रोजन गैस से मौत की सजा देने पर स्थायी रोक
यह फैसला उस समय आया जब एक अपीलीय अदालत ने एक दिन पहले ही उनके पुराने फैसले को पलट दिया था, जिसमें इस पद्धति को सांविधानिक माना गया था। जज मार्क्स ने कैदी जेफरी ली को नाइट्रोजन गैस से मौत की सजा देने पर स्थायी रोक लगा दी। जेफरी ली को गुरुवार को अलबामा की एक जेल में मृत्युदंड दिया जाना थी। हालांकि अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य चाहे तो अन्य स्वीकृत तरीकों से सजा-ए-मौत को लागू कर सकता है। अलबामा में फिलहाल घातक इंजेक्शन (लीथल इंजेक्शन) और इलेक्ट्रिक चेयर भी वैध मृत्युदंड के तरीके हैं। जज ने कहा कि जेफरी ली को इन तरीकों से फांसी रोकने का अधिकार नहीं है।
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'मौत की सजा के हर तरीके को दी जा सकती है चुनौती'
अपने 26 पन्नों के फैसले में जज मार्क्स ने कहा कि मौत की सजा के हर तरीके को अदालत में चुनौती दी जा सकती है। उन्होंने लिखा कि अगर राज्य फायरिंग स्क्वाड को भी अपनाए तो उसके खिलाफ भी कानूनी चुनौती दी जा सकती है। उन्होंने यह भी माना कि संविधान दर्दरहित मौत की गारंटी नहीं देता, लेकिन किसी व्यक्ति की जान लेने की प्रक्रिया में दर्द का जोखिम पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सकता।
राज्य को अन्य विकल्प अपनाने की छूट
दिलचस्प बात यह है कि जज ने कहा कि राज्य चाहे तो ली की पसंदीदा फांसी की विधि, यानी फायरिंग स्क्वाड, को अपना सकता है। अमेरिकी कानून के तहत फांसी की विधि को चुनौती देने वाले कैदी को कोई वैकल्पिक तरीका भी सुझाना होता है। जज ने कहा कि राज्य के पास फायरिंग स्क्वाड के लिए आवश्यक हथियार, गोला-बारूद और प्रशिक्षण की व्यवस्था करने की क्षमता है।
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दोहरे हत्याकांड का दोषी है कैदी जेफरी ली
जेफरी ली 1998 में हुई एक दोहरे हत्या की वारदात में दोषी ठहराया गया था। अभियोजन पक्ष के अनुसार उसने एक गिरवी दुकान (पॉनशॉप) में लूटपाट के दौरान दुकान मालिक जिमी एलिस और कर्मचारी एलेन थॉम्पसन की गोली मारकर हत्या कर दी थी। मामले की एक और खास बात यह है कि जूरी ने 7-5 के मत से ली को उम्रकैद देने की सिफारिश की थी। लेकिन उस समय एक न्यायाधीश ने जूरी की सिफारिश को खारिज करते हुए उसे मौत की सजा सुनाई थी। बाद में 2017 में अलबामा ने इस व्यवस्था को खत्म कर दिया, जिसके तहत जज जूरी की सजा संबंधी सिफारिश को पलट सकते थे। अब राज्य सरकार इस फैसले की समीक्षा कर रही है और अपील की तैयारी कर सकती है। माना जा रहा है कि यह मामला अंततः अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच सकता है।